दुकान या ऑफिस में वास्तुशास्त्र के नियम

वास्तुशास्त्र एक ऐसी प्राचीन विधा है जिसका महत्व वर्तमान में बहुत बढ़ गया है। आजकल हर व्यक्ति अपने घर और अपने कामकाज से जुड़े स्थान को वास्तु के अनुकूल बनाता है ताकि उन्हें बेहतर परिणाम मिल सके। ऐसे में अगर आप भी एक दुकानदार या व्यवसायी हैं तो आपके लिए ये जानना फायदेमंद साबित होगा कि दुकान के लिए वास्तु के क्या नियम होते हैं जिनके अनुसार चलकर दुकान जैसे व्यवसाय में तरक्की हो सके। तो चलिए, आज जानते हैं दुकान या ऑफिस में वास्तुशास्त्र के नियम-

अगर दुकान वर्गाकार या आयताकार होती है तो इससे आर्थिक वृद्धि होती है और जिस दुकान का आगे का भाग चौड़ा और पीछे का भाग संकरा होता है वो दुकान बहुत अच्छे परिणाम देने वाली होती है। जबकि दुकान के आगे का भाग अगर कम चौड़ा और पीछे का भाग ज़्यादा चौड़ा होता है तो ऐसी दुकान बेहतर परिणाम नहीं देती है।

  • दुकान का ढलान प्रवेश द्वार की तरफ नहीं होना चाहिए।
  • दुकान के ईशान कोण को हमेशा खाली और साफ ही रखना चाहिए।
  • दुकान में पीने के पानी का स्थान अगर ईशान कोण या पूर्व दिशा में रखा जाता है तो ऐसा करने से धन लाभ होता है।
  • दुकान की ज़्यादा बिक्री करवाना चाहते हैं तो बिक्री का सामान ईशान कोण और आग्नेय कोण में ना रखें।
  • दुकान में उपयोग होने वाले बिजली के उपकरण जैसे मीटर, स्विचबोर्ड और इनवर्टर को आग्नेय कोण में ही रखना चाहिए।
  • दुकान के ठीक सामने बिजली का खम्भा, पेड़ या सीढ़ी होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान होता है।
  • दुकान का सामान रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अलमारी, शो-केस और फर्नीचर को दक्षिण पश्चिम यानी नैऋत्य कोण में लगाना चाहिए।
  • दुकान में रखा जाने वाला ऐसा सामान जिसका वजन ज़्यादा हो, उसे नैऋत्य कोण (दक्षिण या पश्चिम) में रखा जाना चाहिए।
  • दुकान में स्थित मंदिर ईशान कोण यानी उत्तर या पूर्व दिशा में बनाना चाहिए।
  • दुकान के मालिक को पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए। ऐसा करने से दुकान की आय में बढ़ोतरी होती है।
  • दुकान या शोरूम के मालिक और तिजोरी की जगह के ऊपर अगर बीम हो तो व्यापार की वृद्धि के लिए ये अच्छा नहीं होता।
  • दुकान में पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठने से ग्राहक का सम्बन्ध दुकानदार और वहां के कर्मचारियों के साथ बेहतर बनता है और इस दिशा में बैठने से धन लाभ होता है जबकि दुकान में पश्चिम या दक्षिण की ओर मुख करके बैठने से पैसों की फिजूलखर्ची और बर्बादी होती है।
  • तिजोरी को पश्चिम या दक्षिण दीवार के सहारे रखना चाहिए ताकि इसका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो।
  • दुकान में टीवी या कंप्यूटर रखा जाता है तो इसे दक्षिण पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

दोस्तों, हम सभी अपने-अपने व्यवसाय में तरक्की करना चाहते हैं और अगर अपनी मेहनत और नेक इरादों के साथ-साथ वास्तुशास्त्र का सहयोग भी ले लिया जाए तो हमारे किये गए प्रयासों का सही और बेहतर परिणाम मिलने लगता है इसलिए आप भी अगर दुकान के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं तो वास्तु के इन नियमों पर ज़रूर गौर करें ताकि आपको बेहतरीन परिणाम और बरकत मिल सके।

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“घर का नक्शा वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा होना चाहिए”

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