अंगूर के फायदे

अंगूर एक प्राकृतिक और रसीला फल है। अंगूर के फायदे बहुत है। जितना सुंदर इसका नाम है, खाने में भी यह उतना ही पौष्टिक और स्वादिष्ट है। इनकी पाँच तरह की किस्में पाई जाती है- तीन हरे और दो काले। हरे अंगूरों को सूखा कर किशमिश और काले अंगूरों को सूखा कर मुनक्का तैयार की जाती है। इसके अलावा शर्बत, बियर, अंगूर के बीज का तेल, सिरका, अंगूर का शीरा आदि कई वस्तुएं बनाई जाती है। यह एक बलवर्धक और सौंदर्यवर्धक फल है जो बेलों पर बड़े-बड़े गुच्छों के रूप में लगता है। इसे फलों में सर्वोतम माना गया है, क्योकि इसमे पानी, शर्करा, पोटेशियम, आयरन, क्लोराइड मेग्नीशियम, सोडियम, साइट्रिक एसिड, विटामिन-ए,बी,सी, मौलिक एसिड, रेशा, ग्लूकोज, कषाय द्रव्य, हाइट्रिक, रैसेमिक आदि अनेक गुणकारी तत्व पायें जाते है। 79% पानी की मात्रा होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।

वैज्ञानिकों की रिसर्च यह बताती है कि अंगूरों का उत्पादन सबसे पहले यूरोप में लगभग छः हज़ार साल पहले हुआ था। रसीले अंगूर को एक आयु बढ़ाने वाला फल माना जाता है। जिन बड़े-बड़े जटिल रोगों में जब रोगी को कुछ खाने नही दिया जाता तब ऐसी दशा में रोगी को अंगूर खाने की सलाह दी जाती है। इसके रोजाना सेवन से बुढ़ापा भी जल्द नही आता है, क्योकि हाल ही में अमेरिका में हुई रिसर्च यह बताती है कि लाल अंगूर में रिसवेराट्रोल नामक रसायन तत्व पाया जाता है जो हृदय को वृद्धावस्था के प्रभावों और रोगों से बचाता है। लाल अंगूर में पाया जाने वाला यह पदार्थ कम कैलोरी वाला होता है, जो लम्बी आयु और बुढ़ापे में विलंब का कारण बनता है।

अंगूर की विशेषता यह है कि इसे रोगी, निरोगी, बच्चें, युवा, बूढ़े, गर्भवती, कमजोर, ताकतवर सभी निश्चिंत होकर खा सकते है। अंगूर में ओरोस्टिलवेन नामक तत्व होता है जो एंटी ओक्सीडेंट है। प्राकृतिक फल होने के कारण यह मीठा होते हुए भी इसमे शुगर की मात्रा नही होती है। इस कारण इसके सेवन से खून में शुगर की मात्रा कम होती है। इसलिए अंगूरों का नित्य सेवन कैंसर, एनीमिया और मधुमेह के रोगियों के लिए तो बहुत ही लाभकारी है। इसके अलावा इसका प्रतिदिन सेवन ग्लूकोज, आयरन, खून की कमी को दूर करता है। आँखों, झुरियाँ, खांसी, पाचन, चर्म रोग, जी मिचलाना, चक्कर आना, उच्च रक्तचाप, नकसीर, टी बी, श्वास व वायु रोग, त्वचा, बालों, जोड़ों में दर्द, छालों, माइग्रेन, दातों, कफ आदि सैकड़ों बिमारियों में इसका नित्य सेवन बेहद ही लाभकारी है।

अंगूर में गुणों के इतने राज़ छिपे है कि इसे माँ के दूध के समान पोषक माना गया है। इसका सेवन निर्बल-सबल और स्वस्थ-अस्वस्थ सभी के लिए समान लाभप्रद है। खट्टे-मीठे स्वाद वालें इन अंगूरों की तासीर ठंडी होती है। तभी तो इनके सेवन से शरीर को शीतलता प्राप्त होती है। तो आइये जाने अंगूर के फायदे, अंगूर किस तरह से स्वास्थ्य को बहुत से रोगों से निजात दिलाता है।

  1. खून की कमी – एक गिलास अंगूर के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून की कमी नही रहती और शरीर में यह हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी बढ़ाता है।
  2. मुंह के छालें – अंगूर के रस से कुल्ला करने से मुंह की सभी समस्या दूर होती है।
  3. कब्ज – अंगूर में कालीमिर्च और नमक मिलाकर खाने से कब्ज दूर होता है।
  4. माइग्रेन – सुबह-सुबह उठकर अंगूर का रस पीने से माइग्रेन की समस्या कुछ ही दिनों में दूर हो जाती है।
  5. मधुमेह – अंगूर के सेवन से रक्त में शुगर की मात्रा कंट्रोल होती है। इसलिए ऐसे रोगियों को अंगूर का सेवन करना चाहिए।
  6. सनबर्न – अंगूर के गुद्दे को त्वचा पर लगाने से सनबर्न की समस्या नही रहती है। साथ ही अंगूर के रस को आँखों के नीचे लगाने से आँखों का कालापन भी दूर होता है।
  7. चेचक – इस तरह की समस्या होने पर अंगूर को गर्म पानी से धो कर खायें लाभ मिलेगा।
  8. वजन कम करना – अंगूर में कैलोरी कम और पानी व रेशा की मात्रा ज़्यादा होती है जिस कारण पेट भरा रहता है और बहुत समय तक भोजन की आवश्यकता भी नही पड़ती है।
  9. जुखाम – रोजाना 50 ग्राम अंगूर का सेवन करते रहने से जुखाम, खांसी और कफ जैसी मौसमी बिमारियों से राहत मिलती है।
  10. पेट की गर्मी – पेट को ठंडा रखने के लिए रोजाना रात को 20-25 अंगूर को पानी में भिगो कर रख दे फिर सुबह इनको उसी पानी में मसले और ज़रा सी शक्कर डाल कर पिएं। पेट की जलन, पेट फूलना आदि समस्या दूर होती है।

उपरोक्त समस्याओं के अलावा अंगूर के नित्य सेवन से कैंसर, बच्चों का सूखा रोग, मिरगी, गठिया, गुर्दे का दर्द, अल्जाइमर, फंगल इंफेक्शन, हार्ट डीजीज, नर्व डीजिज, वायरल आदि कई गंभीर बिमारियों को दूर रखा जा सकता है। याददास्त को बढ़ाना है तो दो चम्मच अंगूर के रस को सुबह-शाम खाने के बाद पानी के साथ लेने से याददास्त अच्छी होती है। किसी मौसम में अंगूर ना मिलने की स्थिति में किशमिश या मुनक्का का प्रयोग उचित मात्रा में कर सकते है। अपने अद्दभुत गुणों के कारण अंगूर को वैदिक दृष्टि से अनोखा फल कहा गया है।

एक बात का ख्याल रखे अंगूर को खाने से पहले अच्छे से धो ले, हो सके तो कुछ देर पानी में भिगो कर रख दे। क्योकि  खेती के दौरान कई तरह के कीट-नाशक का छिड़काव अंगूरों पर होता है। खरीदते वक्त यह ध्यान दे कि अंगूर फ्रेश हो, इसके छिलके टाइट हो तथा दाग-धब्बें ना हो। जब भी अंगूर खरीदे गुच्छें के रूप में ही खरीदे। सुबह-सुबह खाली पेट अंगूर का सेवन ज़्यादा फायदेमंद है।

हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। आप अपने आहार चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले।

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