कैप्सूल एंडोस्कोपी क्या है?

अक्टूबर 25, 2018

एंडोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक उपकरण का इस्तेमाल करके शरीर के आंतरिक अंगों की जांच की जाती है। इस उपकरण को एंडोस्कोप कहा जाता है और कैप्सूल एंडोस्कोपी से बीमारी का पता लगाना बहुत ही आसान होता है। कैप्सूल एंडोस्कोपी में मरीज को एक कैप्सूल खाने को दिया जाता है। इस कैप्सूल की खासियत ये है कि इसके एक सिरे पर कैमरा लगा होता है। कैप्सूल देने के बाद मरीज को 12 घंटे तक निगरानी में रखा जाता है जिसमें मरीज कहीं आने-जाने के लिए स्वतंत्र होता है। उसके बाद कंप्यूटर पर मरीज के अंदरूनी अंगों की तस्वीरें ली जाती हैं। पेट की बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर लगभग 50 हजार फोटो देखते हैं। इस प्रक्रिया के जरिये पेट की गंभीर बीमारियों का भी पता चल जाता है और तुरंत इलाज करना संभव हो पाता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी में लगभग 40,000 रुपये तक का खर्चा आता है। इस एंडोस्कोपी के दौरान लिया गया कैप्सूल सामान्य कैप्सूल से करीब डेढ़ गुना बड़ा होता है और इस कैप्सूल में जो कैमरा लगा होता है, वो शरीर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता है क्योंकि ये कैमरा बायोडिग्रेडेबल होता है और 12 घंटे की निगरानी के बाद यूरिन के साथ बाहर निकल जाता है। ये कैमरा किसी कारण से शरीर में रह भी जाए तो कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी की प्रक्रिया – इस प्रक्रिया में मरीज को पानी के साथ कैप्सूल दिया जाता है और उसके पेट पर एक बेल्ट बाँध दी जाती है। कैप्सूल शरीर के अंदर छोटी आंत, बड़ी आंत, कोलन, पित्ताशय सहित पेट के सभी हिस्सों में घूमता है और इस दौरान अंदर की तस्वीरें कैमरे द्वारा ले ली जाती हैं। पेट पर लगी बेल्ट पर सेंसर लगा होता है जो इस रिकॉर्डिंग को कंप्यूटर पर थ्री डी पिक्चर के रुप में दिखाता है। ये कैमरा हर एक सैकेंड में 1-2 तस्वीरें लेता है और 12 घंटे में लगभग 50,000 तस्वीरें ले लेता है।

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