देर रात खाना खाने के हानिकारक परिणाम

हर पल चौबीस घड़ी और सातों दिन इस भागमभाग की दुनिया में रात के भोजन को पूर्णरूप से गलत ठहराना उचित तो नहीं होगा। क्योंकि देर रात खाना कई लोगों की मजबूरी है, कइयों की आदत तो कई लोग इसे फैशन मानते है। कारण चाहे जो भी हो लेकिन शारीरिक दृष्टि से यह आदत हानिकारक ही है। एक अमेरिकन शौध के निष्कर्ष से यह सामने आया की जो लोग देर रात खाना खाते है वे तुलनात्मक रूप से अन्य से ज्यादा खा लेते है जिसमें किसी तरह का कोई नियम नहीं होता। इस कारण अधिक कैलोरी का सेवन हो जाता है और ना चाहते हुए भी कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

देखा जाए तो आज के समय में लोगों के पास समय ही नहीं है ना खुद के लिए और ना ही जरूरी कामों के लिए। इन जरूरी कामों में से एक काम है समय पर भोजन करना। जबकि इस बात से सभी वाकिफ है अच्छी सेहत के लिए सोने से तीन घंटे पहले भोजन करना हितकर है। लेकिन फिर भी लोग अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है। डॉक्टर के अनुसार रात के समय शरीर की पाचनक्रिया और मेटाबॉलिज्‍म प्रोसेस स्लो होता है। जिससे भोजन पूरी तरह से पच नहीं पाता और शरीर में एक्‍ट्रा फैट जमा होने लगता है। जो कई बीमारियों को बुलावा देता है. भोजन को पचाने के लिए शरीर को 3-4 घंटे का समय लगता है, लेकिन रात को समय के अभाव में लोग भोजन के तुरंत बाद सोने चले जाते है और मोटापे के शिकार होने लगते हैं।

हमारे बड़े-बुजुर्ग कहा करते थे जल्दी खाने और जल्दी सोने से शरीर चुस्त-दुरुस्त बना रहता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से आज भी ग्रामीण लोग अधिक तंदुरुस्त है। जबकि शहरी लोगों में स्वास्थ्य इसके बिल्कुल विपरीत है। देर रात डिनर करने की आदत से अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट ले लेते है। जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। खतरे तमाम है फिर भी आदत से लाचार है लोग। जिनको रात की शिफ्ट में काम करना पड़ता है उनके लिए यह समझना बहुत ही मुश्किल है की वे क्या करे। ऐसे में इन लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की उनके भोजन में फाइबर की मात्रा अधिक हो, भोजन गरिष्ठ ना हो। जहाँ तक हो सके हल्का और शाकाहारी भोजन का चुनाव बेहतर है जो जल्दी पच जाता है। पोषण विशेषज्ञ भी रात को भूखा रहने से मना करते है। रात को कम खाएं लेकिन कुछ-कुछ अंतराल में थोड़ा-थोड़ा खाते रहे। यह सलाह उन्हीं लोगों के लिए है जो रातभर काम करते है और रात को खाना उनकी मजबूरी हैं।

जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं होता! एक बार सोचिए जब यह शरीर ही स्वस्थ नहीं होगा तो यह पैसा भी आपके क्या काम आयेगा। अपने काम के प्रति जिम्मेदार रहना बहुत ही अच्छी बात है लेकिन स्वास्थ्य की कीमत पर जिम्मेदार होना आपको महंगा पड़ सकता है। अपनी आदत में थोड़ा बहुत सुधार करे और खुद को बीमारियों से बचा के रखे। वो कहते है ना ”कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” तो चलिए एक कोशिश अपनी सेहत के लिए भी कर ली जाएं।

जो लोग देर रात खाना खाने की आदत से पीड़ित है उन्हें इन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

1. मोटापा – देर रात खाना खाने से अपच की समस्या हमेशा बनी रहती है क्योंकि शरीर में पाचन तंत्र की क्रिया बहुत ही धीमी हो जाती है और जो भी भोजन हम खाते है वो ट्राइग्लिसराइड्स में बदल जाता है। जिससे शरीर में एक्सट्रा फैट जमने लगता है जो मोटापा और वजन बढ़ने का बहुत बड़ा कारण है। अगर आप अधिक वजन या मोटापा की समस्या से पीड़ित है तो देर रात भोजन करने की आदत को सुधार लीजिए।

2. अल्सर – देर रात खाना खाके तुरंत सोने से पेट का एसिड फुड नली के द्वारा मुँह में आने लगता है जिससे खट्टी डकारे, गैस, बदहजमी के अलावा अल्सर और कैंसर जैसी समस्या भी दस्तक दे सकती है।

3. अनिद्रा – भोजन चाहे दोपहर का हो या रात का, उसे डाइजेस्ट होने में काफी समय लगता है। दिन की तुलना में रात को शारीरिक क्रिया स्लो होने के कारण भोजन पचता नहीं है और शरीर भी हल्का महसूस नहीं करता। इस कारण नींद में बाधा आती है जो धीरे-धीरे अनिद्रा की समस्या बन जाती है।

4. उच्च रक्तचाप – जिन लोगों को देर रात खाना खाने की आदत है उनके शरीर में ऐड्रेनलाइन हॉर्मोन का लेवल बढ़ता है जो हाई बीपी का बहुत बड़ा कारण है। भोजन करने के 3 घंटे बाद सोने जाने का नियम बनाए।

5. मधुमेह – अगर आप देर रात खाना खाने के आदि है तो मधुमेह की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है। रात को अधिक देरी से भोजन करने पर शरीर का मेटाबॉलिज्‍म प्रोसेस ठीक से काम नहीं करता। जिससे शुगर का लेवल बढ़ सकता है और डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।

6. तनाव – अधिक देरी से खाना खाने से नींद समय पर नहीं आती और सुबह जल्दी उठने के चक्कर में नींद पूरी भी नहीं होती। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है तो तनाव यानी स्ट्रेस का लेवल बहुत बढ़ने लगता है। यह एक ऐसी समस्या है जो बहुत सी समस्याओं को बुलावा देती है।

7. हृदय घात – देर रात खाना खाने से वजन में धीरे-धीरे इज़ाफा होने लगता है जिससे शरीर में बेड कॉलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लगता है जो हार्ट डिज़िज का खतरा बढ़ा देता है। खराब कॉलेस्ट्रॉल की वजह से हृदय कमजोर होने लगता है जो बाकी दिल संबंधी बीमारी का कारण भी होता है।

8. मानसिक डिस्‍ऑर्डर – देर रात खाना खाने की आदत से एक विशेष प्रकार का डिस्‍ऑर्डर उत्पन्न हो जाता है। इस तरह के मानसिक दोष में व्‍यक्ति को सदा खाने के बारे में अजीब-अजीब ख्याल आते रहते है। जिससे नींद प्रभावित होती है। यहाँ तक की नींद में भी भोजन के सपनें देखने लग जाता है। इस डिस्‍ऑर्डर में उसकी चिंता काफी बढ़ जाती है और मूड भी खराब व चिड़चिड़ा रहने लगता है। मेलाटोनिन का रेट कम और कार्सिटोन का रेट शरीर में बढ़ जाता है। देर रात किया गया भोजन किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं है ना मानसिक और ना शारीरिक तौर पर।

9. मांसपेशियों में दर्द – देर रात खाना खाने से टहलने का समय नहीं मिलता और ना ही हल्के व्यायाम कर पाते है सोने से पहले। क्योंकि व्यायाम तभी संभव है जब भोजन सही समय पर किया जाएं। सोने से पहले हल्के व्यायाम मांसपेशियों के दर्द में राहत पहुँचाते है। लेकिन ऐसा संभव ना होने पर शरीर में एनर्जी की कमी होने लगती है और मांसपेशियों में दर्द की समस्या शुरू हो जाती हैं।

स्वाद की चिंता कम और सेहत की चिंता अधिक कीजिए। रात को हरी सब्जियाँ, सलाद, फलों का रस जैसे विकल्प को चुने. भूख से कम भोजन करे। हल्का व सुपाच्य शाकाहारी भोजन लें। जिसे पचने में समय ना लगे। रात का भोजन तब सेहत के लिए खतरे का सबब बन जाता है, जब हम स्वाद के आदी हो जाते है और सेहत की अनदेखी करने लगते है। दिन ढलने के साथ शारीरिक क्रियाएं शिथिल यानी धीमी पड़ने लग जाती हैं। यह एक प्राकृतिक नियम है। जाहिर है, ऐसे में आंतों को भी भारी काम देना समझदारी नहीं हैं। रात का भोजन भारी होगा तो आंतों को अतिरिक्त सक्रियता दिखानी पड़ती हैं। जिसके परिणाम स्वरूप उपरोक्त समस्या के अलावा अपच, गैस, एसिडिटी, हाइपरटेंशन, बेचैनी और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्या भी घेर लेती है। हृदय रोग विशेषज्ञ का कहना हैं कि शरीर को सलामत रखना है तो पश्चिमी नकल से बचना होगा। रात में ज्यादा तैलीय, जंक फूड, मसालेदार, आइसक्रीम जैसी वसायुक्त और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों से बचना चाहिए।

अगर आप शाम को 6 बजे भोजन लेते है और सोते है आधी रात को तो ऐसे में आपको भूख तो लगेगी। इस दौरान अगर आप फिर से कुछ भारी खा लेते है तो शारीरिक प्रक्रिया का गड़बढ़ होना लाजमी हैं। इसलिए भोजन और सोने के बीच में 3 घंटे का अंतराल जरूरी है। फिर भी अगर भूख लगती है तो जूस जैसा कुछ हल्का ले सकते है। इससे नींद में भी बाधा नहीं आयेगी। कोशिश कीजिए भोजन का समय सही हो जिससे शरीर को जरूरी पोषण मिल सके। रात के भोजन के उपरांत ब्रश करना ना भूले। अंत में हमारी यही सलाह है शरीर के साथ खिलवाड़ ना करें और स्‍वस्‍थ रहने का हर संभव प्रयास करें।

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