दुनिया के 10 सबसे ऊंचे बांध

दुनिया में न जाने कितने ही बांध बने हैं, भारत में ही लगभग 4 से 4,500 छोटे-बड़े बांध हैं। बांध का काम होता है बहते पानी को रोकना। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में सरादर सरोवर बांध का उद्घाटन किया था। ये बांध देश का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा बांध (इसमें इस्तेमाल किए गए कंक्रीट के आधार पर) है। इस बांध की ऊंचाई 138 मीटर है और लंबाई 1.2 किलोमीटर है। इस बांध की गहराई 163 मीटर है। बांध, बाढ़ आने से तो रोकते ही हैं और साथ ही इनकी मदद से जमा किया गया पानी सिंचाई, बिजली बनाने, पेय जल के रूप में भी किया जाता है। आज हम यहां विश्व के सबसे ऊंचे बांध के बारे में बात करने वाले हैं। तो आइए जानते हैं दुनिया के सबसे ऊंचे बांधों के बारे में –

न्युरेक बांध, ताजिकिस्तान – यह बांध दुनिया का सबसे ऊंचा बांध हैं। इसकी ऊंचाई 304 मीटर है। ताजिकिस्तान वख्श नदी पर बना हुआ है। इसका निर्माण कार्य 1961 में शुरू होकर 1981 में खत्म हुआ था।

जियाओवन बांध, चीन – जियाओवन बांध को दूसरा सबसे बड़ा बांध कहा जाता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 292 मीटर है। यह डैम लान्कांग नदी पर बना है। इस बांध का निर्माण पनबिजली ऊर्जा प्रदान करने के लिए हुआ था और यह 4,200 मेगावॉट पॉवर स्टेशन को सपोर्ट करता है। इसका निर्माण 2002-2010 के दौरान हुआ।

ग्रांड डिक्सेन्स बांध, स्विट्जरलैंड – डिक्सेन्स नदी पर बने इस बांध की ऊंचाई 285 मीटर (लगभग 935 फ़ीट) है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा ग्रेविटी डैम हैं। यह डैम भी पनबिजली निर्माण के लिए ही बनाया गया था। यह चार पॉवर स्टेशन्स को ईंधन प्रदान करता है और 40,000 घरों को रोशन करने योग्य ऊर्जा उत्पादित करता है।

इंगुरी बांध, जॉर्जिया – यह बांध दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा आर्च डैम है। इसकी ऊंचाई 271.5 मीटर है, जो जॉर्जिया की इंगुरी नदी पर बना हुआ है।

वजोंत बांध, इटली – 1959 में बने इस बांध की ऊंचाई 261.6 मीटर है। यह इटली के वेनिस के उत्तर में 100 किलोमीटर दूरी पर स्थित वजोंत नदी की घाटी पर बना हुआ है। हालांकि अब इसका उपयोग नहीं किया जाता है।

मैनुएल मोरेनो टोरेस बांध – इस एम्बार्कमेंट डैम की ऊंचाई 261 मीटर है। यह ग्रिजाल्वा नदी की घाटी पर बना हुआ है। नवीनीकरण के बाद यह मेक्सिको का सबसे ऊंचा बांध बना। इसका निर्माण 1974-1980 के दौरान हुआ था।

न्यूओजहदु बांध, चीन – चीन पनबिजली के उत्पादन के लिए बनाए गए इस बांध की ऊंचाई 261 मीटर है। इसको फ्लड कंट्रोल और नेविगेशन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यह बांध लांगकांग नदी पर बना हुआ है।

टिहरी बांध, भारत – ‘टिहरी बांध’ भारत के साथ साथ दुनिया का सबसे ऊंचा बांध है। यह उत्तराखंड  में स्थित भागीरथी नदी पर बना हुआ है। टिहरी बांध की ऊंचाई 260.5 मीटर और लम्बाई 575 मीटर है। टिहरी बांध की क्षमता 1,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। इसका इस्तेमाल बिजली बनाने के साथ ही सिंचाई और पेय जल की पूर्ति के लिए भी किया जाता है।

मोवोईसिन बांध, स्विट्जरलैंड – इस बांध की ऊंचाई 250 मीटर (820 फीट) हैं। यह आर्च डैम वाल द बाग्नेस के आस-पास बना हुआ है। यह बांध 1957 में बनकर तैयार हो गया था। 1991 में इस बांध की क्षमता को बढ़ा दिया गया था।

लक्सीवा बांध, चीन – 4,200 मेगावाट की पावर जनरेशन कैपेसिटी वाला यह 250 मीटर ऊंचा बांध है। यह बांध ‘येलो नदी’ पर बना हुआ है।

सरदार सरोवर बांध, भारत – सरदार सरोवर बांध भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। इस बांध की ऊंचाई 138.68 मीटर और लंबाई 1210 मीटर है। इसकी क्षमता 4.73 मिलियन क्यूसेक पानी की है। यह 86.2 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट से बनकर तैयार हुआ है।

पानी इस धरती पर सभी के जीवन के लिए जरूरी है। यह पूरी दुनिया में समान रूप में वितरित नहीं होता है। इस दुनिया के एक हिस्‍से में पानी का अभाव है तो दूसरे हिस्‍से में इतना पानी है कि उपलब्‍ध संसाधनों का प्रबन्‍ध करने के लिए चुनौतीपूर्ण कार्यों का सामना करना पड़ता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि नदियां प्रकृति का एक महान वरदान हैं और कई सभ्‍यताओं के विकास में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। फिर भी कई बार बाढ़ आने पर ये नदियां लोगों के जीवन और सम्‍पत्ति के साथ विनाशकारी खेल खेलती हैं। इसलिए नदियों के पानी का प्रबन्‍ध करना बेहद जरूरी होता है। जिसके लिए बांधों का निर्माण किया जाता है।

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