ब्रेन स्ट्रोक क्या है?

मई 17, 2018

ब्रेन स्ट्रोक या मस्तिष्क का दौरा एक ऐसी आपातकालीन स्थिति है जिसका तुरंत उपचार किया जाए तो मस्तिष्क को होने वाली भारी क्षति को रोका जा सकता है। ऐसे में ब्रेन स्ट्रोक को करीब से जानना फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इसके कारण और लक्षणों के बारे में जानकर इसके प्रति सतर्क हुआ जा सकता है और ब्रेन को होने वाले नुकसान से बचाव की संभावना भी बढ़ाई जा सकती है। तो चलिए, आज जानते हैं ब्रेन स्ट्रोक के बारे में–

जब किसी कारण से ब्रेन में कोई ब्लड वेसल फट जाती है या ब्रेन में ब्लड सप्लाई रुक जाती है तो ब्रेन को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलना बंद हो जाता है जिसके कारण कुछ मिनटों में ही ब्रेन की कोशिकाएं मरने लगती हैं जिससे ब्रेन का कुछ हिस्सा डैमेज होने लगता है। कभी-कभी तो ब्रेन डेड भी हो जाता है। ये स्ट्रोक इतना प्रभावी होता है कि इससे दीर्घकालिक विकलांगता आ सकती है। इतना ही नहीं, व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

स्ट्रोक के प्रकारब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से तीन तरह का होता है-

1. क्षणिक इस्कीमिक – इसे मिनी स्ट्रोक भी कहा जाता है जिसमें खून का एक थक्का ब्रेन में कुछ समय के लिये ब्लड फ्लो को रोक देता है।

2. इस्कीमिक – अनुमान के अनुसार 87%  ब्रेन स्ट्रोक इसी प्रकार के होते हैं। इसमें भी एक रक्त का थक्का ब्रेन में ब्लड फ्लो और सप्लाई को रोक  देता है। ये रक्त का थक्का एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण बनता है यानी ब्लड वेसल की आंतरिक परतों पर वसायुक्त जमाव होने के कारण ब्लड फ्लो और सप्लाई बाधित हो जाती है।

3. रक्तस्रावी स्ट्रोक – जब ब्रेन में ब्लड वेसल टूट जाती है तो ब्लड आसपास के ऊतकों में फैलने लगता है इसलिए इसे रक्तस्रावी स्ट्रोक कहते हैं।

स्ट्रोक के लक्षण-

  1. एक या दोनों आँखों में देखने में परेशानी होना या धुंधला दिखाई देना। हर चीज़ दो-दो दिखाई देना और आँखों के आगे अँधेरा छा जाना।
  2. अचानक चक्कर आना, चलने में परेशानी होना। संतुलन बनाने में मुश्किल अनुभव होना।
  3. अचानक तेज सिरदर्द होना।
  4. लकवा होना, शरीर का एक हिस्सा सुन्न हो जाना या चेहरे, बांह या पैर का सुन्न होना।
  5. बोलने और समझने में दिक्कत होना। बोलने की गति कम हो जाना और समझने में कठिनाई का अनुभव करना।

FAST का अर्थ समझना जरुरी है-

F – FACE = व्यक्ति के मुस्कुराने पर अगर उसके फेस का एक हिस्सा झुका हुआ हो
A – ARM = व्यक्ति जब दोनों आर्म्स ऊपर उठायें और ऐसा करने के बाद एक हाथ गिर जाए
S -SPEECH = अगर व्यक्ति द्वारा एक सरल वाक्य दोहराने में आवाज लड़खड़ाए
T -TIME =  इनमें से कोई भी संकेत दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें और न्यूरोसर्जन से संपर्क करें।

स्ट्रोक के कारणहर स्ट्रोक के कारण अलग-अलग होते हैं-

इस्केमिक स्ट्रोक – इस प्रकार के स्ट्रोक का कारण ब्रेन को ब्लड सप्लाई करने वाली धमनियों में से किसी एक में रक्त का थक्का यानी थ्रोम्बस बन जाना होता है।

क्षणिक इस्केमिक स्ट्रोक – इस स्ट्रोक में भी इस्केमिक स्ट्रोक की तरह, खून का थक्का ब्रेन के किसी हिस्से में ब्लड फ्लो को बाधित कर देता है लेकिन ये स्ट्रोक अस्थायी होता है और इस दौरान ब्लड फ्लो 5 मिनट से भी कम समय के लिए रुकता है लेकिन इस स्थिति को नजरअंदाज ना करें क्योंकि ऐसा करने पर आगे चलकर ये गंभीर स्ट्रोक का रूप भी ले सकता है।

रक्तस्रावी स्ट्रोक – इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे जन्म के समय पतली दीवारों वाली ब्लड वेसल्स का टूटना, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर रहना या ब्लड वेसल की दीवारों पर हल्के या कमजोर स्पॉट्स का होना।

स्ट्रोक से बचाव के लिए क्या करें-

स्वस्थ जीवनशैली स्ट्रोक के खतरे को दूर कर सकती है जिसमें –

दोस्तों, ब्रेन स्ट्रोक एक जानलेवा बीमारी है जिसके छोटे-छोटे संकेतों को अगर समय रहते समझ लिया जाए तो सम्बंधित व्यक्ति की जान बचायी जा सकती है और स्ट्रोक से गंभीर रूप से प्रभावित होने से भी बचाया जा सकता है और अब आप जान चुके हैं कि स्ट्रोक क्या होता है और इसके लक्षणों से भी अब आप परिचित हैं। ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली को अपनाइये जिसमें पौष्टिक आहार, व्यायाम शामिल हो और नशीले पदार्थों से दूरी हो।

उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और इस जानकारी के बाद आप समय रहते किसी अपने को स्ट्रोक के खतरे से सुरक्षित कर पाएंगे और खुद भी स्वस्थ और सुरक्षित बने रहेंगे।

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