ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क कैंसर) क्या है?

अप्रैल 2, 2018

हेल्दी बॉडी में एक हेल्दी ब्रेन होना बेहद जरुरी होता है जो पूरे शरीर से जुड़े अहम निर्णय लेता है और मेमोरी को भी बनाये रखता है लेकिन जब ब्रेन ही ठीक से काम करना बंद कर दे और गंभीर रूप से बीमार हो जाये तो स्वस्थ शरीर की कल्पना करना भी मुश्किल हो जाता है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क से शुरू होकर शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित करने लगती है। ये ट्यूमर मस्तिष्क से जुड़े किसी भी भाग में विकसित हो सकता है और मस्तिष्क पर दबाव डालकर ऊतकों को नष्ट कर सकता है। ऐसे में ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी ख़ास जानकारी आपके पास भी होनी चाहिए ताकि आप समय रहते इसकी आहट को सुन सके और अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाये रख सके। तो चलिए, आज जानते हैं ब्रेन ट्यूमर के बारे में–

ब्रेन ट्यूमर क्या है – इस बीमारी में ब्रेन के टिश्यूज (ऊतकों) में घातक कैंसर सेल्स विकसित होने लगती हैं। ये ब्रेन में ऊतकों के समूह या ट्यूमर के रूप में बढ़ती जाती है और ब्रेन की कार्यप्रणाली को बाधित करने लगती है जिससे ब्रेन द्वारा मांसपेशियों पर नियंत्रण रखना मुश्किल होने लगता है और याद्दाश्त भी कम होने लगती है। ऐसी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं और समय बढ़ने के साथ पेचीदा होती चली जाती हैं।

ब्रेन ट्यूमर के क्या लक्षण होते हैं-

ब्रेन ट्यूमर होने के कारण क्या हैं – ब्रेन ट्यूमर होने के कारणों की स्पष्ट जानकारी तो नहीं है लेकिन ऐसे फैक्टर्स के बारे में जरूर जाना जा सकता है जो इस ट्यूमर के बनने और विकसित होने में सहायक की भूमिका निभाते हैं-

ब्रेन ट्यूमर को रोका कैसे जाए –  ब्रेन ट्यूमर को रोकने का कोई तरीका फिलहाल मौजूद नहीं है। इस ट्यूमर का जल्दी निदान और उपचार करके ही ट्यूमर बढ़ने के ख़तरे को रोका जा सकता है। अपनी लाइफस्टाइल में इस तरह का सुधार किया जाए जिससे रेडिएशन से दूरी बनायी रखी जा सके।

ब्रेन ट्यूमर की जाँच कैसे होती है – ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों का अंदेशा होने पर डॉक्टर द्वारा न्यूरोलॉजिक टेस्ट, एमआरआई, सीटी- स्कैन, एंजियोग्राम और बायोप्सी जैसे कुछ टेस्ट किये जाते हैं।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज कैसे होता है-

सर्जरी – अगर मस्तिष्क में ट्यूमर ऐसी जगह पर है जिसे ऑपरेशन के जरिये निकाला जा सकता है तो सर्जरी से उस ट्यूमर को निकाल दिया जाता है।

रेडिएशन थेरेपी – इस थेरेपी में ट्यूमर वाली सेल्स को नष्ट करने के लिए एक्स-रे या प्रोटोन्स जैसी उच्च ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है।

कीमोथेरेपी – इस थेरेपी में दवाओं के जरिये ट्यूमर सेल्स को नष्ट किया जाता है। ये दवा टेबलेट के रूप में और नसों में इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं।

टारगेटेड ड्रग थेरेपी – ब्रेन कैंसर के दौरान उत्पन्न हुयी असामान्यताओं को रोकने के लिए ये थेरेपी काम में ली जाती है।

दोस्तों, ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी ख़ास जानकारी अब आपके पास है इसलिए अपने स्वास्थ्य पर पैनी नज़र बनाये रखे और किसी भी तरह की असामान्यता महसूस होने पर डॉक्टर तक पहुँचने में ज़रा भी देर ना लगाएं क्योंकि ये बीमारी जितना जल्दी पहचान में आ जाये, उतना जल्द इससे बचाव संभव हो सकता है। उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

“पुरुषों में कैंसर के 10 शुरुआती लक्षण”

अगर आप हिन्दी भाषा से प्रेम करते हैं और ये जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी तो जरूर शेयर करें।
शेयर करें