कैलकुलेटर का आविष्कार किसने कब और कैसे किया?

आज के समय में साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है और नित नए आविष्कार करने की ओर प्रयासरत है। साइंस की इस तरक्की में इंसानों का ही हाथ है और आधुनिक आविष्कारों का फायदा भी इंसानों को ही हुआ है। इस आधुनिक युग में कई बड़े बड़े काम चुटकी में संभव हो गए हैं। अगर इलेक्ट्रिकल चीज़ों के आविष्कारों की बात करें तो मोबाइल फोन एक बेहद अद्भुत आविष्कार हुआ है जिससे पूरी दुनिया दूर बैठे हुए भी एक दूसरे के संपर्क में है। ऐसे ही पहले के समय बड़ी बड़ी संख्याओं का जोड़, गुना, भाग आदि काफी कठिन हुआ करता था और फिर धीरे धीरे कैलकुलेटर का आविष्कार हुआ जिसने गणनाओं को बहुत आसान बना दिया।

कैलकुलेटर की वजह से आज हम बड़ी बड़ी गणनाओं को सेकंडों में हल कर लेते हैं। यूँ तो कैलकुलेटर का आविष्कार काफी समय पहले हो चूका था लेकिन धीरे धीरे इसमें और सुधार होता गया और आज साधारण कैलकुलेटर से लेकर साइंटिफिक कैलकुलेटर बाजार में उपलब्ध हैं। आज के समय में कंप्यूटर और मोबाइल फ़ोन में भी कैलकुलेटर आने लगा है।

कैलकुलेटर एक छोटा पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो गणित की गणनाओं और सवालों को हल करने में काफी मददगार साबित होता है। यूँ तो आजकल बड़ी बड़ी गणनाओं के लिए कंप्यूटर का सहारा लिया जाता है लेकिन छोटी मोटी गणनाओं के लिए आज भी कैलकुलेटर ही उपयोग में लिया जाता है जो इस्तेमाल करने में भी बेहद आसान है। आज बाजार में कई तरह के कैलकुलेटर उपलब्ध हैं कुछ सेल से चलते हैं तो कुछ में सोलर पैनल आता है जिससे ये सूर्य की धूप से खुद ही चार्ज हो जाते हैं।

कैलकुलेटर का इस्तेमाल 17वीं सदी से ही होता आ रहा है लेकिन उस समय यांत्रिक कैलकुलेटर काम में लिए जाते थे। आपको बता दें की यांत्रिक कैलकुलेटर का आविष्कार विल्हेम शिकार्ड ने सन 1642 में किया था और इसे ब्लेज पास्‍कल का नाम दिया गया था।

इसके बाद समय के साथ-साथ कैलकुलेटर में कई बदलाव किये गए और 19वीं सदी में उद्योगी क्रांति के दौरान नए-नए कैलकुलेटर का आविष्कार होने लगा। आगे चलकर सन 1902 में अमेरिका में जेम्स एल डाल्टन ने डाल्टन एडिंग मशीन का आविष्कार किया और सन 1948 में कर्टा कैलकुलेटर विकसित किया गया। हालाँकि ये कैलकुलेटर थोड़ा महंगा था लेकिन इससे किसी भी डाटा की कैलकुलेशन आसानी से संभव हो जाती थी।

इसके बाद समय के साथ साथ इसमें और सुधार किये गए और सन 1960 के दशक में इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर विकसित किया गया जो आकार में भी काफी छोटा था जिसे आसानी से अपनी जेब में रखा जा सकता था। इसके बाद सन 1970 के दशक में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी इंटेल और जापानी कैलकुलेटर बनाने वाली कंपनी Busicom ने मिलकर छोटे आकार वाले इलेक्ट्रॉनिक और आधुनिक कैलकुलेटर बनाने में प्रगति की जिन्हें आज भी इस्तेमाल किया जाता है।

आज के समय में काफी आधुनिक कैलकुलेटर बाजार में उपलब्ध हैं जिनके जरिये त्रिकोणमिति फंक्शन्स को भी आसानी से हल किया जा सकता है। हो सकता है आने वाले समय में इसमें और सुधार हो और हमें इससे भी आधुनिक कैलकुलेटर इस्तेमाल करने को मिलें।

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