भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के बारे में कुछ जानकारियां

मई 3, 2017

रॉ भारत की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसी है ये तो सभी जानते हैं लेकिन रॉ कैसे और क्या काम करती है ये कोई नहीं जानता। रॉ एक गुप्त खुफिया एजेंसी है और इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं की कोई भी इसके काम करने के तरीकों के बारे में कुछ ज्यादा नहीं जानता। आइये आज हम आपको भारत की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसी रॉ के बारे में कुछ रोचक जानकारियां देते हैं जिनके बारे में आपको नहीं पता होगा।

1. RAW का फुल फॉर्म होता है रिसर्च एंड एनालिसिस विंग

2. रॉ का गठन 21 सितम्बर 1968 को इंदिरा गांधी की सरकार के शाषन के दौरान देश की सुरक्षा के मद्देनजर किया गया था। क्योंकि इससे पहले 1962 में भारत-चीन और 1965 में भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े युद्ध हो चुके थे और इनके बाद ही रॉ के गठन का विचार बना।

3. रॉ के कानूनी दर्जे के बारे में अभी भी अस्पष्टता बनी हुई है की क्या वजह है जो RAW एक एजेंसी ना होकर एक विंग हैं।

4. देश की सुरक्षा के मद्देनजर रॉ पर कोई RTI लागू नहीं होती।

5. रॉ में वही व्यक्ति शामिल हो सकता है जिसके माता पिता भारतीय हों।

6. रॉ पर देश की सुरक्षा की भारी जिम्मेदारी होती है और यही कारण है की RAW अपनी रिपोर्ट किसी दूसरे जरिये ना भेजकर सीधे प्रधानमंत्री को भेजती है ताकि इसमें कोई बदलाव और गड़बड़ी की सम्भावना ना रहे।

7. चुनाव रक्षा बलों से रॉ में शामिल होने वाले प्रत्याशी को पहले अपने मूल विभाग से इस्तीफा देना पड़ता है और मिशन पूरा होने के बाद ही वह अपने मूल विभाग को वापस ज्वाइन कर सकता है।

8. RAW ने सिक्किम के नागरिकों को भारत समर्थक बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाई थी और इसी के चलते सिक्किम भारत का हिस्सा बन पाया।

9. रॉ किसी भी मामले में आराम की नौकरी नहीं है यहाँ रहते हुए आपको अपने घरवालों को कुछ भी बताने की अनुमति नहीं होती की आप किस मिशन पर और कहाँ हो, चाहे आपकी जान खतरे में ही क्यों ना हो।

10. अगर आप किसी खेल में बेहतर की तो आपके लिए रॉ ज्वाइन करना थोड़ा आसान हो सकता है।

11. अपने पड़ोसी देशों की भाषाएँ जैसे चीनी, अफगानी, उर्दू आदि की जानकारी और वहां के रंग ढंग की जानकारी आपको रॉ में रहने पर काफी फायदा पहुंचाती है।

12. रॉ एक इतनी मजबूत और महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया एजेंसी होती है की यहाँ काम करने वाले एजेंट्स के घरवालों यहाँ तक की पत्नी को भी ये नहीं पता होता की वो एक RAW एजेंट है।

13. आपको जानकर आश्चर्य होगा की एक RAW एजेंट अगर किसी दूसरे मुल्क में जासूसी करता पकड़ा जाता है तो अपने देश की सरकार सुरक्षा के मद्देनजर ना तो उसकी किसी प्रकार की मदद करती है और उसे पहचानने तक से मना कर देती है। कुछ ऐसा ही भारत के RAW एजेंट रविन्द्र कौशिक के साथ भी हो चूका है।

14. आपको शायद पता ना हो लेकिन भारत के परमाणु कार्यक्रम की गोपनीयता बनाये रखने की जिम्मेदारी RAW के ही कन्धों पर थी।

15. रॉ एजेंट में चौबीसों घंटे हर परिस्थिति में काम करने की काबिलियत होनी चाहिए तभी RAW में टिक सकते हैं।

“कुल कितने देश और महाद्वीप हैं दुनिया में”

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