दांतों की कैविटी दूर करने के उपाय

अगस्त 29, 2017

अक्सर बच्चों को कहा जाता है कि ज़्यादा चॉकलेट मत खाओ वरना दांतों में कैविटी हो जायेगी। दांतों की कैविटी का मतलब होता है दांतों में छेद होना। दांतों पर एनेमल की परत होती है जो मुँह में मौजूद अम्ल के कारण खोखली होने लगती है और इसी कारण दांतों में कैविटी हो जाती है। हमारे मुँह में पाए जाने वाले बैक्टीरिया, लार और खाये गए पदार्थों के साथ मिल कर दांतों की सतह पर जमा हो जाते है, इसे प्लाक कहते है। प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया हमारे खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है और इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होकर कैविटी बना लेते हैं। अब आपको बताते है कि दांतों की कैविटी को दूर करने के उपाय जिन्हें अपना कर आप कैविटी होने पर राहत पा सकते हैं।

हल्दीदांतों की कैविटी से राहत के लिए हल्दी एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण भी मौजूद होते हैं जो मसूड़ों को भी स्‍वस्‍थ रखते हैं साथ ही बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकते हैं। जिस दांत में कैविटी का दर्द है, वहाँ थोड़ा सा हल्‍दी पाउडर लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

नीमनीम की डंडी का इस्तेमाल दांतों के मंजन के रूप में किया जाता रहा है। अगर आज भी दांतों के मंजन के रूप में नीम की डंडी का ही इस्तेमाल किया जाए तो कैविटी जैसी समस्या नहीं आएगी। नीम के एंटी बैक्टीरियल गुणों के बारे में सभी जानते हैं। नीम का यही गुण बैक्‍ट‍ीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है साथ ही दांतों और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ और मजबूत बनाने में भी सहायक होता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों का रस रगड़कर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। ऐसा दिन में एक या दो बार करने से आप राहत महसूस करेंगे।

आंवलाविटामिन-सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को दूर करने में मदद करता है। दांतों की कैविटी से निजात पाने के लिए नियमित रूप से आंवला खाये या आंवला पाउडर का सेवन करें। आंवला कैविटी दूर करने के साथ मुँह को साफ़ रखेगा और साँसों की बदबू को भी मिटा देगा।

लहसुनलहसुन जितना स्वाद को बढ़ाने में मददगार होता है उतना ही दांतों की कैविटी दूर करने में भी सहायक होता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुणों के साथ एंटी-बायोटिक गुण भी मौजूद होते हैं। लहसुन की 3-4 कलियों को मसल कर 1/4 चम्मच सेंधा नमक के साथ पेस्ट बना लें और कैविटी वाले दांत पर 10 मिनट के लिए लगाए।

नमकनमक से आपकी सब्ज़ी का ज़ायका तो बढ़ता ही है साथ में दाँतों की कैविटी का इलाज भी संभव है। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण दांतों के दर्द और सूजन को दूर करने में सहायक है। इसके लिए एक चम्मच नमक गरम पानी में मिला कर इससे कुल्ला करें। अगर ऐसा दिन में तीन बार किया जाए तो कैविटी के दर्द से जल्द राहत मिल सकती है।

लौंगदांतों से जुड़ी किसी भी समस्या में सबसे पहले लौंग को याद किया जाता है। लौंग में पाए जाने वाले एंटी- इंफ्लेमेटरी और एंटी -बैक्टीरियल गुण दांतों के दर्द को दूर करते हैं और कैविटी को बढ़ने से रोकते हैं। कैविटी होने पर 1/4 चम्‍मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग का तेल मिलाये और रात को सोने से पहले रुई में लेकर प्रभावित दांत में लगा लें।

ऑयल पुलिंगदांतों की कैविटी हो या मसूड़ों से खून बहने और सांस की बदबू की शिकायत हो, ऑयल पुलिंग एक कारगर पुराना नुस्खा है। इसके लिए तिल के तेल की एक चम्‍मच को 20 मिनट तक मुंह में रखकर थूक दें। इस दौरान ध्यान रखें कि आप इसे निगल न लें। इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। यह उपाय रोज़ाना खाली पेट करें और इसके बाद ब्रश कर लें। इस प्रक्रिया में आप तिल के तेल के अलावा नारियल तेल या सूरजमुखी के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैविटी होने पर उससे राहत पाने के तरीके तो आपने जान लिए हैं लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपके दांतों में कैविटी हो ही नहीं, तो इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा-

अब आप जान चुके हैं कि अपने दांतों को कैविटी होने से कैसे बचाये और अगर कैविटी हो गयी है तो उसमें कैसे राहत पा सकते है। तो देर किस बात की, अभी से इन बातों पर गौर फरमाइए और अपने दांतों की सेहत को बेहतर बना लीजिये ।

किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले। हमने आपसे सिर्फ ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है। कोई भी प्रयोग आजमाने से पहले अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल जरूर करे। सदैव खुश रहे और स्वस्थ रहे।

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