सीलिएक रोग क्या है?

अप्रैल 3, 2018

बचपन वो उम्र है जिसमें बच्चे खेलते-कूदते हैं और उनके शरीर का विकास होता है लेकिन अगर इस उम्र में बच्चे थकान महसूस करने लगे और उनकी लम्बाई भी ना बढ़े तो ऐसा किसी बीमारी के कारण भी हो सकता है जैसा कि सीलिएक बीमारी में होता है। ये ऐसी बीमारी है जो बड़ों और बच्चों दोनों में होती है और इसमें पेट दर्द रहना, लीवर सही से काम ना करने जैसी कई तकलीफें होती हैं। ऐसे में इस बीमारी के बारे में जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इस बीमारी के लक्षण और कारण जानकर, हो सकता है कि आप किसी अपने की परेशानी को समझ सके और समय रहते सही उपचार भी दिला सकें। तो चलिए, आज जानते हैं इस बीमारी के बारे में–

आप जानते हैं कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, बीमारियों से हमारे शरीर की सुरक्षा करती है लेकिन इस ऑटोइम्यून रोग में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यूनिटी अपने ही शरीर के खिलाफ लड़ने लगती है। ये सीलिएक रोग इम्यून रिएक्शन के कारण होने वाली बीमारी है जो गेहूं, जौ, राई और ओट्स में मौजूद एक विशेष किस्म के प्रोटीन ग्लूटन के कारण होती है। कुछ सालों पहले इस बीमारी का अंदाज़ा भी नहीं था और आज अनुमान है कि करीब 1 परसेंट लोग (लगभग 50 लाख) इस बीमारी से ग्रस्त हैं।

आहार में ग्लूटन युक्त भोजन (गेहूं, जौ, राई और ओट्स से बने खाद्य पदार्थ) लेने वाले जिन लोगों को ये बीमारी होती है, ग्लूटन खाने से उनकी छोटी आंत को नुकसान पहुँचता है जिससे भोजन के अवशोषण में कमी आती है और शरीर को पौष्टिक तत्व भी नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण और भी कई रोग शरीर पर हमला कर देते हैं।

सीलिएक रोग होने के कारण-

सीलिएक रोग के लक्षण-

सीलिएक रोग ना केवल आँतों को प्रभावित करता है बल्कि शरीर के बहुत से अंगों पर भी प्रभाव डालता है। इसके 200 से भी ज़्यादा लक्षण हो सकते हैं जिनमें से बच्चों और बड़ों में दिखाई देने वाले कुछ प्रमुख लक्षण ये हैं-

सीलिएक रोग का इलाज – सीलिएक बीमारी ग्लूटन प्रोटीन युक्त आहार के सेवन से होती है इसलिए इस बीमारी से बचने का इलाज यही है कि जिंदगी भर के लिए ग्लूटन का परहेज किया जाए। इसका परहेज करने के कुछ ही हफ्तों में सेहत में सुधार होने लगता है लेकिन आँतों की सेहत सुधरने में 2 साल का समय भी लग सकता है।

इस बीमारी के निदान के लिए बायोप्सी बहुत महत्वपूर्ण होती है जिसमें आँतों से टिश्यू निकालकर जाँच की जाती है।

इस बीमारी का इलाज समय रहते ना किया जाए तो आँतों को काफी नुकसान पहुँच सकता है इसलिए सीलिएक बीमारी जैसा कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और ग्लूटन युक्त आहार से दूरी बना लें। इस बीमारी के बारे में ये कहना सही होगा कि बचाव ही उपचार है।

दोस्तों, सीलिएक बीमारी से जुड़ी अहम जानकारी अब आपके पास है। उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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