दूसरों का आदर्श बनना है तो अपनाएं ये आदतें

सफल होने और खुश रहने के अलावा हम सब का एक अरमान और भी होता है कि हमें सब पसंद करें, हमारी तारीफें करें, हमें सराहें और हमारे जैसा बनना चाहे। यदि आपने गौर किया हो तो, आपके लिए अगर कोई शख्स आदर्श है, जिसके जैसा आप बनना चाहते हैं तो कहीं ना कहीं उस आइडल पर्सन का चुनाव करते समय भी आपने ये ज़रूर देखा होगा कि उस व्यक्ति को कितने लोग पसंद करते हैं, सराहते है और फॉलो करते हैं और इसलिए आप भी वैसा ही बनना चाहते हैं ताकि लोग आपको भी पसंद करें। ऐसा सोचने और चाहने में कोई बुराई नहीं हैं, ये वाकई एक स्वाभाविक इच्छा है जो हम सभी में पायी जाती है। तो चलिए, आज ऐसी ही कुछ आदतों की बातें करते हैं जो आपको सबका पसंदीदा व्यक्ति बना सकती हैं और आप भी किसी के आदर्श बन सकते हैं –

स्वभाव को बनाइये सरल – आप रोज़ाना कई लोगों से मिलते होंगे लेकिन आपको कुछ ही लोग क्यों याद रह जाते हैं ? खासकर वो जो बहुत सरल थे, जिनकी बातों में आपको सच्चाई दिखी और सरलता भी, क्योंकि ऐसे लोग वास्तविकता में जैसे होते हैं वैसे ही दिखाई देते हैं, ये ना झूठ का सहारा लेते हैं और ना ही अपने आप पर इन्हें अभिमान होता है। इनका स्वभाव बिलकुल सरल होता है और इसलिए इनसे मिलकर आपको खुशी होती है और ऐसे लोग आपको हमेशा याद रहते हैं। अगर आप भी सरल स्वभाव रखते हैं तो ये तय है कि दुनिया आपको भी पसंद करती होगी और अगर ऐसा नहीं है, तो कोई बात नहीं। अभी शुरू कर दीजिये, इसके लिए आपको किसी की नकल करने की जरुरत नहीं हैं, आप जैसे हैं बस वैसे ही सबके सामने भी रहिये, ऐसा करके आप अच्छा महसूस करेंगे और आपसे मिलने वाले लोग भी।

सच का साथ दीजिये – बहुत बार ऐसा होता है कि हम सच को जानते हुए भी उसका साथ नहीं देते और झूठ के समर्थन में हामी भर देते हैं लेकिन जब किसी आदर्श व्यक्ति को चुनने की बात आती हैं तो हमें वही शख्स क्यों पसंद आता हैं जो सच का साथ देता है? शायद इसलिए क्योंकि हम भी सच का ही साथ देना चाहते हैं लेकिन सच बोलना और सच का साथ देना हमें आसान नहीं दिखाई पड़ता। लेकिन सच बोलने वाला व्यक्ति निर्भीक होता है, उसे किसी के समर्थन की जरुरत नहीं होती। ऐसा व्यक्ति फायदे और नुकसान के तराज़ू में सच को नहीं तोलता बल्कि सच बोलना और सच का साथ देना अपनी ड्यूटी समझता है और ऐसे व्यक्ति की बातों में पारदर्शिता होती है इसलिए ऐसे व्यक्ति को दुनिया की सराहना मिलना तो तय है। अगर आप भी सबके पसंदीदा बनना चाहते हैं तो सच बोलने की इस आदत को अपना लीजिये।

मीठे बोल भी ज़रूरी है – आपने सच्चे और सरल स्वभाव को तो अपना लिया लेकिन अगर आपके बोल कड़वे हैं तो इन्हें भी थोड़ी मिठास की जरुरत हैं क्योंकि मीठे बोल आपको लोगों से तुरंत जोड़ने में मदद करते हैं। कहा जाता हैं कि सच हमेशा कड़वा होता है, लेकिन उसी सच को थोड़ी मिठास के साथ भी तो कहा जा सकता है ताकि सुनने वाले को ज़्यादा तकलीफ ना हो और जब आप दूसरे के मन की परवाह करते हुए थोड़ा मीठा बोलने की कोशिश किया करेंगे तो आपको पसंद करने वालों की संख्या बढ़ना तो तय ही है।

स्वार्थ से ऊपर उठना होगा – आज तक हम जो भी करते आएं है वो स्वयं के फायदे के लिए करते आये हैं, जिसे स्वार्थ नहीं कहा जा सकता। लेकिन अगर कोई भी काम करते समय हमने खुद का फायदा और सामने वाले का नुकसान सोचा, तो इसे स्वार्थ ही तो कहेंगे ना। निःस्वार्थ भाव को अपनाना बेहद ज़रूरी है जिसमें आपको नुकसान तो नहीं होता है लेकिन सामने वाले को भी फायदा ही मिलता है। ऐसी भावना रखने से आपको अपने जैसे कई अच्छे और सच्चे मित्र मिलने लगेंगे और आप खुद के साथ सब का भला सोच सकेंगे और ऐसा सोचने और करने के बाद दुनिया से सराहना तो मिलनी ही है, साथ ही जो खुशी आप महसूस करेंगे, उसका कहना ही क्या।

उदार बनिए – उदार बनने के लिए किसी अभ्यास की ज़रूरत नहीं होती है, ये तो स्वभाव का एक पहलू है जो आपको पूरी दुनिया के प्रति सहयोग की भावना रखने के लिए प्रेरित करता है। आज आप जिस भी स्थिति में हैं, उसी में रहते हुए भी लोगों की मदद कर सकते हैं। इसके लिए आपको पहले ढेर सारा पैसा कमाने की ज़रूरत नहीं है। आप किसी भूखे व्यक्ति को खाना खिलाकर मदद कर सकते हैं, तो किसी ठण्ड में ठिठुरते व्यक्ति को कपड़े देकर, किसी पढ़ने की इच्छा रखने वाले को किताबें देकर और किसी को समय देकर भी आप लोगों की मदद कर सकते हैं और ऐसा करके आपको ना केवल सराहना मिलेंगी बल्कि दुआएं भी। इसके लिए आपको कोई भी विशेष प्रयास करने की ज़रूरत नहीं है, बस थोड़ा सा उदार रवैया अपनाना है।

हर शख्स में छिपी अच्छाई को देखना शुरू कीजिये – अभी तक शायद आपको खुद की अच्छाईयां और लोगों की खामियां दिखा करती होंगी। लेकिन अगर आप ये समझ लें कि हर शख्स में कोई ना कोई अच्छी बात या आदत तो ज़रूर होती है तो आपके लिए खुद को बेहतर बना लेना बेहद आसान हो जाएगा क्योंकि ऐसा सोचने के बाद आप हर शख्स की ख़ामियों में छिपी अच्छाई को देखना शुरू कर देंगे और उस ख़ासियत के चलते आप उस व्यक्ति को पसंद भी करने लगेंगे और उसकी तारीफ़ भी करेंगे। ऐसा करने से आपका रिश्ता हर व्यक्ति के साथ बेहतर होता जाएगा और हर शख्स की खामियों पर ध्यान देना छोड़कर आप उसकी अच्छाईयों को अपनाने लगेंगे, तो सोचिये आप में कितने गुण और स्किल्स विकसित हो जाएंगी और उसके बाद दुनिया भी आपको पसंद करने लगेगी और आप खुद भी।

पॉजिटिव सोच रखिये – आपकी सोच और आपके व्यक्तित्व में काफी गहरा सम्बन्ध होता है। अगर आप हर बात के पॉजिटिव पक्ष को देखते हैं तो आपके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती है और आपका शांत व्यक्तित्व लोगों को आपसे मिलने-बातें करने के लिए प्रेरित करता है लेकिन अगर आप नेगेटिव सोच रखते हैं तो आपके चेहरे पर मायूसी और तनाव साफ दिखाई देता है और लोग आपसे दूरी बनाये रखना ही पसंद करते हैं। आपकी सोच पॉजिटिव होगी या नेगेटिव, ये आपको तय करना होगा क्योंकि जैसा आप खुद के लिए तय करेंगे, वैसे ही बन जाएंगे इसलिए इसी समय से पॉजिटिव सोचना शुरू कर दीजिये और फिर देखिये, आपके चेहरे की मुस्कान कितने लोगों को आप जैसा बनने के लिए प्रेरित करती है।

अच्छी आदतें अपनाने का ये मिशन भले ही आप लोगों की पसंद बनने के लिए शुरू करें लेकिन इसे शुरू कर देने के बाद आप महसूस करेंगे कि आप खुद भी अपने आप को ऐसा ही देखना पसंद करते हैं, सिंपल, क्लियर, पॉजिटिव और हेल्पफुल। तो बस! देर किस बात की, अभी से इन आदतों को अपनाना शुरू कर दीजिये, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आप इन्हें ज़रूर अपना सकेंगे और ऐसा कर लेने के बाद आप दुनिया के साथ-साथ खुद के भी पसंदीदा व्यक्ति बन जाएंगे।

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