क्या कभी सोचा है ऐसा बर्ताव इंसानों के साथ हो तो ?

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कुछ लोग स्वाद के चक्कर में मांस खाते हैं तो कुछ लोग शौक पूरा करने के लिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जो जानवरों के मांस या खाल से बनी हो। लेकिन हम अपने शौक पूरे करने के चक्कर में कितना बड़ा नुक्सान करते हैं इसका हमे अंदाजा भी नहीं। हमारे शौक के चक्कर में बेचारे बेजुबान जानवरों को अपनी बलि देनी पड़ती है। क्या कभी किसी ने सोचा है इंसान के शौक पूरा करने के बदले जो बर्ताव जानवरों के साथ होता है अगर ऐसा बर्ताव इंसानों के साथ हो तो ?

आइये आज आपको कुछ ऐसी ही बातों से रूबरू कराते हैं जिन्हें जानकर आप भी कहेंगे शाकाहारी होना ही मानवता है और जानवरों के मांस और खाल से बनी चीजों को ना खरीदना जानवरों के प्रति मानवता है।

1. अपना स्वाद बढ़ने के लिए इंसान मांस खाते हैं लेकिन जानवरों का दर्द महसूस नहीं करते। अगर ऐसा सलूक इंसानों के साथ किया जाये तो ?

2. शरीर को गर्म रखने के लिए पशुओं की खाल से बनी पोशाकें पुराने समय से चलन में हैं और आज ये फैशन बन गया है लेकिन क्या कभी सोचा है हमारे फैशन की कीमत उन बेजुबान जानवरों को अपनी जान गवां कर चुकानी पड़ती है।

3. शायद आपको पता ना हो लेकिन लिपिस्टिक, लिपबाम या क्रीम को टेस्ट करने के लिए चूहों का इस्तेमाल होता है इसके अलावा काजल की टेस्टिंग में खरगोशों को अंधा होना पड़ता है। शौक हमारा कुर्बानी उन बेजुबान जानवरों की, क्या ये जायज है ?

4. मीट उद्योग के लिए काम आने वाले जानवरों को एंटीबायोटिक खिलाये जाते हैं साथ ही उनके तेजी से शारीरिक विकास करने के लिए उन पर कई तरह के रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन क्या कभी किसी इस दौर से गुजरने वाले उन जानवरों की पीड़ा को समझा है ?

5. लोगों को स्टाइलिश बैग, पर्स या बेल्ट का शौक होता है लेकिन उनके इस शौक को पूरा करने के लिए कीमत मगरमच्छों, सांपों, गायों और भैंसों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है, क्या शौक आज के समय में इतनी बड़ी चीज़ है ?

6. कछुओं के सख्त कवर को कई जगह इस्तेमाल किया जाता है, कुदरत द्वारा अपनी रक्षा करने के लिए दिए गए कवच के कारण ही कछुए आज इंसानों का शिकार बन रहे हैं और अपनी ही सुरक्षा नहीं कर पा रहे।

7. मछली और सील का शिकार करने के लिए कई लोग ध्रुवों के बर्फीले इलाके में जाते हैं और वहां के ध्रुवीय भालुओं का भी शिकार करने से नहीं चूकते ऐसे में ध्रुवीय भालुओं की संख्या भी दिन-ब-दिन घटती जा रही है।

8. समुंद्र में शान से गोता लगाती अपनी जिंदगी जीने वाली व्हेल मछलियों को भी इंसान नहीं छोड़ते उन्हें भी पकड़कर कई उद्योगों में अपने फायदे के लिए काम में लिया जाता है।

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