ग्रीन टी के फायदे और ग्रीन टी पीने का सही समय

आज इस वर्तमान समय में अपनी भाग-दौड़ की जीवन शैली से हर व्यक्ति परेशान है। अपनी इस अस्त-व्यस्त जीवन जीने के तरीकों से आज हर व्यक्ति कोई ना कोई बिमारियों से ज़रूर घिरा हुआ है, जिससे निजात पाने के लिए व्यक्ति कई तरह के नुस्खें अपनाता है की वो फिट रह सके और अपने इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रख पायें। इतना ही नही अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए लोग अपनी खान-पान और रहन-सहन में भी काफ़ी बदलाव लाने की कोशिश कर रहे है। तभी तो आज हर कोई अपनी सेहत को लेकर बहुत ही गंभीर और सचेत नज़र आते है। स्वस्थ जीवन शैली के लिए आज हमारे पास ग्रीन टी एक अच्छा और किफायती विकल्प है। वैसे भी लोग अपनी सेहत को लेकर आजकल काफी जागरूक और सतर्क हो गये है तभी तो सामान्य चाय के बजाय ग्रीन टी पीने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज हम आपको बताते हैं ग्रीन टी के फायदे और इससे जुड़ी जानकारी।

ग्रीन टी की खेती और खपत कई सदियों पहले से होती आ रही है। माना जाता है ग्रीन टी की उत्पति चीन में हुई थी। आज भी ग्रीन टी के उत्पादन में चीन का विश्व में पहला स्थान है. जापान, वियतनाम और इंडोनेसिया में भी व्यापक स्तर पर ग्रीन टी का उत्पादन होता है। अच्छी गुणवत्ता की ग्रीन टी का उत्पादन चीन और जापान में होता है। ड्रैगन वेल, जियान आदि चीन की और मचा, सेंचा, कुकीचा आदि जापान की विश्व प्रसिद्ध ग्रीन टी है।

चीन में एक कहावत प्रसिद्ध है चाय के बारे में – ”चाय के बगैर एक दिन रहने से अच्छा है, तीन दिन तक भोजन के बिना रहना।” भारत और चीन में चाय को सबसे अधिक लोकप्रिय पेय माना जाता है। अधिकतर लोग अपनी थकान दूर करने के लिए व तरो-ताज़ा रहने के लिए अपने दिन की शुरुआत चाय के साथ करते है। लोगों में तो इस पेय का इतना चाव है की वो इसे छोड़ने की सोच भी नही सकते, तो क्यों न हम अपनी आदत की जगह इस चाय को ही बदल दे। सामान्य चाय की जगह ग्रीन टी का सेवन करे। जिससे हमें नुकसान नही बल्कि स्वास्थ्य लाभ ही होगा। ग्रीन टी कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनाई जाती है। इसे बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है।

प्रतिदिन 3-4 कप ग्रीन टी के सेवन से ब्रेन और इम्यून सिस्टम दुरुस्त रहते है तथा शरीर में पूरे दिन फुर्ती बनी रहती है। इस चाय के इतने स्वास्थ्य लाभ है कि अधिकांश लोग आज भी इस जानकारी से अंजान है। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट, पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनॉइड्स नामक तत्व भरपूर मात्रा में पायें जाते हैं, जिससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और हर तरह के संक्रमण से रक्षा भी होती है। ग्रीन टी में पायें जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट विटामिन-सी से 100 गुणा और विटामिन-ई से 24 गुणा अधिक प्रभावी होते है। ये शरीर की उन कोशिकाओं को सुरक्षित और संरक्षित रखता है जिनके क्षतिग्रस्त होने पर शरीर में कही भी कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।

ग्रीन टी के नित्य सेवन से वजन कम होता है साथ ही उच्च रक्तचाप, खांसी, जुखाम, बुखार, पाचन संबंधी, लीवर, एलर्जी, मधुमेह आदि और भी कई मौसमी बिमारियों से भी राहत मिलती है। ऐसा कहा जाता है ग्रीन टी की एक चुस्की हमारे शरीर को अंदर से साफ, स्वस्थ, फ्रेश और दिमाग़ व आत्मा को शांत करने की क्षमता रखता है।

हार्डवर्ड हेल्थ पब्लिकेशन, के अध्ययन के अनुसार ग्रीन टी के नित्य सेवन से त्वचा, ब्रेस्ट, खाने की नली, फेफड़े समेत कई तरह के कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है। आइये जाने और किन-किन समस्याओं में ग्रीन टी के फायदे है।

1. मोटापा रखे कंट्रोल – ग्रीन टी पीने से 70% तक कैलोरी रोजाना बर्न होती है। यह एक्सट्रा फ़ैट को कम और चयापचय को मजबूत बनाता है। भोजन के कुछ अंतराल बाद एक कप हरी चाय पीने से पाचन-शक्ति बढ़ जाती है, जो वजन कम करने में सहायक है।

2. दिल संबंधी – ग्रीन टी रक्त को पतला रखती है, जिससे रक्त संचार सुचारू रूप से होता है। इसके नित्य सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रण में रहता है जिससे रक्तचाप सामान्य रहता है और हार्ट अटैक की संभावना बहुत ही कम हो जाती है।

3. कैंसर से बचाव – ग्रीन टी कैंसर की सेल्स को बढ़ने नही देती। मुंह के कैंसर के लिए यह चाय बहुत ही लाभकारी है। इस चाय के नियमित सेवन से ब्रेस्ट, पाचन नली, मूत्राशय, त्वचा आदि के कैंसर से बचाव होता है। इस कारण ग्रीन टी कैंसर रोगियों के लिए रामबाण है।

4. मधुमेह – ग्रीन टी के नित्य सेवन से शरीर में शुगर की मात्रा कंट्रोल में रहती है और इंसुलिन दवाइयों के विपरीत प्रभावों को भी कम करने में सहायक है।

5. त्वचा रहे जवां – इस चाय में एंटी एजिंग तत्व मौजूद है जो चेहरे की झुरियों को कम करती है और सनबर्न से सुरक्षा देती है। नहाने के पानी में ग्रीन टी की कुछ पत्तियां डालकर नहाने से सनबर्न की समस्या नही आती है और चेहरे पर चमक व ताज़गी बनी रहती है।

6. उच्च रक्तचाप – रिसर्च यह बताती है कि ग्रीन टी एंजियोटेंसिन को नष्ट कर रक्तचाप को सामान्य रखने में मददगार है।

7. आँखो की समस्या – आँखो में जलन, सूजन व थकान की शिकायत होने पर दो टी बैग्स को गुनगुने पानी में गीला कर के 15 मिनट के लिए आँखो पर रखे, इससे आँखो को ठंडक मिलेगी और आँखो के नीचे का कालापन भी दूर होगा।

8. सिर दर्द या तनाव – ऐसी समस्या में ग्रीन टी का सेवन दवा का काम करती है। तकिये के नीचे सुखी चाय की पत्तियां रख कर सोये, इससे सिर दर्द ठीक होगा क्योकि सुखी पत्तियों की सुगंध दिमाग को रिलैक्स फील कराती है। इसमे प्राकृतिक रूप से थियनाइन नामक एक प्रकार का अमीनो एसिड होता है जो स्ट्रेस को दूर करने में कारगर है।

9. बालों की समस्या – ग्रीन टी बालों के लिए एक अच्छा प्राकृतिक कंडीशनर है। ग्रीन टी को उबाल कर ठंडा करके बालों में लगाने से बालों में मजबूती और चमक आती है।

10. मुँह की समस्या – यह चाय ऐसे कई बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करने में सक्षम है जो मुँह में बदबू फैलाने वाले जीवाणुओं को बढ़ाती है। ग्रीन टी से कुल्ले करने से दांत व श्वास संबंधी कोई समस्या भी नही रहती।

ग्रीन टी के रोजाना सेवन से डिप्रेशन, एलर्जी, लीवर, हड्डियों की कमजोरी, अस्थमा, अल्जेरिया आदि कई बीमारियां ठीक होती है। यह ब्रेन सेल्स को बचाती है और क्षतिग्रस्त सेल्स को रिकवर करती है। यहां तक की इसमे पायें जाने वाला हाई-फ्लोराइड हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है जिससे हड्डियों की डेन्सिटी बढ़ती उमर में भी बरकरार रहती है। ग्रीन टी के नियमित सेवन से सिर्फ रोगों से ही छुटकारा नहीं मिलता बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

ग्रीन टी के फायदे अनगिनत है। इस चाय का सेवन दिन में 3-4 बार से ज़्यादा ना करे क्योकि इसमें भी कम मात्रा में ही सही लेकिन कैफ़ीन की मात्रा होती है। कई बार लोग ज़्यादा फायदा पाने की आस में अनजाने में किसी चीज़ की अति करने लग जाते है और नतीजा उसके विपरीत आता है। हरी चाय आपको कितनी मात्रा में सूट करती है यह आपकी तासीर पर भी निर्भर करता है।

एक बात का ख्याल रखे ग्रीन टी में कभी दूध ना मिलाए नही तो इसके एंटी-ऑक्सीडेंट नष्ट हो जाते है। चाय को बनाते वक्त ज़्यादा ना उबाले नही तो चाय स्वाद में कड़वी हो जाएगी। पानी को उबाल कर नीचे उतार दे, ग्रीन टी डाले फिर ढक के दो मिनट तक रख दे। 100 से 150 ग्राम पानी में दो ग्राम या फिर भरी हुई एक छोटी चम्मच ग्रीन टी उपयोग करे। खाली पेट चाय ना पिएं, नही तो गैस की समस्या हो सकती है। भोजन के तुरंत बाद और रात को सोते वक्त चाय ना पिएं। रात के वक्त चाय पीने से दिमाग सक्रिय हो जाता है जिससे नींद नही आती। दवा लेने के दौरान भी कुछ अंतराल के बाद ही चाय पिएं. ज़्यादा देर तक रखी हुए चाय ना पिएं। जब भी ग्रीन टी पीने का मन करे तो ताज़ा और फ्रेश चाय को ही प्राथमिकता दे।

अब आप यह अच्छे से जान गये होंगे कि ग्रीन टी के फायदे बहुत हैं। बाजार में कई प्रकार की ग्रीन टी उपलब्ध हैं जो फ्लेवर और कैफीन में भिन्न-भिन्न प्रकार की होती हैं। कौन सी ग्रीन टी का स्वाद अच्छा है यह तो आप की पसंद पर निर्भर करता है. फिर भी आप अपने स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए अदरक, इलायची, काली मिर्च, तुलसी और दालचीनी जैसी जड़ी बूटियों और मसालों के मिश्रण वाली ग्रीन टी का चयन कर सकते हैं। “अति करे शरीर की क्षति” इस बात का ध्यान रखते हुए ग्रीन टी का सेवन प्रतिदिन उचित मात्रा में करे। आपका स्वास्थ्य तरोताजा रहेगा और आप निरोगी काया का अनुभव करेंगे। आज दुनिया भर में ग्रीन टी एक बहुत ही लोकप्रिय पेय होता जा रहा है। इस कारण इस चाय का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। ग्रीन टी के फायदे ही फायदे है। इसलिए अपने डाइट चार्ट में इस चाय का सेवन स्वास्थ्य के लिहाज से ज़रूर शामिल करे।

हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। ग्रीन टी का उपयोग कितना और कैसे करे उसके लिए आप अपने आहार चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले। ग्रीन टी के फायदे से जुड़ी अगर आपके पास कोई जानकारी है तो कॉमेंट्स के माध्यम से ज़रूर शेयर करें।

“काजू के अद्भुत फायदे”

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।