बच्चों को बचत व निवेश समझायें

आजकल का युग नया युग है। आर्थिक युग है। हम हिन्दुस्तानी शुरू से ही बचत को बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुये आये हैं। हमको बचपन में ही एक गुल्लक दे दी जाती है जिसको हम बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और उसमें अपनी रकम को समय-समय गिनकर खुश होते हैं। परन्तु वर्तमान युग जैसा कि मैनें शुरू में ही कहा कि आर्थिक युग है। गुल्लक रकम जोड़ने के लिये ही ठीक है, निवेश के लिये नहीं। इस आर्थिक युग में हमें बच्चों को बचत व निवेश में बारे में शुरू से ही बेसिक जानकारी देनी चाहिये। बल्कि मेरा मानना है कि 8-10 क्लास में बच्चों के पाठ्यक्रम में Financial Planning का एक Chapter ज़रूर होना चाहिये। हर Parent की यह भी Moral Duty है कि वह अपने बच्चों को बचपन से ही Financial Planning का Basics बताये। लेकिन दुर्भाग्य से हमारे यहाँ अभी कई Parents को ही Proper Financial Planning के बारे में नहीं पता।

मेरा मानना है कि इसका सबसे अच्छा तरीका ये है कि बच्चों की जल्दी से जल्दी एक छोटी रकम की S.I.P ज़रूर शुरू कर देनी चाहिये।  खास ध्यान यह रखें की S.I.P Lock-In वाली करें। जिससे 2-3 साल तक Value ही नहीं देखनी पड़े। 2-3 वर्षों के बाद हर साल बच्चे के जन्मदिन पर एक Amount (चाहे छोटा ही हो) Top-Up ज़रूर करें और उसकी Growth के बारे में बच्चों को बतायें। बच्चों को बचपन से ही Savings – S.I.P व Return के बारे में मालूम चल जायेगा। S.I.P का Thumb Rule है जितना जल्दी Start करोगे, जितनी लम्बी चलाओगे उतना ज्यादा Return आयेगा।

बच्चों को 500-1000 रूपये को भी Value मालूम चल जायेगी – इससे बच्चे फालतू खर्चा नहीं करेंगें और S.I.P के Returns को देखकर निवेश की ओर आकर्षित होंगें।

मेरा यह भी मानना है कि 18 वर्ष में बच्चों को हर हालत में Retirement S.I.P (चाहे कम रकम की हो) शुरू कर देनी चाहिये।

Parents को चाहिये की बच्चों को समय-समय पर Financial Planning की ज़रूरत बतायें व अपने आस-पास होने वाले Financial Planning Seminar में ज़रूर लेकर जायें।

जितना ज्यादा व जल्दी हम बच्चों को Financially Educate करेंगें उतना ज्यादा व जल्दी हमारा देश भी विकास करेगा क्योंकि किसी भी देश का विकास वहाँ के युवा पीढ़ी के दृष्टिकोण, बचत व निवेश के तौर तरीकों पर निर्भर करता है।

ये लेख फाइनेंशियल एडवाइजर श्री राजेश कुमार सोढानी, सोढानी इंवेस्टमेंट्स, जयपुर द्वारा प्रस्तुत है। फाइनेंशियल प्लानिंग पर आधारित ये लेख आपको कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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