चिकनगुनिया क्या है?

जिसे हम मामूली सा बुखार या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं वो कई बार गंभीर बीमारी चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण होते हैं जिन्हें समय रहते पहचान कर इलाज किया जाए तो ही मरीज को राहत मिलती है वरना ये बुखार बहुत तकलीफदेह होता है। डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण लगभग समान होते हैं। ऐसे में इसका पता करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और बीते कुछ सालों में इसके मामलों में तेजी से बढ़ोतरी भी हुयी है। ऐसे में सतर्क और सुरक्षित रहना बहुत जरुरी है इसलिए आज आपको बताते हैं चिकनगुनिया के बारे में, ताकि आप इससे बचाव कर सके। तो चलिए, जानते हैं चिकनगुनिया के बारे में।

चिकनगुनिया एक वायरल बुखार है जो मच्छर के काटने से होता है। एडीज मच्छर के काटने से चिकनगुनिया का वायरस व्यक्ति के शरीर में जाकर बीमारी फैलाता है।

चिकनगुनिया के लक्षण-

  • तेज बुखार होना
  • पैर, हाथ और कलाई में सूजन के साथ तेज दर्द होना
  • पीठ में दर्द, सिर दर्द होना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • स्किन पर लाल चकत्ते पड़ना
  • गले में खराश और आँखों में दर्द होना
  • इसका दर्द लम्बे समय तक बना रहता है

चिकनगुनिया का इलाज-

  • इसका वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में डॉक्टर द्वारा दी गयी दवाएं ही लें, स्वयं किसी तरह की दवा लेने की भूल ना करें
  • ज्यादा से ज्यादा आराम करें
  • डीहाइड्रेशन से बचने के लिए डाइट में लिक्विड की मात्रा बढ़ा लें
  • डाइट में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाएं ताकि इम्यून सिस्टम मजबूत हो सके
  • हेल्दी डाइट ही लें

चिकनगुनिया से बचाव-

  • अपने आसपास सफाई रखे ताकि मच्छर ना पनप सकें
  • खिड़की, दरवाजों पर जाली लगवाएं
  • शरीर को कपड़ों से ढ़क कर रखें
  • कूलर का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें
  • गमले, बर्तन और घर के आसपास पानी जमा ना होने दें
  • मच्छर मारने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करें
  • इसके प्रति लोगों को जागरुक करें

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