कैल्शियम के स्रोत – जानिए किन किन चीज़ों से मिलता है कैल्शियम

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कैल्शियम शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। शरीर का 99% कैल्शियम हड्डियों और दाँतों में होता है। इससे दाँतों और हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसके अलावा कैल्शियम शरीर के लिए और भी बहुत काम आता है जैसे ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना, स्वस्थ रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखना और रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है। बचपन से ही शरीर 60% कैल्शियम को अवशोषित करता है जो बढ़ती उम्र के साथ अवशोषित मात्रा और बढ़ जाती है। पीरियड्स और प्रसव के दौरान महिलाओं में कैल्शियम अधिक नष्ट होता है इसलिए महिलाओं में कैल्शियम की कमी अधिक होती है। कैल्शियम की कमी से कोशिकाएं शरीर की हड्डियों में स्टोर कैल्शियम का उपयोग करती है, जिससे हड्डियां काफी कमजोर होने लगती हैं और फिर शरीर हड्डियों से संबंधित कई रोगों की चपेट में आ जाता है जैसे – मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों का दर्द आदि समस्या का खतरा बना रहता हैं। इसलिए अपने आहार में कैल्शियम का पूरा ध्यान रखे। कैल्शियम के स्रोत –

1. पनीर – 100 ग्राम में 1000 मि.ग्रा. कैल्शियम होता है।
2. दही – 100 ग्राम में 110 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
3. हरी पत्तेदार सब्जियाँ – 100 ग्राम हरी सब्जी में 100 से 190 मि.ग्रा तक कैल्शियम होता है।
4. दूध – एक गिलास दूध में 240-300 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
5. बादाम – 100 ग्राम में 266 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
6. अंजीर – 100 ग्राम में 26 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
7. ब्रॉकली – 100 ग्राम में 47 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
8. तिल – एक छोटे चम्मच तिल में 88 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
9. सोयाबीन – एक कप में 200 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।
10. रागी – 100 ग्राम में 336 मि.ग्रा कैल्शियम होता है।

इसके अलावा कैल्शियम के स्रोत – सलाद, फल, केला, नारियल, वाइट बींस, सेल्मन मछली, दलिया, राजमा, ओटमील, सूखे हर्ब, गेहूं व बाजरा, आंवला, टमाटर, लहसुन, सिंघाड़ा, मूँगफली, सूर्य मुखी के बीज, पिस्ता, खजूर, दालें, चना आदि भी कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोत हैं। अब आपके पास बहुत से कैल्शियम के स्रोत है आपको जो पसंद हो वो खाइए और स्वस्थ रहिए। उम्र के हिसाब से कैल्शियम की जरूरत बढ़ती रहती है। 1 से 3 साल तक के बच्चे को 500 मिग्रा कैल्शियम, 4 से 8 साल तक के बच्चों को 800 मिग्रा कैल्शियम, 9 से 18 साल तक के बच्चों को 1300 मिग्रा कैल्शियम, 19 से 50 साल तक के वयस्कों के लिए 1000 मिग्रा और 51 साल के बाद तक के लोगों को 1200 मिग्रा कैल्शियम का रोजाना सेवन करना चाहिए। शरीर कैल्शियम को तभी पचा और अवशोषण कर सकता है जब फास्फोरस और विटामिन डी भी शरीर को प्राप्त हो। कैल्शियम युक्त भोजन से फास्फोरस की जरूरत पूरी हो जाती है लेकिन विटामिन डी की पूर्ति सूरज की रोशनी से ही होती है जो स्वस्थ हड्डियों के लिए अनिवार्य है। पौष्टिक और संतुलित भोजन से शरीर में कैल्शियम की जरूरत पूरी हो जाती है इसलिए चिकित्सक की सलाह के बिना कैल्शियम सपलिमेंट्‍स ना लें यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

शरीर की क्षमता को देखते हुए कैल्शियम की सही मात्रा के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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