साइकिल का आविष्कार

आज आपको बताते हैं साइकिल का आविष्कार कब और किसने किया। आज जहाँ एक तरफ ज़माना मेट्रो की रफ्तार पकड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ सायकिल का दौर भी जैसे वापिस लौटने का इंतज़ार कर रहा है क्योंकि इस पॉल्यूशन भरे माहौल में साँस लेने में बहुत तकलीफ होने लगी है। ऐसे में लगता है कि बेहतर तो यही होगा कि हम साइकिल की सवारी को फिर से चुनना शुरू कर दें।

इस बेहतरीन सोच को बढ़ावा देने के लिए अक्सर बड़ी – बड़ी शख्सियतें साइकिल के जरिये लम्बी दूरी भी तय करते हैं ताकि आम नागरिक को साइकिल के महत्त्व और फायदों से अवगत कराया जाये।

धीरे-धीरे ही सही, लेकिन हमारे लिए बहुत बड़ी समस्या बन चुके पॉल्यूशन से राहत पायी जा सके। ऐसे में साइकिल को फिर से अपनाने के साथ, क्यों ना हम साइकिल के आविष्कार के बारे में जानें।

साइकिल का आविष्कार कब और किसने किया

साइकिल की बनावट आज भले ही बहुत आसान दिखाई देती है लेकिन इसके निर्माण का सफर बहुत पेचीदा और दिलचस्प रहा है। आज जिस साइकिल की सवारी हम करते हैं उसे इस रुप में पहुंचने के लिए लम्बा सफर तय करना पड़ा है।

स्कॉटलैंड के किर्कपैट्रिक मैकमिलन ने आधुनिक साइकिल का आविष्कार किया। मैकमिलन एक लुहार थे। उनके द्वारा साइकिल को नया रुप देने से पहले भी साइकिल का निर्माण हो चुका था।

लेकिन तब तक साइकिल पर बैठकर जमीन को पाँव से पीछे की तरफ धकेला जाता था ताकि साइकिल आगे बढ़ सके। मैकमिलन ही वो आविष्कारक रहे जिन्होंने साइकिल में पहिये को पैरों से चलाने योग्य बनाया।

साइकिल की खोज को लेकर बहुत से विचार हैं। माना जाता है कि 1763 में फ्रांस के पियरे लैलमेन्ट ने साइकिल की खोज की थी।

ऐसा भी माना जाता है कि 1817 में जर्मनी के बैरन फॉन ड्रेविस ने सायकिल की रुपरेखा तैयार की थी। लकड़ी की बनी इस साइकिल का नाम ड्रेसियेन था और इसकी गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

दोस्तों, उम्मीद है जागरूक पर साइकिल का आविष्कार कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और अपनी पुरानी साइकिल को ठीक करके फिर से चलाने के लिए आपको प्रेरित भी कर पायी होगी।

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