चंगेज खान कौन था?

चंगेज खान एक ऐसा मंगोलियाई सम्राट था जो अपनी कुशलता और क्रूरता दोनों के लिए जाना गया। उसका नाम सुनकर राजा कांपते थे और उसने सन 1206 से 1227 के बीच एशिया और यूरोप के एक बड़े हिस्से को जीत लिया। साम्राज्य विस्तार करने में उसकी संगठन शक्ति बहुत काम आयी क्योंकि उसे सेना तैयार करना और उन्हें युद्ध के लिए तैयार करने का गुर बहुत अच्छे से आता था। वो पूर्वोत्तर एशिया की कई घुमंतू जनजातियों को एकजुट करके सत्ता में आया। ऐसे में चंगेज खान से जुड़ी थोड़ी जानकारी आपको भी जरुर लेनी चाहिए। तो चलिए, आज किस्सा सुनाते हैं चंगेज खान का।

सन 1162 के आसपास मंगोलिया के एक खानाबदोश कबीले में चंगेज ख़ान का जन्म हुआ।

कबीले के सरदार का बेटा होने के कारण बचपन से ही चंगेज ख़ान युद्ध की बारीकियां सीखने लगा।

चंगेज खान का असली नाम तेमुजिन था लेकिन जब बहुत से कबीलों ने उसकी अधीनता स्वीकार ली तो उसका नाम चंगेज ख़ान रख दिया गया जिसका अर्थ होता है विश्व का सम्राट।

चीन, ओट्रार, बुखारा, समरकंद, रूस, अफगानिस्तान, बुल्गारिया, ईरान और इराक जैसे देशों में चंगेज ख़ान का साम्राज्य फैला था। जो देश मंगोल सेना के आगे समर्पण नहीं किया करते थे उनका बर्बरता से विध्वंस कर दिया जाता था जिसमें लाखों लोगों का खून बहाया जाता था।

चंगेज ख़ान ने ख्वारिज्म वंश के शासक अलाउद्दीन मुहम्मद को खदेड़ दिया और उसके उत्तराधिकारी जलालुद्दीन का पीछा करते हुए चंगेज ख़ान सिंधु नदी के तट पर पहुंच गया जहाँ से जलालुद्दीन सिंधु नदी को पार करके भारत आ गया और चंगेज खान ने सिंधु नदी पार करके उत्तरी भारत और असम के रास्ते मंगोलिया लौटने का सोचा लेकिन उस समय भयंकर गर्मी और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण चंगेज खान ने भारत का रुख नहीं किया और इस तरह भारत चंगेज खान की बर्बरता और वीभत्स उत्पात से बच गया।

सन 1227 में उसकी मृत्यु हो गयी।

“आँख का वजन कितना होता है?”