कहीं आपके दूध में यूरिया, पेंट या डिटर्जेंट तो नहीं

अभी हाल ही में संसद के पटल पर रखी गयी एक रिपोर्ट में यह पाया गया है की भारत में बिकने वाला 68% दूध पीने लायक नहीं है। इस रिपोर्ट में यह भी पाया गया है की दूध में बहुत अधिक मात्रा में रसयनो का इस्तेमाल किया जा रहा है जो की आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक हानीकारक है। यह रिपोर्ट साइंस और तकनीकी मंत्री हसवर्धन द्वारा पेश की गयी।

इस शोध के अंतर्गत भारतीय दूध उपभोगताओं द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले दूध के सैंपल्स की जाँच करायी गयी जिसमे यह बात सामने आई की दूध भरी मात्रा में दूषित तो है ही इसके अलावा दूध के रखरखाव और पैकिंग में भी भारी लापरवाही बरती जा रही है। दूध में पेंट, यूरिया और डिटर्जेंट का इस्तेमाल भारी मात्रा में किया जा रहा है जिससे दूध ज़हर में तब्दील हो गया है। ऐसा अत्यदिक मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है।

करीब 28 राज्यों से लिए गए सैंपल्स में यह पाया गया की 70% सैंपल्स में बहुत भरी मात्रा में मिलावट है। इनमे से कई सैंपल्स तो ऐसे थे जिनमे डिटर्जेंट और पेंट को अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल किया गया था।

इस तरह का दूध पीने से आपको कई प्रकार के रोग हो सकते है जो की जानलेवा है। ऐसा नहीं है की इस प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता मगर इसके लिए एक प्रबल तंत्र चाहिए जिसके द्वारा इन सभी सामाजिक कुरीतियों पर काबू पाया जा सके।

इस लेख को लिखने का उदेश्य आप सभी को इस बारे में अवगत कराना था। दूध की मिलावट की जाँच के कई घरेलू नुस्के है जिनसे आप मिलावट का पता लगा सकते है। कृपया उनका इस्तेमाल करें और अपने जीवन को सुखमय और स्वस्थ बनायें।

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