आँखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय

दिसम्बर 30, 2016

आज हमारा वर्तमान इंटरनेट का युग है जिसमें हम सब बुरी तरह से जकड़ें हुए है। बच्चे हो या व्यस्क सभी इंटरनेट को ही अपना अल्लादिन का चिराग मानते है। आधुनिकता कोई बुरी बात नहीं है लेकिन इसकी लत बहुत बड़ी कीमत से चुकानी पड़ती है। टीवी, मोबाइल, लेपटाप आदि साधनों के बिना जीवन अगर असंभव नही तो कठिन अवश्य है। हम यह बात भी भलीभांति जानते है कि इन सब साधनों से आँखों की रोशनी तुरन्त ना सही पर धीरे-धीरे जरूर प्रभावित होती है। वैसे तो शरीर के सभी अंग बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन आँखों के बिना तो जीवन की कल्पना भी अधूरी सी है। आँख शरीर का सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण अंग है। हम यह नही कहते कि आँखो के कारण आप इन साधनों का प्रयोग ही न करें परन्तु इतना अवश्य कहेंगे कि अति कभी ना करें। हम तो यह कहना चाहते है जितना इन साधनों का उपयोग जरूरी है उससे कहीं ज्यादा आँखों की देखभाल जरूरी है।

ईश्वर की बनाई इस सुंदर दुनिया को देखने के लिए हमारे पास आँखें ही एकमात्र जरिया है। अगर आँखे नहीं तो जीवन अधूरा सा लगता है। पहले उम्र बढ़ने के साथ आँखों की रौशनी कम होती थी लेकिन आजकल तो छोटे-छोटे बच्चों को भी चश्मा लग जाता है। कम उम्र में चश्मा लगना आजकल आम बात है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि एक बार चश्मा लग गया तो वह उतारा नहीं जा सकता। चश्मा लगने का मुख्य कारण आँखों की सही तरीके से देख-रेख ना करना, पौष्टिकता की कमी, कंप्यूटर पर लगातार काम करना, गलत जीवन शैली या आनुवांशिक हो सकता है। इनमें से आनुवांशिक को छोडकर अन्य कोई भी कारण हो सही देख-भाल, खान-पान व देशी इलाज के माध्यम से चश्में को हटाया जा सकता है।

आँखें कमजोर होने का मतलब है शरीर में कमजोरी आ गई है। लगातार काम करने से आँखों की मांशपेशियों पर दबाव पड़ता है जिससे शरीर और आँखे दोनों कमजोर होने लगते है। इसलिए लगातार कंप्यूटर और टीवी के सामने ना बैठे। चिकित्सक का भी यही कहना है की लगातार स्क्रीन पर नजर नहीं होनी चाहिए। हर एक घंटे में कुछ मिनट का ब्रेक लें और आँखों को घुमाए, 10 फ़ीट की दुरी पर देखे इत्यादि। आँखें बहुत ही कोमल होती है इसलिए इसका ख्याल भी कोमल तरीके से रखा जाना जरुरी है। आँखों की रोशनी कम होते ही आँखों में दर्द, आँखों से पानी आना, धुँधला दिखाई देना, आँखों में खुजली आदि शिकायत शुरू हो जाती है।

आँखों के लिए घरेलू उपचारों को जानने से पहले क्यों न हम आँखों की कमजोरी के कारणों को जानें ताकि समय रहते जल्द से जल्द आँखों को स्वस्थ रख सके।

1. अनियमित जीवनशैली
2. कोई बीमारी
3. पाचन विकार, असंतुलित आहार और विटामिन – ए की कमी
4. बहुत ज्यादा देर तक टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल
5. प्रदूषित वातावरण
6. शराब-धूम्रपान कि लत
7. अधिक गर्मी या मस्तिष्क की कमजोरी
8. बढ़ती उम्र में आँखों की सही देख-भाल ना कर पाने से
9. बहुत अधिक रोशनी में निरंतर पढ़ना

आइये आँखों की देखभाल के लिए कुछ अचूक घरेलू उपायों को जानें और आजमाएं।

1. पानी – सुबह उठकर मुँह में साफ ठंडा पानी भरकर आँख खोलकर साफ पानी के छींटे आँखों में मारने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।

2. बादाम, मिश्री और सौंफ – इन तीनों को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनाकर रख लें। रात को सोने से पहले 10 ग्राम की मात्रा मुँह में लेकर धीरे-धीरे राल बनने तक खाएं। इस मिश्रण को आप एक गिलास पानी के साथ भी ले सकते है। इस चूर्ण को लेने के बाद दो घंटे तक पानी ना पिएं। कमजोर रोशनी, कमजोर याददास्त और कमजोर दिमाग तीनों समस्या दूर होती है। इस चूर्ण को कुछ महीनों तक अवश्य लें।

3. आंवला – सुबह-शाम आँवले के जूस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पिएं। रात को सूखे आँवले को अच्छे से धोकर साफ पानी में भिगोकर रख दें। दूसरे दिन इस पानी को अच्छे से तीन-चार बार बारीक कपड़े से छान लें और रूई की सहायता से दिन में तीन बार आँखों में डालें। किसी भी रूप में अधिक से अधिक आँवले का सेवन करें।

4. त्रिफला – आयुर्वेद में त्रिफला अपने गुणों के कारण एक अहम स्थान रखता है। यह कई बीमारी में फायदेमंद है। इसमें तीन तत्व आंवला, हरड और बहेड़ा होता है। आँखों की रोशनी के लिए सबसे पहले त्रिफला लें और उसे सुखाकर बारीक पीस लें। अब एक चम्मच चूर्ण को एक गिलास पानी में डाल कर रात भर रख दें। अगले दिन इस पानी को छान ले और उससे अपनी आँखों को धोए। एक ही महीने में आपको फर्क दिखेगा। त्रिफला चूर्ण को एक भाग शुद्ध घी और तीन भाग शहद के साथ रात में लेने से भी लाभ होता है।

5. नारियल या तिल का तेल – नियमित पाँव के तलवों कि मालिश करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए नारियल या तिल का तेल उत्तम है।

6. अनार – अनार के 5-6 पत्ते पीसकर दिन में दो बार लेप करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है और आँख का दर्द भी ठीक होता है।

7. हरी सब्जियाँ और पीले फल – पालक, पत्ता-गोभी, गाजर, मेथी आदि हरी सब्जियाँ और पपीता, नींबू, संतरा आदि पीले फल आहार में शामिल करें। विटामिन – ए, ई व सी से भरपूर कई पीले फल आँखों के लिए फायदेमंद होते है। इसलिए इनके सेवन से दिन की रोशनी में आँखों से देखने की क्षमता बढ़ती है।

8. शहद – रोजाना एक चम्मच शुद्ध शहद खाने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती है।

9. साबुत धनिया – 10 ग्राम सूखा धनिया 300 मिलि. पानी में उबालें। ठंडा करके छानकर इससे आंखें धोएं। इससे आँखों की जलन, रक्तिमा, सूजन, लाली आदि में तुरंत असर होता है। इससे आँखों की रोशनी भी बरकरार रहती है।

10. अपनी दोनों हथेलियों को आपस में ऐसा रगडें कि कुछ गर्म हो जाएं। फिर आंखों पर इस तरह से रखें कि ज्यादा दबाव महसूस ना हो। हाँ, हल्का सा दवाब बनाये रखे। दिन में जब भी समय मिले चार-पांच बार आधे मिनिट के लिये जरूर करें। आंखों की रोशनी बढाने का यह नायाब तरीका है।

11. नींबू – एक गिलास साफ पानी में नींबू की 5-6 बूँद डालकर पानी को साफ कपड़े से छान लें। दवाई की दुकान से आँख धोने का पात्र (आई वाशिंग ग्लास) ले आयें। फिर इस पानी से दिन में 1 बार आँखों को धोना चाहिए। आँखों को धोने के बाद शीतल पानी की पट्टी आँखों पर रखे और 5-10 मिनट आराम करें। ध्यान रखें पानी अत्यधिक शीतल भी ना हो। इस प्रयोग से नेत्रज्योति बढ़ती है।

12. मुलेठी पावडर – एक चम्मच मुलेठी पावडर, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच शुद्ध देशी घी को आपस में मिलाकर गर्म दूध के साथ सुबह-शाम तीन महीनें तक लेने से नेत्र ज्योति बढ़ती है।

13. अखरोट – आँखों के आस-पास अखरोट के तेल से हल्का मसाज करें, इससे आँखों की रोशनी तेज होती है। साथ ही आँखों से चश्मा भी उतर जाता है। उपाय आसान है किंतु अचूक है।

आँखों की समस्या से निजात पाने के लिए पर्याप्त नींद लें। वक्त पर सोने और पर्याप्त नींद लेने से आँखों में दर्द की शिकायत नही रहती। अपनी दिनचर्या में आँखों का व्यायाम और योग को शामिल करें जिससे आँखों की रौशनी बढ़ने में लाभ हो। इसके लिए नियमित प्राणायाम, अनुलोम विलोम, शवासन, सर्वांगासन जैसे आसनो को शामिल करें। अपनी डाइट में प्याज, लहसुन, अखरोट, बादाम, अंगूर, काली मिर्च, कच्चा नारियल, अंडा, दूध आदि का भरपूर सेवन करें। केमिकल और घातक चीज़ों से बचें। बालों में भी केमिकल युक्त चीज़ों के इस्तेमाल ना करें, इससे भी आँखों की रोशनी प्रभावित होती है। बहुत अधिक या कम रोशनी में ना पढ़ें। यात्रा के दौरान किताबें ना पढ़ें। सूर्य की तेज रोशनी को देखने का प्रयास ना करें। धूप में जब भी जाना हो काले चश्में का प्रयोग करें। कंप्यूटर पर कार्य के दौरान उचित दूरी बनाये रखें और हर बीस मिनट बाद आँखों को एक मिनट का आराम अवश्य दें।

पेट को हमेशा साफ रखें क्योंकि कब्ज कई बीमारी की जड़ है, जिससे आँखें भी प्रभावित होती है। आँखों की कुछ सामान्य कसरतें करें जैसे –

इनमें से आपको जो भी कसरत उचित लगे नियमित करते रहें। इससे आपकी आँखों को आराम और ठंडक मिलेगी। आँखें दिल का दर्पण होती है जिससे हम दूसरों के मन की भावना भी समझ पाते है। इसलिए आँखों की देखभाल भी कुछ स्पेशल करनी चाहिए। अगर आप आँखों को स्वस्थ रखने की इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें और नियमित रूप से सावधानी पूर्वक इन प्रयोगों को करते रहें, तो आप लम्बे समय तक अपनी आँखों को विभिन्न रोगों से बचाकर उन्हें स्वस्थ, सुन्दर और आकर्षक बनाये रख सकते हैं।

इस साइट के सभी आलेख शोधों, आयुर्वेद उपायों और अनुभवों पर आधारित है। किसी भी समस्या में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी उपाय के लिए पहले से चल रही दवा को बंद ना करें। कोई भी उपाय करने से पहले अपने नेत्र चिकित्सक से जरूर संपर्क करे और उनका सुझाव ले। हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। आँखों की सभी तरह की समस्या से संबंधित उपाय, देख-रेख व खानपान की संपूर्ण जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क ज़रूर करे और बताये गये दिशा निर्देश का पालन करें।

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