ऐसे देश जिनके पास आज भी नहीं है खुद की सेना

जून 1, 2017

देश की सुरक्षा का भार वहां की सेना के कन्धों पर ही होता है, कई मुख्य देश ऐसे हैं जो दुनिया की सबसे ताकतवर और ज्यादा संख्या वाली सेना के लिए जाने जाते हैं और वो समय समय पर अपने देश की सुरक्षा के लिए अपनी सैनिक ताकत का प्रदर्शन भी करते रहते हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा की आज भी कुछ ऐसे देश हैं जिनके पास कोई सेना नहीं है और इनमे से कई देश सेना की जरुरत के लिए अपने पक्ष रख चुके हैं। आइये आपको भी बताते हैं ऐसे देशों के बारे में जिनके पास अपनी कोई खुद की सेना नहीं है।

समोआ – 1962 में न्यूजीलैंड की गुलामी से आजाद हुए देश समोआ ने आजादी के बाद अपनी कोई सेना तैयार नहीं की। दरअसल आजादी के दौरान समोआ और यूजीलैंड में ये संधि हुई थी की जब भी देश को सेना द्वारा सुरक्षा की जरुरत होगी तो न्यूजीलैंड अपनी सेना उपलब्ध कराएगा।

अंडोरा – यूरोपीय देश अंडोरा की स्थापना 1278 में की गई थी जिसके पास अपनी खुद की सेना नहीं है। हालाँकि जरुरत के समय स्पेन और फ्रांस ने अंडोरा की सहायता के लिए अपनी सेना द्वारा मदद करने की बात कही है।

कोस्टा रिका – कोस्टा रिका एक मध्य अमेरिकी देश है जिसके पास खुद की सेना नहीं है। दरअसल 1948 में वहां हुए राष्ट्रपति चुनावों में बड़े स्तर पर धांधलियां हुई थी जिसका वहां की आम जनता ने पुरजोर विरोध किया और नया सविधान बनाकर सत्ता पर कब्ज़ा जमा लिया और इस नए संविधान में सेना को समाप्त कर दिया गया। सेना खत्म करने के बाद भी वहां की स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है , 1953 से अब तक कोस्टा रिका में 14 राष्ट्रपति चुनाव हो चुके हैं और सभी शांतिपूर्ण रहे हैं।

तुवालू – 2014 में समोआ और तुवालू को भारत प्रशांत द्वीप सहयोग संगठन का हिस्सा बनाया गया है। तुवालू एक छोटा सा देश है जो मात्र 26 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है और ये सिर्फ 10000 लोगों की आबादी वाला देश है जिसके पास अपनी खुद की सेना नहीं है।

वैटिकन – वैटिकन इटली की राजधानी रोम में स्थित है जो दुनिया का सबसे छोटा और सबसे कम आबादी वाला देश है। वैटिकन मात्र 0.44 वर्ग किलोमीटर में फैला है जिसकी आबादी है मात्र 840। वैटिकन ही वह देश है जो कैथोलिक गिरजे का मुख्यालय है जहां गिरजे के प्रमुख पोप और चर्च के दूसरे अधिकारी रहते हैं।

लिष्टेनश्टाइन – लिष्टेनश्टाइन केंद्रीय यूरोप का एक छोटा सा देश है जिसे 1868 में मजबूरन अपनी सेना को भंग करना पड़ा। दरअसल उस समय देश में बहुत आर्थिक तंगी चल रही थी और सेना का खर्च देश वहन नहीं कर पा रहा था जिस कारण सेना का बहिष्कार करना पड़ा। हालाँकि विचार ये किया गया की जब भी युद्ध होगा सेना फिर से तैयार कर ली जाएगी लेकिन अब तक देश को किसी युद्ध का सामना नहीं करना पड़ा है।

ग्रेनेडा – ग्रेनेडा करीब 344 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ देश है जो एक बड़े द्वीप और 6 छोटे छोटे द्वीपों से मिलकर बना है। 105,000 आबादी वाला और कैरिबिक और अटलांटिक के बीच स्थित है यह देश मसालों के लिए काफी फेमस है। 1983 से पहले इस देश के पास खुद की सेना थी लेकिन 1983 में सैनिक विद्रोह और अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद यहाँ सेना को भंग कर दिया गया और तब से यहाँ कोई सेना नहीं है।

नाउरू – द्वीप राष्ट्र नाउरू प्रशांत महासागर में स्थित है जो 21.10 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और ये करीब 10,000 की आबादी वाला देश है। नाउरू के पास खुद की सेना नहीं है लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने जरुरत पड़ने पर नाउरू को सुरक्षा के लिए अपनी सेना की सहायता देने की जिम्मेदारी उठाई है।

“इन देशों के पास हैं सबसे ज्यादा परमाणु हथियार”
“जानिए मुस्लिम देश में स्थित “टेंपल ऑफ फायर” मंदिर की दिलचस्प बातें”
“ये 10 बड़े आविष्कार भारत की देन है लेकिन लोग मानते हैं विदेशी”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें