दालचीनी के फायदे और साइड इफेक्ट्स

दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसका इस्तेमाल सदियों से ना केवल मसाले के रूप में किया जाता रहा है बल्कि बीमारियां दूर करने में भी इसका इस्तेमाल होता आया है। सब्ज़ियों में अपने स्वाद का जादू चलाने वाली ये दालचीनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखती है। एसिडिटी से लेकर डायबिटीज तक कई बीमारियों का हल इस मसाले में छुपा है। कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर दालचीनी से सेहत को कितने फायदे मिलते हैं, ये आपको ज़रूर जानना चाहिए। तो चलिए, आज आपको बताते हैं दालचीनी के फायदे और इसके ज़्यादा सेवन से होने वाले नुकसानों के बारे में –

गले की खराश और खांसी दूर करे – बदलते मौसम में गले की खराश और खांसी की शिकायत रहना आम बात है लेकिन इससे होने वाली तकलीफ को दूर करने में दालचीनी आपकी मदद कर सकती है। इसके लिए आपको दालचीनी का काढ़ा बनाकर पीना होगा। इसके लिए आप 2 कप पानी में एक टुकड़ा अदरक, 3-4 लौंग और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर 5 मिनट के लिए उबालें। फिर इसे छानकर चाय की तरह पीएं। ऐसा करने से आप काफी राहत महसूस करेंगे।

मुहांसों को दूर करे – अगर आप मुहांसों की समस्या से परेशान हैं तो इसका हल दालचीनी में छुपा है। इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण मुहांसों को बहुत जल्द सुखा देते हैं। इसके लिए आपको रोज़ाना रात को शहद और दालचीनी का मिक्सचर बनाकर चेहरे पर लगाना होगा। आधा चम्मच दालचीनी और एक चम्मच शहद को मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें। ऐसा करके आप फर्क महसूस करने लगेंगे।

वजन कम करने में सहायक – अगर अभी तक आपको वजन कम करने का कोई कारगर उपाय नहीं मिला है तो आप दालचीनी को आज़माकर देखिये। 1 कप गर्म पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पियें। ऐसा करने से आप कुछ ही दिनों में वजन में फर्क देख पाएंगे।

डायबिटीज को कण्ट्रोल करने में मददगार – डायबिटीज में ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करने में दालचीनी काफी मददगार साबित होती है। इसका सेवन अपने आहार में करने से ब्लड शुगर लेवल को आसानी से कम किया जा सकता है। इसके लिए आप दालचीनी की चाय पी सकते हैं या सब्जियों में मसाले के तौर पर इसका इस्तेमाल करके इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

हृदय को सेहतमंद बनाये रखे – दालचीनी में एंटीइन्फ्लैमटरी गुण पाए जाते हैं जो धमनियों में इन्फेक्शन होने या धमनियों को नुकसान होने से बचाते हैं और हार्ट अटैक के ख़तरे को भी कम करते है। इसके लिए दालचीनी और शहद का पेस्ट बनाकर सेवन करना चाहिए।

कैंसर से बचाव – इस हर्बल औषधि में कैंसर विरोधी गुण भी पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाव करते हैं। इसके लिए दालचीनी और शहद को मिलाकर गर्म पानी के साथ पीना चाहिए। दालचीनी का सेवन हड्डियों और पेट के कैंसर से बचाव करता है।

जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत – गठिया रोग में जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत बनी रहती है लेकिन अगर कुछ दिनों तक लगातार दालचीनी और शहद को मिलाकर पानी के साथ लिया जाए तो इस दर्द और सूजन में बहुत आराम मिलने लगता है।

पाचन शक्ति में सुधार करे – पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दालचीनी बड़ी आसानी से दूर कर देती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट से इन्फेक्शन को मिटाते हैं और कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाते हैं।

मुँह की दुर्गन्ध दूर करे – मुँह की दुर्गन्ध को दूर करने में भी दालचीनी काफी मददगार हो सकती है। एक कप पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर माउथवाश बनाया जा सकता है जिससे कुल्ला करने से मुँह की दुर्गन्ध दूर हो जायेगी।

स्वाद और सेहत से भरपूर दालचीनी शरीर को कितना फायदा पहुंचा सकती है, ये तो आपने जान लिया है लेकिन इसके अधिक सेवन से कई समस्याएं भी हो सकती है और कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में दालचीनी के साइड इफेक्ट्स को जानना भी ज़रूरी है –

समय से पहले प्रसव – प्रेग्नेंसी के दौरान दालचीनी का नियमित सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकती है और कई मामलों में इसका सेवन समय से पहले प्रसव का कारण भी बना है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान जरुरत के अनुसार कभी-कभार ही इसका सेवन करें।

लीवर फेल हो सकता है – दालचीनी का ज़्यादा सेवन लीवर फेलियर का कारण बन सकता है क्योंकि दालचीनी के ज़्यादातर प्रकारों में लगभग 5 प्रतिशत कुमरिन होता है इसलिए सीलोन दालचीनी का प्रयोग किया जाना चाहिए जिसमें कुमरिन की मात्रा केवल 0.04 प्रतिशत ही होती है।

खून पतला करे – कैसिया दालचीनी खून को पतला करता है जबकि सीलोन दालचीनी खून को इतना पतला नहीं करती है। ऐसे में खून को पतला करने वाली दवाएं लेते समय कैसिया दालचीनी के इस्तेमाल से बचें और डॉक्टर से सलाह लेकर ही दालचीनी का सेवन करें।

त्वचा में जलन – अगर दालचीनी के तेल को बिना कुछ मिलाये, सीधे स्किन पर लगा लिया जाए तो स्किन पर जलन हो सकती है इसलिए इसके तेल का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखनी चाहिए।

पेट में जलन हो सकती है – दालचीनी का संयमित इस्तेमाल जहाँ पेट की तकलीफों को दूर करता है वहीँ आवश्यकता से अधिक सेवन पेट में जलन भी पैदा कर सकता है। पेट के अल्सर से ग्रस्त लोगों में दालचीनी के साइड इफेक्ट्स बहुत अधिक देखे जा सकते हैं। ऐसे में दालचीनी का सीमित मात्रा में सेवन करें और पेट से जुड़ी समस्याओं में डॉक्टर से परामर्श लेकर ही इसका सेवन करें।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि दालचीनी एक औषधीय मसाला है जो रसोई में ज़ायके को और शरीर की सेहत को दुरुस्त करने में मददगार होता है और अब आप ये भी जान चुके हैं कि इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए और कुछ विशेष परिस्थितियों में इसके सेवन से बचना भी चाहिए। तो बस, अपनी जरुरत के अनुसार दालचीनी के सेवन को शुरू कर दीजिये और अपनी सेहत को संवार लीजिये।

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