ईमेल का आविष्कार

आइये जानते हैं ईमेल का आविष्कार किसने किया। एक जमाना था जब राजा के संदेशवाहक दूर-दराज के राज्यों में जाकर सन्देश दिया करते थे और वहां से महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आते थे। ऐसा करने में बहुत ज्यादा समय लग जाया करता था।

सोचिये, अगर आज आपको भी कोई खास इन्फॉर्मेशन शेयर करने के लिए अपने सहकर्मियों, दोस्तों और रिश्तेदारों के घर जाना पड़े तो कैसा हो? ये बिलकुल आसान नहीं होगा ना!

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इसलिए शुक्रिया कहिये इस टेक्नोलॉजी को और इसे हम तक पहुँचाने वाले इन्वेंटर्स को भी, जिन्होंने हमारा हर काम इतना आसान बना दिया है कि सब कुछ चुटकियों में किया जा सकता है।

ऐसा ही एक महान आविष्कार रहा है ईमेल का आविष्कार, जिसने एक जगह बैठे रहकर देश-दुनिया में जानकारी शेयर करना एकदम आसान बना दिया है। ऐसे में आज जानते हैं ईमेल के आविष्कार के बारे में।

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ईमेल का आविष्कार

ईमेल / इलेक्ट्रॉनिक मेल इंटरनेट के जरिये किसी कंप्यूटर या किसी दूसरी डिवाइस से लेटर भेजने का एक तरीका है। ये तरीका बेहद आसान है और इसे कंप्यूटर के अलावा स्मार्टफोन से भी भेजा जा सकता है।

1971 में अमेरिकी इंजीनियर रेमंड टॉमलिंसन ने एक प्रोग्राम तैयार किया जिससे ईमेल का कांसेप्ट सामने आया। इसके तहत अलग-अलग कंप्यूटर पर बैठे लोग एक-दूसरे को टेक्स्ट मैसेज भेज सकते थे।

रेमंड ने ये प्रोग्राम ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) के लिए लिखा था। उन्होंने ही पहली बार @ का इस्तेमाल किया। इस साइन को यूजरनेम और डेस्टिनेशन एड्रेस को जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

भारतीय मूल के डॉक्टर वीए शिवा अय्यादुरई ने 14 साल की उम्र में ही ईमेल की खोज कर ली। रे टॉमलिंसन के ईमेल में जहाँ केवल टेक्स्ट मैसेज था, वहीं शिवा अय्यादुरई के ईमेल में इनबॉक्स, आउटबॉक्स, ड्राफ्ट्स, फोल्डर, अटैचमेंट्स, कार्बन कॉपी, ग्रुप, फॉरवार्डिंग, रिप्लाई, डिलीट, आर्काइव जैसे सभी ऑप्शंस थे।

शिवा अय्यादुरई ने 1982 में पहली बार ईमेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल सिस्टम) के लिए कॉपीराइट कराया। इसके लिए उन्हें ‘वेस्टिंग हाउस साइंस टैलेंट सर्च ऑनर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित भी किया गया था।

स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री द्वारा शिवा अय्यादुरई के ईमेल प्रोसेस को एक्सेप्ट कर लिया गया।
लेकिन ये तय कर पाना अभी तक मुश्किल ही है कि ईमेल की खोज का पूरा श्रेय शिवा अय्यादुरई को दिया जाये या इस महान खोज को दो महान आविष्कारकों में साझा किया जाये क्योंकि @ की खोज के बिना मेल भेजना संभव नहीं था और केवल टेक्स्ट मैसेज को ईमेल नहीं माना जा सकता।

उम्मीद है जागरूक पर ईमेल का आविष्कार कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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