दिन और रात क्यों होते हैं?

नवम्बर 27, 2018

हमारी दिनचर्या दिन और रात के चक्र के अनुसार निर्धारित की गयी है जिसके अनुसार हम अपना हर काम किया करते हैं लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि चाहे दुनिया में कुछ भी क्यों ना हो जाए, दिन और रात होने की प्रक्रिया बिलकुल वैसी ही रहती है। ऐसे में ये जानना रोचक होगा कि आखिर ये दिन रात होते कैसे हैं। तो चलिए, जानते हैं।

सामान्य स्तर पर तो हम यही जानते हैं कि जब आकाश में सूर्य दिखाई दे, तब दिन होता है और जब सूर्य दिखाई ना दे तब रात हो जाती है जबकि इसका साइंटिफिक रीजन कुछ और है।

सूर्य के प्रकाश और पृथ्वी की गति से तो आप परिचित ही होंगे। सोलर सिस्टम की पूरी ऊर्जा का सोर्स सूर्य ही होता है। सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाने वाले ग्रह, धूमकेतु, उल्काएं और आकाशीय पिंड मिलकर सोलर सिस्टम बनाते हैं और इन्हीं ग्रहों में से एक है पृथ्वी, जो बाकी ग्रहों की तरह अपनी चाल से सूर्य की परिक्रमा करती है।

पृथ्वी ना केवल सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है बल्कि अपनी धुरी पर भी लगातार घूमती रहती है। पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ एक चक्कर लगाने में 365 दिन 6 घंटे 48 मिनट और 45.51 सेकेंड का समय लेती है और अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करने में पृथ्वी को 24 घंटे (23 घंटे, 56 मिनट और 4.09 सेकंड) का समय लगता है।

सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते समय, लगभग गोल आकार की पृथ्वी का आधा हिस्सा ही सूर्य के सामने रह पाता है जिस पर सूर्य का प्रकाश पड़ता है। इसी प्रकाशमान हिस्से पर दिन होता है और पृथ्वी का जो बाकी आधा हिस्सा सूर्य के प्रकाश से वंचित रह जाता है उस पर अँधेरा होने के कारण रात हो जाती है।

दोस्तों, अब आप जान गए होंगे कि दिन और रात होने के क्या कारण हैं और दुनिया में होने वाली किसी भी हलचल से ये प्रक्रिया अप्रभावित कैसे रहती है।

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