भारतीय इतिहास के वो क्रांति भरे क्षण जिन्होंने किए बड़े बदलाव

नवम्बर 15, 2017

भारत का इतिहास काफी गौरवपूर्ण रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वैदिक सभ्यता, मौर्या से लेकर गुप्तों तक का शासनकाल सभी का एक समृद्ध इतिहास रहा है। भारतीय इतिहास में कई वीरतापूर्ण कथाएं शामिल है। इसके अलावा कई ऐसे युद्ध रहे हैं जिन्होंने सत्ता की नींव हिला दी थी। आंदोलन से लेकर संघर्ष तक की कथाओं से भारतीय इतिहास भरा हुआ है। आज हम आपको भारतीय इतिहास से जुड़ी हुई ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताते हैं।

1. प्लासी का युद्ध – यह युद्ध अंग्रेजों को उखाड़ने की पहली कोशिश थी। यह युद्ध 23 जून 1757 को बंगाल के प्लासी नामक जगह पर रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुआ था। इस युद्ध के पीछे काल कोठरी कांड, कलकत्ता पर अंग्रेजों के अधिकार जमाने की कोशिश और बंगाल के नवाब द्वारा अंग्रेजों की हुकूमत को स्वीकार ना करना शामिल था। यह युद्ध स्वतंत्रता प्राप्ति की दिशा में पहली चिंगारी थी।

2. पहला स्वतंत्रता संग्राम – 1857 की क्रांति को भारत के इतिहास में पहला स्वतंतत्रता संग्राम कहा जाता है। इस क्रांति के पीछे राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और तात्कालिक कारण थे। इसमें प्रतीक चिह्नों के तौर पर कमल और रोटी को चुना गया था। इस संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे जैसी शख्सियतों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और बहादुर शाह जफर द्वितीय को भारत का राजा घोषित किया गया था।

3. स्वदेशी आंदोलन – 1905 में बंगाल के विभाजन के बाद अंग्रेजों का विरोध करने के लिए सभी देशवासियों ने विदेशी सामान की होली जलाई थी। देशवासियों ने हर उस सेवा और चीज का बहिष्कार कर दिया था जिसका अंग्रेजों से कोई संबंध था। इस आंदोलन ने अंग्रेजों को हिलाकर रख दिया था।

4. काकोरी कांड – 9 अगस्त 1925 को सहारनपुर से लेकर लखनऊ जा रही खजाने से भरी ट्रेन को रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद और 6 लोगों ने मिलकर लूट लिया था। लूट के पीछे कारण था इस खजाने का भारतीय लोगों का होना जिसे अंग्रेज छुपाकर ले जा रहे थे।

5. सविनय अवज्ञा आंदोलन – महात्मा गांधी के नेतृत्व में इस आंदोलन का उद्देश्य गैरकानूनी प्रक्रिया को बंद करना था। इसके अलावा स्वराज की मांग इस आंदोलन से शुरू हुई थी।

6. नमक सत्याग्रह – इस आंदोलन का नेतृत्व भी गांधीजी ने किया था। इसे दाण्डी यात्रा के नाम से भी जाना जाता है। 12 मार्च 1930 को गांधीजी ने 78 व्यक्तियों के साथ साबरमती आश्रम से इस आंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन में विदेशी नमक का बहिष्कार करके खुद के देश में नमक बनाया गया था। इससे नमक कानून टूटा था।

7. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना – 1885 में ए.ओ. ह्यूम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की थी। इसकी स्थापना स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए एक वैचारिक संस्था के तौर पर की गई थी। इसके बाद कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और आजादी के बाद पहली सरकार बनाई।

8. झंडा सत्याग्रह – झंडा सत्याग्रह की शुरुआत जबलपुर के टाउन हॉल से हुई थी। अंग्रेजों द्वारा किए गए भारतीय झंडे का अपमान और भारतीय झंडे को सम्मान दिलाने के लिए इस आंदोलन को किया गया था। राष्ट्रीय स्तर पर इस आंदोलन की शुरुआत नागपुर से हुई थी। 18 मार्च 1923 को सुंदरलाल ने टाउन हॉल पर झंडा फहराया था।

तो ये थे हमारे इतिहास के वो गौरवपूर्ण और क्रांति से भर देने वाले क्षण जिसने बड़े बदलाव किए। इसमें हमने सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वैदिक सभ्यता, मौर्या से लेकर गुप्तों तक का शासनकाल की महत्वपूर्ण बातें जानी।

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