डॉक्‍टर सफेद कोट ही क्यों पहनते हैं?

हॉस्पिटल एक ऐसी जगह है जहाँ कोई नहीं जाना चाहता लेकिन अगर जीवन है तो बिमारी भी है और बिमारी में हमें हॉस्पिटल की तरफ रुख करना ही पड़ता है जहाँ डॉक्टर्स हमारी सेहत का ख्याल रखते हैं और उचित इलाज से हमें स्वस्थ करते हैं। लेकिन जब भी किसी डॉक्टर के पास जाते हैं तो एक बात गौर करने वाली होती है और वो है उनका कोट जो की सफेद रंग का होता है। आप चाहे किसी भी डॉक्टर के पास चले जाएँ सभी हमेशा सफेद रंग का कोट ही पहनकर रखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है ऐसा क्या कारण है की डॉक्टर्स का ये कोट सफेद रंग का ही क्यों होता है किसी दूसरे रंग का क्यों नहीं होता? दरअसल डॉक्टर्स के सफेद रंग के कोट के पीछे ख़ास वजह होती है जिनसे शायद बहुत से लोग अनजान होते हैं। तो आइये आज इसी बारे में आपको विस्तार से बताते हैं डॉक्‍टर सफेद कोट ही क्यों पहनते हैं।

Visit Jagruk YouTube Channel

सफेद कोट आज डॉक्टरों की पहचान बन गया है और ये सिलसिला आज का नहीं काफी समय से चला आ रहा है और अब शायद अब इस पहचान को बदलना मुश्किल होगा। दरअसल चिकित्सा में साफ़ सफाई का काफी महत्व होता है और डॉक्टर्स के सफेद कोट भी सफाई की निशानी होती है। सफेद कोट पर छोटी सी गंदगी भी साफ़ नजर आ जाती है और ऐसे में ये इस बात का संकेत होता है की अब इसे बदल लेना जरुरी है।

इसके अलावा एक दूसरा कारण ये है की सफेद रंग स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है साथ ही ये ईमानदारी, पवित्रता और भगवान के साथ सम्बन्ध की निशानी भी होता है। चूँकि चिकित्सा के पेशे में ईमानदारी और स्वच्छता का काफी महत्व होता है और इनका सफेद कोट इस बात को दर्शाता है की उन्हें अपने पेशे में हमेशा में ईमानदारी और स्वच्छता का ख्याल रखना है। सफेद रंग भगवान के साथ सम्बन्ध का भी प्रतीक माना जाता है और इसी कारण डॉक्टर को धरती पर भगवान का दर्जा दिया गया है क्योंकि वो हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं और हमें लम्बी जिंदगी में जीने में काफी सहायक होते हैं।

अब आप जान चुके हैं की डॉक्टर्स कोट के सफेद रंग का होने के पीछे की क्या वजह है, तो इस जानकारी को आप अपने जानकारों को भी बताएं और दूसरों का भी ज्ञान बढ़ाएं।

“डॉक्टर्स की हैंडराइटिंग इतनी खराब क्यों होती है”