इलेक्ट्रान की खोज किसने की?

0

आइये जानते हैं इलेक्ट्रान की खोज किसने की। तत्व का सबसे छोटा कण परमाणु होता है जो परमाण्विक तत्वों से मिलकर बनता है। ये परमाण्विक तत्व होते हैं- प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में पाए जाते हैं और इलेक्ट्रॉन उस नाभिक के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं।

ऐसे में क्यों ना, आज इलेक्ट्रॉन के बारे में बात की जाये। तो चलिए, आज जानते हैं इलेक्ट्रॉन से जुड़ी ख़ास बातें।

इलेक्ट्रान की खोज किसने की? 1

इलेक्ट्रॉन पर ऋणावेश (नेगेटिव चार्ज) होता है। इसे e¯ प्रतीक से दर्शाया जाता है। ये परमाणु में नाभिक के चारों ओर तेज गति से चक्कर लगाता है। इसका द्रव्यमान सबसे छोटे परमाणु यानी हाइड्रोजन से भी हजार गुना कम होता है।

इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.109 × 10−31 किग्रा. होता है और इस पर विद्युत् आवेश 1.6 × 10-19 कूलाम (C) होता है।

इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण पॉजिट्रॉन होता है। द्रव्यमान के अलावा पॉजिट्रॉन के सारे गुण इलेक्ट्रॉन के विपरीत होते हैं।

तत्वों की रासायनिक प्रकृति नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन की व्यवस्था पर निर्भर होती है, जो कक्षाओं (शेल्स) में व्यवस्थित रहते हैं।

इलेक्ट्रान की खोज

इलेक्ट्रॉन की खोज का श्रेय ब्रिटेन के महान भौतिकविद जे. जे. थॉमसन को जाता है जिन्होंने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज की और बताया कि इन पर ऋण आवेश पाया जाता है। उनकी इस खोज के बाद इलेक्ट्रॉन को प्राथमिक कण माना गया जिसका आकार परमाणु से भी छोटा होता है।

इलेक्ट्रॉन की खोज करने के लिए जे. जे. थॉमसन ने ‘कैथोड रे परीक्षण’ भी किया जिसमें उन्होंने–

  • एक कांच की ट्यूब लेकर, उसके अंदर की सारी हवा बाहर निकाल दी और उसमें निर्वात बना दिया।
  • इसके बाद थॉमसन ने उस ट्यूब के दोनों सिरों पर इलेक्ट्रॉड लगा दिए।
  • जब दोनों इलेक्ट्रॉड पर बाहर से अधिक मान का वोल्टता स्रोत जोड़ा गया तो थॉमसन ने देखा कि कणों की बौछार कैथोड इलेक्ट्रोड (ऋणात्मक) से एनोड इलेक्ट्रोड (धनात्मक) की तरफ गति कर रही है।
  • कणों को धनात्मक सिरे की ओर गति करते देखकर थॉमसन समझ गए कि उन कणों पर ऋणात्मक आवेश है इसलिए वो कण धनात्मक इलेक्ट्रोड द्वारा आकर्षित किये जा रहे थे।
  • इसी आधार पर थॉमसन ने उन ऋणात्मक आवेशित कणों को इलेक्ट्रॉन नाम दिया और इस प्रयोग को ‘कैथोड रे ट्यूब (CRT) प्रयोग’ कहा गया।

इलेक्ट्रॉन की खोज करके थॉमसन ने विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति ला दी और उनकी इस महान खोज के लिए उन्हें 1906 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उम्मीद है जागरूक पर इलेक्ट्रान की खोज कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

दिमाग में नकारात्मक विचार क्यों आते हैं?

जागरूक यूट्यूब चैनल

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here