जब भी कोई बैंक या संस्था हमें लोन देती है तो हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर देखती है अगर हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो हमे आसानी से लोन मिल जाता है लेकिन अगर हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर ख़राब है तो हमे लोन मिलने में काफी परेशानी होती है और हमे हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर सही करना आवश्यक हो जाता है।

हम जाने अनजाने में क्रेडिट कार्ड या लोन लेने के बाद कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो हमारे सिबिल क्रेडिट स्कोर को खराब कर देते हैं और फिर हमे भविष्य में कोई लोन नहीं मिलता।

अगर हम पहले से इस बात की जानकारी रखें की किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तो हम हमारे सिबिल क्रेडिट स्कोर को खराब होने से बचा सकते हैं। तो आइये जानते हैं कुछ ऐसी गलतियों के बारे में जो हम अक्सर करते हैं और हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर ख़राब हो जाता है।

रिपोर्ट देखने के लिए सिबिल की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें और साथ ही 470 रुपए के फीस का भुगतान करें। ऑथेंटिकेशन प्रोसेस पूरा होन के बाद सिबिल क्रेडिट स्कोर को डाउनलोड कर सकते हैं। यह आपकी ई-मेल पर भी भेजी जाती है।

सिबिल क्रेडिट स्कोर इन 5 गलतियों की वजह से हो जाता है खराब 1

सिबिल क्रेडिट स्कोर इन 5 गलतियों की वजह से हो जाता है खराब

1. कम समय अंतराल में कई बार लोन लेना – हम लोन को एक सहारा मानते हुए हर जरुरत के मौके पर लोन ले लेते हैं और कई बार तो कम समय में कई बार लोन लेते हैं या लोन के लिए बार बार अप्लाई करते हैं।

लेकिन ऐसा करना आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि ये आपका रिकॉर्ड ख़राब करता है और यह दर्शाता है की आप लोन पर ही निर्भर हैं।

तो ऐसे में ये संकेत जाता है की आप इतने लोन लेने के बाद चूका पाएंगे या नहीं और ऐसे में आप अपना ही रिकॉर्ड खराब कर लेते हैं।

इसलिए जब जरुरत हो तभी लोन लें और हो सके तो जल्दी जल्दी कई लोन लेने की बजाय एक लोन पूरा चुकाने के बाद ही दुसरे लोन के लिए अप्लाई करें।

2. क्रेडिट कार्ड के भुगतान को आखरी समय में भरना – क्रेडिट कार्ड देने वाले बैंक और कंपनियां हमे बिल भुगतान के लिए समय सीमा देती हैं। अक्सर हम इस बात का फायदा उठाकर समय सीमा के अंतिम दिनों में ही बिल का भुगतान करते हैं।

लेकिन ये हमारे लिए मुसीबत वाला काम हो सकता है क्योंकि इससे हमारा रिकॉर्ड ख़राब होता है और यह सन्देश जाता है की हम शायद बिल भरने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में हमे लोन मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं इसके लिए बेहतर होगा समय सीमा से पहले ही क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान कर दिया जाये।

3. लोन ना लेना – ये बात सही है की लोन जरुरत पड़ने पर ही लेना चाहिए और इसे आदत नहीं बनाना चाहिए लेकिन दूसरे पहलु से देखें तो कभी लोन ना लेना भी हमारे लिए फायदे का सौदा नहीं है।

दरअसल जब भी कोई बैंक हमे लोन देती है तो हमारी क्रेडिट हिस्ट्री चेक करती है जिससे ये पता लगता है की आप लोन चुकाने में कितने सक्षम और नियमित हैं। लेकिन अगर हम कभी लोन नहीं लेंगे तो हमारी क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं होगी और ऐसे में बैंक हमे लोन देने में संकोच कर सकता है।

इसलिए बेहतर होगा आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बनाकर रखें लेकिन समय पर भुगतान करें ताकि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी हो और भविष्य में लोन मिलने में कोई परेशानी ना आये।

4. क्रेडिट कार्ड की न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान करना – क्रेडिट कार्ड कंपनियां हमे न्यूनतम बकाया राशि भुगतान करने की सुविधा देती है। हम इसे एक एडवांटेज मानकर पूरी राशि का भुगतान ना कर सिर्फ न्यूनतम बकाया राशि का ही भुगतान करते हैं।

ये हमारा रिकॉर्ड ख़राब करता है और भविष्य में हमे क्रेडिट कार्ड या लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए कभी भी इस बात का फायदा ना उठाएं और अपनी पूरी बकाया राशि का भुगतान समय पर करते रहें।

5. ईएमआई ना भरना या लोन को एक बार में ही चुका देना – ईएमआई समय पर ना भरना हमारी सबसे बड़ी गलती होती है क्योंकि इससे आपका क्रेडिट स्कोर खराब होता है। इससे यह जाहिर होता है की आप लोन चुकाने में सक्षम नहीं हैं और आपकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब होती है जिससे भविष्य में लोन मिलने में परेशानी होती है।

लेकिन इसके विपरीत लोन को एक बार में ही चुका देना भी समझदारी नहीं है क्योंकि इससे जाहिर होता है की आप सक्षम होते हुए भी लोन लेते हैं और ऐसे में व्यक्ति के डिफाल्टर होने के संकेत जाते हैं।

इसलिए ईएमआई समय पर ना भरना और लोन को एक बार में ही चुका देना दोनों ही नुकसानदायक हो सकते हैं और हमारा सिबिल क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है।

उम्मीद है जागरूक पर सिबिल क्रेडिट स्कोर कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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