कॉन्टेक्ट लेंस के प्रकार

अगस्त 27, 2018

कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल बहुत वक्त पहले से ही चलन में रहा है और अब इसका इस्तेमाल करना एक आम बात हो गई है। आज मार्केट में अलग-अलग तरह के कॉन्टेक्ट लेंस उपलब्ध हैं। ऐसे में ये जानना बेहतर होगा कि कॉन्टेक्ट लेंस कितने तरह के होते हैं ताकि आपके लिए अपनी जरुरत के अनुसार सही लेंस चुनना आसान हो जाए। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कॉन्टेक्ट लेंस के प्रकारों के बारे में–

वैसे तो कॉन्टेक्ट लेंस कई तरह के होते हैं लेकिन खासतौर पर इसकी दो कैटेगरी होती है – नरम और कठोर गैस पारगम्य कॉन्टेक्ट लेंस।

नरम कॉन्टेक्ट लेंस – ये लेंस नरम और लचीले प्लास्टिक से बने होते हैं जो ऑक्सीजन को आँख के कॉर्निया से गुजरने देते हैं। इस लेंस को लगाना आसान और आरामदायक होता है।

कठोर गैस पारगम्य कॉन्टेक्ट लेंस – इस तरह के लेंस ज्यादा टिकाऊ होते हैं और क्लियर विज़न देते हैं। ये कम खर्चीले लेंस होते हैं क्योंकि ये लम्बे समय तक चलते हैं। इनका रखरखाव आसान होता है क्योंकि इनके टूटने की संभावना कम होती है। ये लेंस पहनने के तुरंत बाद आरामदायक नहीं लगते हैं बल्कि इन्हें पहनने में कुछ दिनों की बजाए कुछ हफ़्तों का समय भी लग सकता है।

लम्बे समय तक पहने जाने वाले कॉन्टेक्ट लेंस – ऐसे लेंस अक्सर नरम लेंस होते हैं। ये लेंस 1 से 6 रातों तक लगातार पहनने के लिए या 30 दिन तक पहनने के लिए उपलब्ध होते हैं। लचीले प्लास्टिक से बने ये लेंस ऑक्सीजन को कॉर्निया तक जाने देते हैं। ऐसे लेंस लगाने से पहले डॉक्टर द्वारा आपकी आँखों की क्षमता को जांचा जाना जरुरी है।

डिस्पोजेबल कॉन्टेक्ट लेंस – इस तरह के लेंस का इस्तेमाल एक बार ही किया जाता है और उसके बाद इन्हें फेंक दिया जाता है। अगर हर दिन डिस्पोजेबल लेंस पहना जाए तो हर दिन लेंस की नयी जोड़ी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

निश्चित समय पर बदलने वाले नरम लेंस – ऐसे लेंस हर दो सप्ताह में बदले जाते हैं या हर महीने या हर तीन महीने में। ऐसे लेंस को साफ करना आसान होता है लेकिन इनका रखरखाव मुश्किल हो सकता है।

दोस्तों, क्लियर विजन के लिए चश्मे के अलावा कॉन्टेक्ट लेंस भी एक बेहतरीन ऑप्शन है लेकिन इसका उपयोग करने से पहले आप डॉक्टर से परामर्श जरूर लें ताकि आपकी आँखों की जरुरत और क्षमता के अनुकूल लेंस लगाया जा सके और आपकी नरम आँखों को किसी तरह की तकलीफ भी ना उठानी पड़े। इसके अलावा लेंस लगाते समय आपको सफाई और लेंस के रखरखाव का भी विशेष ध्यान रखना होगा।

तो दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि कॉन्टेक्ट लेंस कितने तरह के होते हैं और इनका उपयोग आप अपनी जरुरत के अनुसार कर सकते हैं। उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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