आइये जानते हैं डीएनए की खोज किसने की। डीएनए के बारे में आपने जरूर पढ़ा होगा और डीएनए टेस्ट से जुड़ी ख़बरों ने भी आपकी जानकारी में इजाफ़ा किया होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये डीएनए इतना महत्वपूर्ण क्यों होता है और इसका आविष्कार किसने किया है?

ऐसे में क्यों ना, आज डीएनए के महत्त्व को जानने के साथ इसके आविष्कार से जुड़ी जानकारी भी ली जाये। तो चलिए, आज जानते हैं डीएनए और उसके आविष्कार के बारे में।

डीएनए का पूरा नाम ‘डीऑक्सीराइबोज़ न्यूक्लिक एसिड’ होता है। डीएनए में जीवन के विकास, वृद्धि, प्रजनन और कार्य के लिए निर्देश होते हैं। डीएनए एक जटिल, लम्बा अणु है जिसकी संरचना घुमावदार सीढ़ी जैसी होती है।

हैरानी की बात ये है कि अगर मानव शरीर में मौजूद सभी डीएनए को सुलझाया जाये तो ये इतने लम्बे होंगे कि सूर्य तक पहुंचकर 300 गुना बार वापिस पृथ्वी पर पहुँच सकते हैं।

डीएनए की खोज किसने की? 1

डीएनए की खोज किसने की?

डीएनए की आणविक संरचना की खोज का श्रेय American biologist James Watson और English physicist Francis Crick को जाता है जिन्होंने 1953 में ये महान खोज की और इसके लिए उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।

माना जाता है कि वाट्सन क्रिक मॉडल से पहले ही डीएनए की खोज की जा चुकी थी जो साल 1869 में Swiss chemist Friedrich Miescher ने की थी। उन्होंने इसका नाम Nuclein रखा।

दोस्तों, डीएनए की खोज जीव विज्ञान के क्षेत्र की एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खोज साबित हुयी।

उम्मीद है जागरूक पर डीएनए की खोज कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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