आइये जानते हैं ब्रेन मलेरिया क्या है। मलेरिया एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिससे हर साल लाखों लोग अपनी जान गँवा देते हैं और अगर मलेरिया मस्तिष्क तक पहुंच जाए तो स्थिति बहुत ज्यादा खतरनाक हो जाती है।

ऐसे में आज जानते हैं ब्रेन मलेरिया/ सेरेब्रल मलेरिया या दिमागी बुखार के बारे में।

ब्रेन मलेरिया क्या है? 1

ब्रेन मलेरिया क्या है?

मलेरिया से ग्रस्त होने पर अगर मरीज को पूरी देखरेख, हेल्दी डाइट, लिक्विड की पर्याप्त मात्रा और सही उपचार ना मिले तो मलेरिया मस्तिष्क तक पहुँचने का ख़तरा बहुत बढ़ जाता है।

मलेरिया के परजीवी पांच तरह के होते हैं लेकिन मलेरिया का प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम रुप सबसे गंभीर और खतरनाक होता है। अगर इसका परजीवी दिमाग में पहुंच जाए तो मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को ब्रेन हैमरेज भी हो सकता है।

इलाज में देरी होने पर सेरिब्रल मलेरिया से ग्रस्त बच्चे कोमा में जा सकते हैं और ठीक होने के बाद भी पैरालाइज होने का ख़तरा हो सकता है।

प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम का शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि व्यक्ति अपनी याद्दाश्त खोने लगता है और उसे बेहोशी और चक्कर आने लगते हैं। सेरेब्रल मलेरिया में तिल्ली का आकार बढ़ जाता है और खून की कमी हो जाती है।

मलेरिया के इस रुप में परजीवी मस्तिष्क के ऊतकों के जरिये ब्लड सप्लाई करने वाली कोशिकाओं को प्रभावित करता है। समय रहते अगर ब्रेन मलेरिया की पहचान हो जाये तो इसका निदान करना आसान हो जाता है।

रिसर्च बताते हैं कि ब्रेन मलेरिया के मरीजों के रेटिना का परीक्षण करके ब्रेन मलेरिया की पहचान की जा सकती है। अगर रेटिना पर अपारदर्शी धब्बे हो और रक्त नलिकाओं का रंग सफेद होने के निशान हो तो इसका अर्थ है कि रेटिना से स्राव हो रहा है और आँखों की नसों में सूजन आ गयी है।

ये सेरेब्रल मलेरिया के लक्षण होते हैं। सेरेब्रल मलेरिया से बचाव के लिए आवश्यक है कि मलेरिया से दूरी बनाये रखी जाए। इसके लिए-

  • घर में पानी जमा ना होने दें।
  • आसपास जमा पानी में तेल डाल दें ताकि मच्छर पनप ना सकें।
  • बंद कमरे में कॉइल का प्रयोग ना करें।
  • हल्का बुखार आने पर भी तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

उम्मीद है जागरूक पर ब्रेन मलेरिया क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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