आइये जानते हैं एथिकल हैकिंग क्या है। साइबर वर्ल्ड का एक पॉपुलर शब्द है हैकिंग, जिसका नाम सुनते ही लोग घबरा जाया करते थे लेकिन पिछले कुछ समय में इससे जुड़ी थोड़ी जानकारी मिलने से लोगों ने इसे समझना शुरू कर दिया है।

हैकिंग वायरस की तरह कम्प्यूटर की एक बहुत बड़ी समस्या होती है जिसमें हैकर उस कंप्यूटर और उससे जुड़े अकाउंट पर पूरी तरह हावी हो जाता है और डाटा चुराने के लिए स्वतंत्र हो जाता है।

यहीं से शुरू होती है मुश्किलें, जिनसे बचने के लिए एथिकल हैकिंग का चलन बढ़ा है। ऐसे में आपको भी एथिकल हैकिंग के बारे में जरूर जानना चाहिए। तो चलिए, आज जानते हैं एथिकल हैकिंग के बारे में।

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एथिकल हैकिंग क्या है?

वर्चुअल वर्ल्ड के बढ़ते दायरे ने कंप्यूटर हैकिंग की समस्या को इतना बढ़ा दिया कि इससे निपटने के लिए प्रोफेशनल एथिकल हैकर्स की मांग तेजी से बढ़ी, जिसके कारण एथिकल हैकिंग को करियर के तौर पर चुनने का विकल्प भी खुला है।

एथिकल हैकर आईटी सिक्योरिटी प्रोफेशनल की तरह होते हैं। उनमें वो सभी स्किल्स होती है जो एक हैकर में होती है लेकिन इन स्किल्स का इस्तेमाल वो कंप्यूटर और साइबर वर्ल्ड को सुरक्षित रखने के लिए करते हैं।

इन प्रोफेशनल हैकर्स को सुरक्षा विश्लेषक, पैनीट्रेशन टेस्टर्स या व्हाइट हैकर भी कहते हैं। इस चैलेंजिंग करियर में कई बार 24*7 सर्विस देनी होती है। इस फील्ड में करियर बनाने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की नॉलेज होना जरुरी है इसलिए कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिग्री होना जरुरी है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और विंडोज, लिनक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी होना भी जरुरी है। इस कोर्स में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्सेज में से सही विकल्प चुना जा सकता है।

एथिकल हैकिंग का कोर्स करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों और फोरेंसिक ऑर्गनाइजेशंस में करियर ऑप्शन खुले रहते हैं। सरकारी विभागों में भी साइबर सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सँभालने वाली बहुत सी संस्थाओं में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। जॉब के अलावा साइबर सिक्योरिटी कंसल्टेंट का विकल्प भी काफी अच्छा है।

उम्मीद है जागरूक पर एथिकल हैकिंग क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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