सिगरेट छोड़ने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

अगस्त 20, 2017

अगर आप सिगरेट छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं तो यह आपके लिए सबसे अच्छी बात है। लेकिन सिगरेट छोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। एक सर्वे के अनुसार ज्यादातर लोग एक बार सिगरेट छोड़ने के बाद फिर से सिगरेट पीने की आदत पकड़ लेते हैं। स्मोकर्स के लिए बेहतर तरीका यह है कि वे इसे छोड़ने से पहले एक प्लान बनाएं। चाहें तो वे कंबाइन थेरेपी, दवाएं, सोशल सपोर्ट और काउंसलिंग की मदद ले सकते हैं। सिगरेट छोड़ने से पहले यह प्रण करें कि हां मैं छोड़ सकता हूं और मैं जरूर छोड़ूंगा। यह कठिन जरूर है लेकिन यहीं से आपके दिमाग और शरीर की लड़ाई शुरू होती है। सिगरेट पीने वालों में से महज चार से सात प्रतिशत लोग ही पूरी तरह से सिगरेट छोड़ने से कामयाब हो पाते हैं क्योंकि निकोटिन लेने की लत जब उन्हें परेशान करने लगती है तो वे बेचैन होकर सिगरेट पीने ही लगते हैं। चाहे आप अपने अच्छे हेल्थ के लिए स्मोकिंग छोड़ना चाह रहे हों या आर्थिक हालात की वजह या फिर किसी खास के कहने पर लेकिन इसे छोड़कर खुली हवा में सांस लेना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं जिससे सिगरेट छोड़ने में आपको मदद मिलेगी।

प्लान बनाएं और कोई दिन फिक्स करें – अगर आपने स्मोकिंग छोड़ने की सोच ही ली है इसे छोड़ने के लिए कोई दिन फिक्स करें। यह दिन अगला महीना नहीं होना चाहिए वरना आपका प्लान कमजोर पड़ जाएगा। आप जल्द कोई दिन फिक्स करें ताकि आप अपने प्लान में कामयाब हो सकें।

परिवार, दोस्तों को बताएं – अपने परिवार, दोस्तों को बताएं कि आप सिगरेट छोड़ने जा रहे हैं। उनकी मदद और हौसलों से आप मजबूत रहेंगे और इससे सिगरेट छोड़ने में आपको मदद मिलेगी। इस दौरान आप उन सभी चीजों से दूर रहें जो आपके रास्ते में बाधा डाल रही हो। घर, ऑफिस और कार में रखी सिगरेट हटा दें। अगह आपके घर में कोई सिगरेट पीता हो तो उससे कहें कि वह आपके सामने सिगरेट ना पिये।

बहाना ना ढूंढें – यदि आप लंबे समय से सिगरेट पीने के आदी हैं तो सिगरेट ना पीने पर आपकी नॉर्मल एक्टीविटिज प्रभावित हो सकती है। सुबह और शाम को चाय या कॉफी के बाद सिगरेट और सोने से पहले सिगरेट पीने की आदत को इन कार्यों से ना जोड़ें। हालांकि यह कठिन जरूर है लेकिन सिगरेट छोड़ने से पहले आपको इसे करना ही होगा।

कमजोरियों से लड़े – सिगरेट में मौजूद निकोटिन एक ऐसा एडिक्टिव कंपाउंड है जिससे दिमाग के साथ आपका ऑर्गन भी प्रभावित हो सकता है। सिगरेट न पीने पर इन्हें उसकी काफी जरूरत महसूस होती है। अपनी बॉडी से लड़ना इतना आसान नहीं है। आपका मस्तिष्क इसका विरोध करता है।

सिगरेट छोड़ने के लक्षण – इसका लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। सिगरेट छोड़ने के बाद आपको डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और नींद की भी समस्या हो सकती है। शुरूआत के एक हफ्ते से लेकर दस दिन काफी कठिन होता है। यही वह समय है जब आपकी इच्छा शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है और स्मोकर पूरी तरह से सिगरेट छोड़ने की ठान लेता है।

योगा करें – रिसर्च में यह पाया गया है कि योगा और कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज स्मोकर को निकोटिन लेने की तीव्र इच्छा से दूर रखती है। सुबह टहलने और खुली हवा में दौड़ने की आदत डालकर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं। आसन और सांस लेने औऱ छोड़ने की आदत भी आपके शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद है।

काउंसलिंग लें – सिगरेट छोड़ने में साइकोलॉजी की भूमिका को कम ना समझें। सिर्फ काउंसलिंग ही सिगरेट छोड़ने में मददगार नहीं है। हालांकि थेरेपी, मेडिटेशन आदि की सलाह इसमें आपकी मदद कर सकती है। इसलिए संभव हो तो रेगुलर काउंसलिंग ले, आमने-सामने बैठकर या फोन पर अपनी बातों को शेयर करें। खासतौर पर तब जब आपकी सिगरेट पीने की तीव्र इच्छा हो रही हो और आप खुद को रोक नहीं पा रहे हों।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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