कंप्यूटर का आविष्कार

आइये जानते हैं कंप्यूटर का आविष्कार किसने और कब किया। कंप्यूटर का नाम सुनते ही समझ आ जाता है कि बात टेक्नोलॉजी, स्पीड और इजी लाइफ की हो रही है क्योंकि कंप्यूटर ने आते ही हमारी लाइफ को बहुत आसान बनाना शुरू कर दिया।

इस मशीन ने समय के साथ बहुत से रुप और प्रकार बदले लेकिन हर बार इस कंप्यूटर ने हमारे एक अच्छे दोस्त की भूमिका ही निभाई जो हर काम सही तरीके और तेज गति से करने में हमारी मदद करता रहा है।

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ऐसे में क्यों ना, आज ये जाने कि ये कंप्यूटर हम तक कैसे पहुंचा और किसने पहुंचाया। तो चलिए, आज जानते हैं कंप्यूटर के आविष्कार से जुड़ी कुछ ख़ास बातें।

आज जिन कम्प्यूटर्स का इस्तेमाल हम बड़ी आसानी से कर रहे हैं उन्हें इस रुप में पहुंचने के लिए एक लम्बा सफर तय करना पड़ा है। वैक्यूम ट्यूब्स की पहली पीढ़ी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाली पांचवी पीढ़ी तक पहुंचने में कंप्यूटर की क्षमताओं और आकार में निरंतर बदलाव और सुधार हुए। तब जाकर हमें ऐसे कंप्यूटर मिले जिन्हें हम छोटी-सी जगह पर रखकर अपना काम तेजी से निपटा सकते हैं।

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कंप्यूटर का आविष्कार

माना जाता है कि कंप्यूटर का आविष्कार आज से दो हजार साल पहले हुआ था, जो अबेकस के रुप में हमारे सामने आया। लकड़ी के बने इस अबेकस के जरिए गणित के सवालों को हल किया जाता था।

पहले डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार ब्लेज पास्कल ने 1642 में किया लेकिन ये कंप्यूटर केवल जोड़ने का काम ही कर सकता था।

1822 में कंप्यूटर के आविष्कार का श्रेय चार्ल्स बैबेज को मिला, जो एक अंग्रेज गणितज्ञ और अनुसंधानकर्ता थे। उन्होंने ही सबसे पहले प्रोग्रामेबल कंप्यूटर का डिजाइन तैयार किया था और ‘डिफ्रेंशियल इंजन’ नाम के मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया था।

मैकेनिकल कंप्यूटर बनाने का उनका प्रस्ताव मॉडर्न कंप्यूटर की खोज में मददगार साबित हुआ इसलिए चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कंप्यूटर का पिता / कंप्यूटर का जनक कहा गया।

उम्मीद है जागरूक पर कंप्यूटर का आविष्कार कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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