बिगडैल बच्चों का व्यवहार सुधारने के लिए अपनाएं ये टिप्स

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कहा जाता है कि मां-बाप बच्चे के पहले टीचर होते हैं। बच्चे का सबसे ज्यादा समय अपने मां-बाप के साथ ही बीतता है और बचपन में बच्चा जो कुछ भी सीखता है अपने मां-बाप से ही सीखता है। ऐसे में हर पेरेंट्स यह चाहते हैं कि वे अपने बच्चे को अच्छी परवरिश दें और उनमें अच्छे संस्कार डालें। कभी-कभी स्कूल और पड़ोसियों से बच्चे की शिकायत मिलने पर लोग सबसे पहले मां-बाप पर यह कहते हुए ऊंगली उठाते हैं कि बच्चे के पेरेंट्स ने जैसा संस्कार दिया है बच्चा वैसा ही कर रहा है।

वैसे तो हर पेरेंट्स अपने बच्चे को अच्छा संस्कार देते हैं लेकिन कभी-कभी बच्चा बहुत जिद्दी स्वभाव का हो जाता है और जैसे-जैसे वह बड़ा होता है उसका स्वभाव उतनी ही तेजी से बदलता है। अगर आपका भी बच्चा जिद्दी है या उसके स्वभाव में आपको कुछ अलग बदलाव दिख रहा हो तो जानें कि कैसे सुधारे अपने बच्चे का व्यवहार।

अच्छा बर्ताव करें- बच्चा जब उल्टी-सीधी हरकतें करे तो उसे पीटकर या तेज डांट लगाकर अपना सारा गुस्सा उस पर ना उतारें। उस वक्त आपको भले ही बच्चे को सुधारने का यह सबसे ज्यादा कारगर तरीका लगे लेकिन इसका बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उसके कोमल मन में यह बात बैठ जाती है कि जब भी वह कोई हरकत करेगा उसे मार पड़ेगी और वह उतना ही जिद्दी बना रहता है। इसलिए बच्चे के साथ प्यार से पेश आएं।

बच्चे के साथ दोस्त बनकर रहें- बच्चे की पसंद-नापसंद का पूरा ख्याल रखें। समय निकालकर उसके साथ खेलें और खेल-खेल में ही उसे कुछ ज्ञान की बातें सीखाने की कोशिश करें। इससे बच्चा आपके सबसे ज्यादा करीब रहेगा और जब कभी भी जिद करेगा तो आप आसानी से उसे समझा सकते हैं।

सही बॉडी लैंग्वेज यूज करें- कभी-कभी स्कूल या घर में लोग बात-बात पर बच्चे के पिछवाड़े या सिर में मारते रहते हैं। इससे बच्चा काफी इरिटेट होने लगता है। इसलिए बच्चे के साथ सही बॉडी लैंग्वेज अपनाएं ताकि वह अनजाने में ही सही लेकिन आपकी बुरी आदतों को सीखकर कल को आपकी कॉपी न करे।

रोल मॉडल बनें- अपने बच्चे को रोजाना कुछ न कुछ नया सिखाएं। अगर आप बहुत व्यस्त रहते हैं तो भी हफ्ते के अंत में बच्चे के लिए जरूर समय निकालें। बच्चे को कभी अकेलापन महसूस न होने दें। जब आप उसका ध्यान रखेंगे तो बच्चा खुद को आपके करीब पाएगा और कोई गलत हरकत सीखेगा तो आप आसानी से उसे समझा सकते हैं।

बच्चे को सरप्राइज दें- ज्यादातर बच्चे किसी वजह से ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं। कभी-कभी मां-बाप के पास टाइम न रहने की वजह से वे अपने घर में खुद को ज्यादा उपेक्षित मानते हैं इसकी वजह से उनके व्यवहार में बदलाव आने लगता है। इसलिए स्कूल में उसकी अच्छी परफार्मेंस के लिए समय-समय पर उसकी मनचाही वस्तुएं लाकर उसे दें। हर पल उसे यह एहसास दिलाएं कि उसकी हर एक्टिविटी पर आपकी नजर है। मौका मिले तो तारीफ करने से ना चूकें।

प्यार से समझाएं- अगर बच्चा कोई गलत हरकत या किसी चीज के लिए जिद करता है तो उसे आंख दिखाने की बजाय प्यार से समझाएं। बच्चे के सामने उसकी तुलना किसी और बच्चे से ना करें। उसे यह एहसास दिलाएं कि वह आपके लिए कितना स्पेशल है। इससे बच्चा आपके ज्यादा करीब होगा और उसके खराब व्यवहार में भी सुधार होगा।

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