कम खाकर भी रह सकते हैं सेहतमंद, अपनाएँ ये तरीके

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दोस्तों, नये साल में बहुत कुछ बदल रहा है. कोई पढ़ने की सोच रहा है तो कोई अपने घर के बजट को नियंत्रित करने की तो कोई देश सेवा का संकल्प ले रहा है. तो फिर क्यों ना हम इस साल से अपनी सेहत में भी थोड़ा सा बदलाव और सुधार लाने की कोशिश करें. जैसा की आप सभी जानते है अच्छी सेहत हमारी सबसे बड़ी पूंजी होती है. वैसे आजकल के लोग अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देते है, जैसे कोई जिम जाता है तो कोई कसरत करता है तो कोई अपने ख़ान-पान पर पूरा ध्यान देते है. हर कोई चाहता है की वे फिट दिखे. क्योकि जीवन का मज़ा आप तभी ले पाएंगे जब आप स्वस्थ होंगे. अच्छी सेहत कितनी जरूरी है, इस बात को आप स्टीव जॉब्स के द्वारा अंतिम समय में कहे आखरी शब्दों से जरूर समझ पाएंगे.

हॉस्पिटल का बैड विश्व का सबसे कीमती बैड है, क्योकि पैसा होने पर आप अपने लिए ड्रायवर रख सकते हो, लेकिन बेशुमार दौलत होने की स्थिति में भी आप बीमार होने पर अपनी जगह किसी अन्य को कष्ट सहने और दवाइयाँ खाने के लिए नही रख सकते. क्या आप जानते है आप ऐसा क्यों नही कर सकते, क्योकि जीवन को छोड़कर आप सब कुछ दोबारा कमा सकते है.

वैसे तो आजकल लोग अपने प्रति बहुत सतर्क है. हो सकता है आपका हर तरीका भी बहुत कारगर हो! लेकिन आजकल की जीवनशैली ही बहुत अनियंत्रित है. जिस कारण अधिकांश लोग मोटापे के शिकार हो रहे है. यहाँ तक की बच्चें भी इस पीड़ा से वंचित नही है. वे नही समझ पा रहे यह जीवनशैली उन्हें एक बीमार बिस्तर की ओर ले जा रही है. जिसके बारे में स्टीव जॉब्स अपने आखरी शब्दों में इशारा कर रहे थे. इसलिए अच्छी सेहत की कीमत को समझे क्योकि सेहत अच्छी होगी तभी आप अपने और अपनो का जीवन खुशनुमा बना पाएंगे. अच्छी सेहत और फिटनेस की खुशी को पाने का एक मूल मंत्र है – कुछ घण्टों के अंतराल में थोड़ा-थोड़ा खाते रहे. कम खाएं और पानी अधिक पिएं. अगर आप अपनी सेहत को सेहतमंद बनाना चाहते है और अच्छे परिणाम की चाह रखते है तो आपको इन सब छोटी-छोटी बातों पर अमल करना होगा. कई बार हम अपनी सेहत को लेकर लापरवाह भी हो जाते है. जब तक भूख नही लगती हम कुछ खाते-पीते नही है और फिर जब खाते है तो पता नही चलता कितना खा लिया. जिसके कारण शरीर में फ़ैट और कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है. जो धीरे-धीरे मोटापा और अन्य बीमारी का रुख़ ले लेती है. इसलिए कम में भी अच्छा और एक डाइट प्लान के साथ खाएं.

तो आइये, ज्यादा खाने की आदत से बचने के कुछ कारगर नियम और टिप्स को अपनायें. जो आपको हमेशा सेहतमंद बनायें रखेगा.

1. एतिहात बरतें – भोजन समयनुसार नियमित लें. कम खाएं लेकिन भूखे ना रहे. खाना खाने के लिए छोटे बर्तनों का चुनाव करें. बड़े बर्तन में अधिक खाना आता है और जूठा ना छोड़ने की स्थिति में अधिक खाना हो जाता है. जिस कारण हम धीरे-धीरे अधिक खाने के आदि हो जाते है. दूसरा तर्क यह भी है बड़ी प्लेट में कम खाने की चीजों को देखकर हम संतुष्ट भी नही होते. इस स्थिति में छोटी प्लेट भरकर भी खाने पर हम संतुष्ट भी होंगे और कम भी खाएंगे.

2. पानी पिएं – अधिक पानी पीने की आदत स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी है. यह बात जानते हुए भी हम इसे अपने ऊपर लागू नही कर पाते. इसकी वजह है व्यस्तता. इसलिए अपने आस-पास पानी की व्यवस्था बनाए रखे, जिससे प्यास लगने की स्थिति में आप प्यासे ना रहे. अपने पास हमेशा एक बोतल रखे. दफ़्तर में बोतल की जगह एक गिलास में पानी रखे, जो पारदर्शी हो. क्योंकि जब भी आप की नज़र गिलास पर जाएगी आप पानी सहजता से पी पाएंगे. लेकिन हर बार गिलास को फिर से भरना ना भूले. इससे आपकी चाय-कॉफ़ी भी स्वतः ही कम हो जायेगी.

भोजन से पहले एक गिलास पानी पीने की आदत से आपको पेट भरा लगेगा और आप कम भोजन करेंगे. असमय जब भी भूख लगे पहले पानी पिएं, क्योंकि कई बार प्यास को हम भूख समझ लेते है. पानी पीने के बाद भी भूख का अहसास हो तो कुछ हल्का आहार लें. भोजन के बीच-बीच में पानी जरूर पिएं, इससे पेट जल्दी भरेगा और कम खाने के आदि भी हो जाएंगे. इसलिए भोजन करते वक्त एक गिलास पानी साथ लेकर बैठे.

3. अनहेल्दी फूड – कोई भी अनहेल्दी फूड से बचे जैसे सोडा, पैकेटबंद सूप या चिप्स आदि. अगर आपको कोई पेय पीना जरूरी भी हो तो लंबे और संकरे गिलास में पिएं. सामान्य गिलासों में अक्सर अधिक मात्रा में पेय आता है जो शरीर के लिए हेल्दी नही है. पैकेटबंद खाने की चीजों को किसी कटोरे या पेपर नेपकिन में लेकर खाएं. जिससे आपको आपके खाने की मात्रा ध्यान होगी. कम खाने का यह एक कारगर नुस्ख़ा है.

4. रंग का संकेत – नोटिस करे, प्लेट और खाने का रंग एक तो नही! रंग में समानता होने पर दिमाग भोजन की मात्रा को समझ नही पाता. उदाहरण के तौर पर सफेद रंग का पास्ता अगर गहरे रंग की प्लेट में खाया जायें तो मात्रा को भापते हुए दिमाग अनहेल्दी का संकेत देगा जिससे हम कम मात्रा में ही संतुष्ट हो जाएंगे. ठीक इसके विपरीत गहरे रंग के फूड हल्के रंग की प्लेट में खायें. यह तर्क मानव स्वभाव के चिकित्सक के है जो सही भी है. आप आजमाकर देखे.

5. प्लेट रूल – इस फंडे को जरूर आजमाए. भोजन करने से पहले भोजन की थाली में आधी थाली फल और सलाद से भर लें. इससे आप सेहतमंद चीज अधिक खाएंगे. जिससे खाना खाने की भूख स्वतः ही कम हो जाएगी. इस नियम को हाफ प्लेट रूल के नाम से जाना जाता है.

6. ध्यान ना भटकाएँ – कई रिसर्च इस बात का दावा करती है की टीवी देखते हुए या बातें करते हुए व्यक्ति भूख से अधिक भोजन करता है. क्योंकि दिमाग का ध्यान खाने पर ना होकर मनोरंजन में व्यस्त होता है और इस स्थिति में व्यक्ति कितना खाया, अंदाज़ा मुश्किल हो जाता है. इसलिए जब भी खाना खाने बैठे तो कोई भी दूसरा काम ना करें. पूरा ध्यान खाने पर केंद्रित करे. खाते वक्त मोबाइल या किताब में भी खुद को ना उलझायें. अधिक खाने के बाद स्थिति क्या हो जाती है इससे आप भी परिचित है.

अपने घर में हरी सब्जी और फल जैसी सेहतमंद चीजों को रसोई या फ्रिज में इस तरह रखे की बाजार के अन्य सामानों से पहले आपकी नज़र इन पर पड़ें. अच्छी और हेल्दी चीज़ें दिखने में अगर सुलभ होगी तो चयन भी पहले होगी. इसलिए अपनी रसोई में नज़र आने वाले डिब्बों में हेल्दी चीज़ों को पहले प्राथमिकता दें. इससे आपके बच्चों को भी अच्छा खाने की आदत बचपन से ही शुरू हो जायेगी. नियम बहुत छोटे है पर कारगर है. इन छोटे-छोटे बदलाव से हम खुद को सेहतमंद रख सकते है. जीवन में अच्छे बदलाव के लिए हमारे प्रयत्न भी उतने ही अच्छे होने चाहिए. आप अपनी सेहत पर जैसा निवेश करेंगे, भविष्य में फल आपको उसके अनुरूप ही मिलेगा. इसलिए समय रहते अपनी सेहत पर ध्यान दीजिए और कम खाने की आदत को स्वीकार कीजिए. व्यक्ति कम खाकर बहुत हेल्दी और निरोग जीवन जीने के लिए खुद को और दूसरों को प्रेरित कर सकता है. हमेशा बड़े नियम ही कारगर हो यह ज़रूरी नही कभी-कभी छोटे-छोटे नियम भी सेहत के लिहाज से बहुत फयदेमंद होते है. अब आप ही तय कीजिए अधिक खाना ज्यादा महत्वपूर्ण है या हेल्दी जीवन!

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