बीमा Claim Rejection के बचाव से संबंधित जानकारी

आम आदमी जीवन बीमा, टर्म प्लान, मेड़ीक्लेम वगैरह करता है और यह देखा गया है कि कई बार समुचित जानकारी के अभाव में Claim Rejection हो जाता है। Average Rejection Death Claim में 3% से 6% व Mediclaim में 5% से 15% है। फिर उपभोक्ता अपने Agent व संबंधित कंपनी को कोसने लगता है। आज हम उन जानकारी, सावधानियाँ व कारणों के बारे में बात करेंगें जिससे Claim Rejection कम से कम हो या नहीं हो।

उपभोक्ता को कोई भी जीवन बीमा, टर्म प्लान या मेड़ीक्लेम कराते समय विशेष ध्यान रखना चाहिये कि कोई भी महत्वपूर्ण तथ्य नहीं छुपाये। Sale करने के लालच में Agent आधी अधूरी बातें ही बताते हैं। उपभोक्ता का फर्ज है कि वो सारी जानकारी अपने Notice में लाकर Proposal Form में साफ-साफ भरे। कई तरह की जानकारियाँ होती हैं जो Claim Settlement में Direct या Indirect प्रभाव डालती है। जैसा कि उपभोक्ता की आयु, पुरानी किसी भी तरह की बीमारी, आनुवांशिक बीमारी, Family में Other Members से संबंधित बीमारी या उनका Death Reasons, उपभोक्ता की Income, Life Style, पुराना Accident या Operation, Nature of Work इत्यादि। इसमें से कोई भी सूचना अधूरी या गलत होने पर Claim Rejection की संभावना रहती है। Term Plan उपभोक्ता की आयु व Income पर Mainly Depend होता है। अभी भी कई उपभोक्ताओं के Different Date of Births Proof में Different Dates होती है। ऐसे में कोई भी बीमा कराने से पहले उपभोक्ता को चाहिये कि अपना Date of Birth का Standard Proof एक ही Date का रखे।

इसके साथ-साथ अपने Proposal Form में अपने Income को Classified करें। Term Plan कराते समय Interest Income, Capital Gain Income या One Time Commission Income को Generally Companies Consider नहीं करती या बहुत कम Percentage में Consider करती है। सो उपभोक्ता को चाहिये कि वह अपनी Income पूर्णतयः Details के साथ ही भरे। साथ ही साथ आनुवांशिक बीमारी या कोई पुराना Accident या कोई Family Members की Death Reason सही-सही भरना चाहिये।

अभी हाल ही में एक कंपनी में Mr. A का Death Claim Reject हो गया है कारण उन्होंनें Proposal Form में अपने Parents की मृत्यु का कारण Normal Death भरा था जबकि उनके Parents की मृत्यु Heart Attack की वजह से हुई थी। Mr. A को भी Policy लेने के 6 महीने के बाद ही Heart Attack आ गया था।

मेरी समस्त उपभोक्ताओं को सलाह है कि वह Proposal Form को एक बार ज़रूर पढ़ें और किसी भी हालत में (चाहे Agent कुछ भी राय दे) कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं छुपाये। इसके साथ-साथ उपभोक्ता को अपनी Family के बाकी Members को भी अपनी Policy व Agent के बारे में बताकर रखना चाहिये। कई केस में देखा गया है कि Family Members को Policy के बारे में पता ही नहीं है। Death हो जाने के 2-3 सालों के बाद जाकर पता चलता है।

इसी तरह Personal Accident या Mediclaim Policy में भी कोई भी पुरानी बीमारी हो या Medicine ले रहे हों तो छुपाना नहीं चाहिये। किसी भी तरह का पुराना Accident या Operation हुआ है तो वो जानकारी Proposal Form में ज़रूर भरनी चाहिये। आजकल हम लोग अच्छे अस्पतालों में Routine Medical Checkup कराते हैं। Routine Medical Checkup में अगर कोई बीमारी आती है तो वो उस अस्पताल के Records में दर्ज हो जाती है। फिर हम Mediclaim Policy लेते समय उस बीमारी को Hide कर देते हैं। ये Mediclaim Policy में Claim Rejection का बहुत बडा कारण होता है। इस कारण Personal Accident या Mediclaim Policy लेते समय हमको Proposal Form को बहुत सावधानी से पढ़ना चाहिये और कुछ भी नहीं छुपाना चाहिये। इसी तरह Term Plan लेते समय अपनी आदत (Smoking / Drinking) अगर करते हैं तो ज़रूर Disclose करनी चाहिये।

निष्कर्ष यह है कि Term Plan, Mediclaim या Personal Accident Policy लेना बहुत ही ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है कि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं छुपायी जाये। ऐसा करने पर बीमित व्यक्ति के परिवार को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा सो पूर्ण जानकारी त्= 100% Claim Settlement।

sodhani-1 बीमा Claim Rejection के बचाव से संबंधित जानकारीये लेख फाइनेंशियल एडवाइजर श्री राजेश कुमार सोढानी, सोढानी इंवेस्टमेंट्स, जयपुर द्वारा प्रस्तुत है। फाइनेंशियल प्लानिंग पर आधारित ये लेख आपको कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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