डिमेंशिया क्या है?

जब कोई पुरानी बात याद करने में हमें बहुत समय लग जाता है तो हम बहुत असहज महसूस करने लगते हैं लेकिन सोचिये जब किसी की याद्दाश्त धीरे-धीरे कम होती जाती होगी तो उसे कैसा लगता होगा? डिमेंशिया ऐसी ही एक बीमारी है जिसमें व्यक्ति भूलने लगता है, कुछ देर पहले की बात को याद करने में भी उसे दिमाग पर बहुत जोर लगाना पड़ता है। ऐसे में इस बीमारी के बारे में आपको भी जरूर जानना चाहिए ताकि समय रहते आप भी सजग हो सके। तो चलिए, आज बात करते हैं डिमेंशिया (मनोभ्रंश) की।

डिमेंशिया एक सिंड्रोम है जिसमें सोचने में कठिनाई होती है और समस्याओं का हल ढूँढना मुश्किल हो जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति के लिए रोजमर्रा के जरुरी काम जैसे कपड़े पहनना, खाना, गाड़ी चलाना भी नामुमकिन हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ ये सिंड्रोम होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

आमतौर पर मस्तिष्क के एक भाग सेरेब्रल कॉर्टेक्स में गड़बड़ी के कारण डिमेंशिया होता है। दिमाग का ये हिस्सा विचार करने, निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण काम करता है लेकिन किन्हीं कारणों से अगर इस हिस्से की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं तो डिमेंशिया की स्थिति बन जाती है। अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम रुप होता है।

डिमेंशिया के लिए जिम्मेदार कुछ कारण-

  • सिर पर लगी चोट
  • मेनिन्जाइटिस, सिफलिस या एड्स जैसा इन्फेक्शन
  • मस्तिष्क में द्रव भर जाना
  • हार्मोन सम्बन्धी विकार होना
  • नशे की लत होना
  • खून में ख़राब ऑक्सीजन का होना

डिमेंशिया के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं-

  • अचानक याद्दाश्त चले जाना
  • चाय/कॉफी या खाना बनाने जैसे काम पूरा करने में दिक्कत आना
  • बात करने में परेशानी अनुभव करना
  • किसी पहचाने हुए रास्ते को भूल जाना
  • रोजाना की जरुरी चीजों को रखकर भूल जाना
  • मूड का अचानक बदल जाना
  • किसी काम को शुरू करने में झिझकना

डिमेंशिया से बचाव के लिए कोई टीका अभी तक उपलब्ध नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही इससे बचाव किया जा सकता है जिसमें पौष्टिक आहार और व्यायाम शामिल हो।

“आँख का वजन कितना होता है?”