कभी मंदिरों में सोया करते थे आज है 4.5 हजार करोड़ के मालिक

आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने वाले हैं जो अफ्रीका के रिचेस्ट 50 लोगों में गिने जाते हैं। लेकिन एक समय था जब यह बहुत गरीब थे।

नरेंद्र रावल अफ्रीका के केन्या में एक जाना माना नाम है उनके साउथ अफ्रीका में कई स्टील और सीमेंट के प्लांट हैं। करीब 4.5 हजार करोड़ की नेटवर्थ वाले नरेंद्र अग्रवाल सामाजिक कार्यों के लिए भी फेमस है। उन्हें केन्या का सर्वोच्च अवार्ड Elder of Burning Spear भी दिया जा चुका है तो चलिए उनके जीवन के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

रावल के पिता स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते थे उनके परिवार में दो भाई एक बहन हैं जिनमें रावल सबसे बड़े हैं।

उन्होंने बारहवीं तक कॉमर्स और संस्कृत में पढ़ाई की है।

मात्र 12 वर्ष की उम्र में वह दिवाली के पटाखों की दुकान लगाकर मात्र ₹6000 कमाया करते थे।

यहीं से उन्होंने बिजनेस की शुरुआत की और कई छोटे-मोटे बिजनेस किये।

नैरोबी स्थित स्वामीनारायण मंदिर में पुजारी के ना होने के चलते रावल पुजारी की भूमिका निभाते थे और वहीं पर सो भी जाते थे।

3 साल तक वह इस मंदिर में पुजारी रहे इसके बाद अपने परिवार की जिद के चलते उन्होंने शादी कर ली और उन्होंने उन्हें मंदिर छोड़ना पड़ा।

इसके बाद उन्होंने नैरोबी में एक हार्डवेयर की दुकान में काम किया और रोजाना वह 18 घंटे काम करते थे। दुकान पर काम करने के दौरान उनकी मुलाकात स्टील बिजनेसमैन धारा भाई पटेल से हुई। धारा भाई ने उन्हें करीबन 400000 रुपए की मदद की और उन्हें खुद की दुकान खुलवा दी। उनकी दुकान चल निकली और 1992 में $70000 का लोन भी मिल गया। इन पैसों से रावल ने एक छोटी सी कंपनी खोले ली।

इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा नैरोबी टाउन में उन्होंने एक बड़ी स्टील की कंपनी खोली। इस स्टील की कंपनी के बाद रावल भाई ने दिनों दिन तरक्की करना शुरु कर दिया और इसी के चलते वह आज केन्या में कई स्टील कंपनियों के मालिक भी हैं। रावल भाई के यूथोपिया, युगांडा और कांगो में कई स्टील की फैक्ट्रियां हैं और अब उनका एविएशन पैकेजिंग और रियल स्टेट का भी बिजनेस चल निकला है।

उनकी कंपनियों में अफ्रीका के 4000 से भी अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वह अफ्रीका की सबसे बड़ी बिल्डिंग मेटेरियल कंपनी के मालिक भी हैं। उनके नैरोबी में चार स्टील प्लांट और दो सीमेंट कंपनियां हैं। उनका वार्षिक 7.5 लाख टन स्टील का उत्पादन है और वह 45000 करोड़ का टर्नओवर करते हैं। उन्होंने केनिया में गरीब बच्चों के लिए शिक्षा पानी और एड्स पीड़ितों के लिए सामाजिक कार्यों में कई सर्वोच्च कदम उठाए हैं। 2007 में उन्हें केन्या के प्रेसिडेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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