शरीर की इन छोटी छोटी तकलीफों को ना करें नजर अंदाज

जून 8, 2016

कई बार हम अपने शरीर में होने वाली छोटी छोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये आगे चलकर बड़ी और खतरनाक बिमारी का रूप भी ले सकती हैं। आप भी जानिए और ध्यान दीजिये अगर आप भी इन छोटी छोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर रहे हैं तो आप हो सकते हैं बड़ी बिमारियों का शिकार।

ब्लीडिंग – खांसते समय खून आना लंग्स कैंसर, स्टूल में ब्लड आना कोलन या रेक्टल कैंसर, यूरिन में ब्लड आना सर्वाइकल, ब्लेडर, किडनी कैंसर के कारण हो सकता है।

गले में खराश – आम तौर पर हम गले की खराश को गंभीरता से नहीं लेते लेकिन ये प्रॉब्लम लम्बे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

लम्बे समय तक खांसी – अगर लम्बे समय तक खांसी जारी रहे और दवा लेने से ठीक ना हो तो चेकअप जरूर करना चाहिए। ये लंग्स या थाइरोइड कैंसर का संकेत भी हो सकता है।

मस्से या छाले – शरीर में अचानक मस्से या छाले उभर आना स्किन कैंसर के कारण हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने की गलती ना करें।

मोशन में बदलाव – अगर आपके मोशन की टाइमिंग, अमाउंट और साइज में कुछ बदलाव होता है तो इसे हल्के में ना लें। अगर ये स्थिति लम्बे समय तक बनी रहती है तो ये कोलोन कैंसर का संकेत हो सकता है।

निगलने में तकलीफ – खाना निगलने में तकलीफ बनी रहना और इसके लिए कोई सामान्य कारण का पता ना चल पाए तो ये गंभीर समस्या है। ऐसा गले के कैंसर के कारण भी हो सकता है।

गांठ या उभार – यदि शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक कोई गांठ या उभार पैदा हो गया है तो इसकी जाँच कराना बेहद जरुरी है। इन गांठों में कैंसर सेल्स पनपने का खतरा हो सकता है।

दर्द – शरीर में अक्सर दर्द होना किसी ना किसी तकलीफ का संकेत तो होता ही है पर कई बार ये ज्यादा गंभीर समस्या जैसे बोन कैंसर या ओवेरियन कैंसर का भी संकेत हो सकता है।

वजन कम होना – अचानक 5 किलो या जायद आवाजें कम हो गया हो तो इसे गंभीर समस्या मानें, क्योंकि यह पैंक्रियाटिक लंग्स या दूसरे कैंसर की वजह हो सकता है।

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