दिमाग को एक्टिव करने के लिए करें ये उपयोगी योग

आजकल हम सभी अपने शरीर को फिट और एक्टिव बनाने के लिए व्यायाम और योग का महत्व समझने लगे हैं और हमने काफी हद तक इसे अपने रोजमर्रा के ज़रूरी कामों में शामिल भी कर लिया है लेकिन दिमाग को एक्टिव करने के लिए हम क्या करते हैं? उम्र बढ़ने के साथ दिमाग के काम करने की गति धीमी होने लगती है और मेमोरी भी कमज़ोर होने लगती है जिसके चलते हम बहुत-सी बातों को भूलने लगते हैं। ऐसे में ये ज़रूरी हो जाता है कि हम दिमाग को एक्टिव और शार्प बनाये रखने के लिए भी योग करें। तो चलिए, आज जानते हैं ऐसे ही कुछ ख़ास योगासनों के बारे में, जो दिमाग को तेज करते हैं–

हठ योग – हठ योग प्राचीन योग पद्दति है। इस योग में सांस पर ध्यान केंद्रित करके आसन किये जाते हैं। ऐसा करने से हर उम्र में दिमाग को दुरुस्त बनाया जा सकता है।

सुखासन – तनाव को दूर करके दिमाग को शांत करने का सरल उपाय है सुखासन योग। इसे करने से शारीरिक और मानसिक थकावट दूर हो जाती है और शान्ति का अहसास होने के साथ-साथ एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

पर्वतासन – ये आसन हमारे दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसे करने से कंधे और जोड़ों का दर्द ठीक होता है, रीढ़ की हड्डी में तनाव कम हो जाता है जिससे तंत्रिकाओं में स्फूर्ति बनी रहती है, मन प्रसन्न रहने लगता है और ध्यान केंद्रित होने लगता है।

  • इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पद्मासन में बैठ जाएँ यानी अपना दायां पैर बायीं जांघ पर और बायां पैर दायी जांघ पर रख लें।
  • अब सांस को अंदर भरते हुए मूलबन्ध लगाएं और अपने दोनों हाथों को ऊपर की तरफ सीधा खड़ा कर लें।
  • इस दौरान क्षमता अनुसार सांस को रोक कर रखें।
  • अब सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए अपने हाथों को नीचे की ओर ले आएं और घुटनों पर रख लें।
  • इस क्रिया को बार बार दोहराते जाएँ।
  • इस आसन को आप पद्मासन या सुखासन में कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तासन – ये आसन ना केवल तनाव को दूर करता है बल्कि मेमोरी भी शार्प करता है। इतना ही नहीं, इस आसान से आसन को करने से रीढ़ की हड्डी और पीठ के निचले हिस्से में भी सुधार होता है। साथ ही पाचन बेहतर बनता है, शरीर की थकान कम होने लगती है और किडनी स्वस्थ रहती हैं। इतने सारे लाभ देने वाले इस आसन को आप ज़रूर करें।

  • इस आसन को करने के लिए चटाई पर बैठ जाएँ।
  • अब दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं।
  • सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाएँ।
  • अब सांस छोड़ते हुए आगे की और झुके।
  • अब क्षमता अनुसार अपने पैरों की उँगलियों को पकड़ने का प्रयास करें।
  • अपनी नाक को घुटने से लगाने का प्रयास करें।
  • धीरे-धीरे सांस लें और धीरे-धीरे साँस छोड़ें।
  • इस तरह एक चक्र पूरा होता है, आप धीरे-धीरे चक्रों की संख्या बढ़ाकर 3-5 कर लें।

पद्मासन – स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए नियमित रूप से पद्मासन करना चाहिए। ये ध्यान का प्राचीन और सरल रूप है। इस आसन को करने से मन शांत होता है, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है और दिमाग स्थिर और शांत होने से एकाग्रता बढ़ने लगती है।

  • इस योगासन को करने के लिए आसन पर बैठ जाएँ।
  • अब धीरे-धीरे अपने पैरों को मोड़ें और पैरों के पंजों को दूसरे पैर की जांघ के ऊपर रख लें।
  • इस समय आपके पैरों के तलवे पेट की तरफ होने चाहिए।
  • कमर और गर्दन को एकदम सीधा रखें।
  • अब दोनों हाथों को मुद्रा स्थिति में घुटनों पर रखें।
  • दोनों कन्धों को बराबर और सीधे रखें।
  • अब आँखों को बंद करके धीरे-धीरे सांस लें।
  • दोनों पंजों को अगर एक-दूसरी जांघ पर रखने में तकलीफ हो तो केवल एक ही पंजे को जांघ पर रखकर इस आसन का अभ्यास करें।

भुजंगासन – भुजंगासन दिमाग को शांत करने वाला एक और बेहतरीन आसन है जो शरीर के बहुत से भागों को राहत दिलाता है। इसे करने से दिमाग में सकारात्मक विचार आने शुरू हो जाते हैं।

  • इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएँ और अपने दोनों पैरों को जोड़ लें।
  • हाथों को अपने कन्धों के बगल में रख लें।
  • आपका सिर ज़मीन को छूना चाहिए।
  • अब गहरी साँस लेते हुए अपने सिर को ऊपर उठायें और आसमान की ओर देखने का प्रयास करें।
  • थोड़ी देर इसी अवस्था में रुकते हुए सांस लें।
  • अब साँस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सिर को नीचे ले आएं और सामान्य स्थिति में आ जायें।
  • इसी क्रिया को 3-5 बार करें।

दोस्तों, बढ़ती उम्र को तो हम नहीं रोक सकते लेकिन उम्र के साथ कम होती याददाश्त को ज़रूर बेहतर बनाये रख सकते हैं और इसके लिए आपको क्या करना है, ये अब आप जान चुके हैं इसलिए अपने दिमाग को हर उम्र में तेज़ बनाये रखने के लिए योग का सहयोग लीजिये और हर उम्र में अपनी मेमोरी को शार्प बनाये रखिये।

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