आइये जानते हैं डीएनए और आरएनए के बीच क्या अंतर है। सभी जीवों में पाया जाने वाला एक वंशानुगत पदार्थ डीएनए होता है और सभी जीवित कोशिकाओं में आरएनए भी पाया जाता है जो डीएनए से निर्देश लेकर प्रोटीन संश्लेषण को नियंत्रित करता है।

ऐसे में डीएनए और आरएनए के बीच के अंतर को जानना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है इसलिए आज बात करते हैं डीएनए और आरएनए के बीच के अंतर के बारे में।

डीएनए और आरएनए के बीच क्या अंतर है? 1

डीएनए और आरएनए के बीच क्या अंतर है?

फुल फॉर्म – डीएनए का पूरा नाम डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड होता है क्योंकि इसमें डिऑक्सीराइबोज शर्करा पायी जाती है जबकि आरएनए का पूरा नाम राइबोन्यूक्लिक एसिड होता है क्योंकि इसमें राइबोज शर्करा पायी जाती है।

उपस्थिति – डीएनए कोशिका के नाभिक में और कुछ कोशिकांगों के अंदर पाया जाता है। साथ ही ये डीएनए पौधों के माइटोकॉन्ड्रिया में भी मौजूद होता है जबकि आरएनए कोशिका के कोशिकाद्रव्य में पाया जाता है और कोशिका के नाभिक में इसकी बहुत कम मात्रा पायी जाती है।

संरचना – डीएनए एक डबल स्ट्रेन्डेड अणु होता है जबकि आरएनए एक सिंगल स्ट्रेन्डेड अणु होता है। डीएनए की दोनों लड़ियाँ एकदूसरे पर विमुख दिशा से सर्पिलाकार रुप में लिपटी रहती है जबकि आरएनए की एकलड़ी स्वयं पर वलित होकर कुंडलित संरचना बनाती है।

क्षार क्रम – डीएनए में पाए जाने वाले बेस (क्षार) एडिनीन, ग्वानिन, थायमिन और साइटोसीन होते हैं जबकि आरएनए में बेस थायमिन की जगह यूरेसिल पाया जाता है।

डीएनए की बेस पेरिंग AT और GC होती है जबकि आरएनए की बेस पेरिंग AU और GC होती है।

प्यूरिन-पिरिमिडीन अनुपात – डीएनए के एक अणु में प्यूरीन्स और पिरिमिडिन्स क्षारों की मात्रा बराबर होती है जबकि आरएनए के एक अणु में प्यूरीन्स और पिरिमिडिन्स की ये मात्रा बराबर नहीं होती है।

पुनःप्राकृतिकरण की क्रिया – डीएनए के विकृतिकरण के बाद पुनःप्राकृतिकरण की क्रिया अपूर्ण होती है और बहुत धीमी गति से संपन्न होती है जबकि आरएनए के पुनःप्राकृतिकरण की क्रिया पूर्ण और तेज गति से संपन्न होती है।

पुनरावृति और अनुलेखन – डीएनए अणु से पुनरावृति द्वारा डीएनए बनाया जाता है और अनुलेखन द्वारा आरएनए निर्मित किये जाते हैं जबकि आरएनए में पुनरावृति और अनुलेखन जैसी क्रियाएं नहीं होती हैं।

न्यूक्लियोटाइड्स की संख्या – डीएनए के एक अणु में न्यूक्लिओटाइड्स की संख्या बहुत ज्यादा होती है जबकि आरएनए के एक अणु में न्यूक्लिओटाइड्स बहुत कम संख्या में पाए जाते हैं।

कार्य – डीएनए आनुवंशिक क्रियाओं का संचालन करता है जबकि आरएनए प्रोटीन संश्लेषण में सहायक बनता है।

अल्ट्रा वॉयलेट किरणों का प्रभाव – डीएनए अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से क्षतिग्रस्त हो सकता है जबकि आरएनए पर इन किरणों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

उम्मीद है जागरूक पर डीएनए और आरएनए के बीच क्या अंतर है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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