हो सकता है कि आपने CPK टेस्ट के बारे में सुना हो लेकिन इससे जुड़ी जानकारी शायद ही आपके पास हो। ऐसे में इस टेस्ट से जुड़ी जरुरी जानकारी आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है इसलिए आज बात करते हैं CPK टेस्ट की।

CPK टेस्ट क्या होता है?

CPK एंजाइम शरीर में कहाँ पाया जाता है – CPK (Creatine Phosphokinase) एक ऐसा एंजाइम है जो हमारे हार्ट, ब्रेन और मसल्स में पाया जाता है।

CPK टेस्ट करने का कारण – इस टेस्ट के जरिये ब्लड में CPK एंजाइम की मात्रा का पता लगाया जाता है।

CPK टेस्ट करने का तरीका – इस टेस्ट को करने के लिए आमतौर पर मरीज के बाजू से ब्लड सैंपल लिया जाता है और उस सैंपल से CPK एन्जाइम की मात्रा का पता लग जाता है। ये सैंपल मरीज की सुविधा के अनुसार कभी भी लिया जा सकता है।

CPK की नॉर्मल रेंज कितनी होती है – CPK की नॉर्मल रेंज 60-174 U/L होती है।

CPK का लेवल कब बढ़ जाता है – हार्ट, ब्रेन और मसल्स से जुड़ी समस्याएं होने पर, एक्सीडेंट के कारण मसल्स को क्षति पहुँचने पर ब्लड में CPK का लेवल बढ़ सकता है।

इन बीमारियों में तो CPK का लेवल बढ़ता ही है लेकिन इन परिस्थितियों में भी ब्लड में CPK लेवल के बढ़ने की सम्भावना रहती है-

  • हाल ही में हुयी कोई सर्जरी
  • मरीज द्वारा ज्यादा इंजेक्शन लेना
  • बहुत ज्यादा एक्सरसाइज कर लेना
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं लेना
  • स्टेरॉयड्स का सेवन करना
  • अल्कोहल का ज्यादा सेवन करना
  • कोकीन का सेवन करना

टेस्ट के बाद शरीर पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव

  • चक्कर आना
  • बेहोश होना
  • इंजेक्शन के स्थान पर इन्फेक्शन होना
  • ज्यादा मात्रा में ब्लड का निकलना
  • इंजेक्शन के स्थान पर दर्द होना

दोस्तों, अब आपके पास CPK टेस्ट से जुड़ी जरुरी जानकारी आ गयी है। उम्मीद है जागरूक पर ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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