पाक अधिकृत कश्मीर (POK) से जुड़े तथ्य

अक्टूबर 3, 2016

पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को पाकिस्तान में आजाद कश्मीर कहा जाता है और यह सदा से ही भारत और पाकिस्तान के बीच में एक बहुत बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। लेकिन POK से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जो आम भारतीय नहीं जानता, तो चलिए इन तथ्यों के बारे में आज हम आपको बताते हैं।

यूनाइटेड नेशन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन POK को पाकिस्तान एडमिनिस्ट्रेटर कश्मीर के नाम से जानती है। पाक अधिकृत कश्मीर की सीमाएं चीन और अफगानिस्तान के साथ लगी हुई है।

पाक अधिकृत कश्मीर को कभी भी प्रत्यक्ष तौर पर ब्रिटिशर्स के द्वारा संचालित नहीं किया गया क्योंकि ब्रिटिशर्स के समय में जम्मू कश्मीर महाराजा हरी सिंह के द्वारा शासित किया जाता था। उसी लिहाज से पाक अधिकृत कश्मीर को कभी भी सीधे तौर पर ब्रिटिश शासन ने अपने अधीन नहीं किया।

भारत और पाकिस्तान के बटवारे के बाद महाराजा हरि सिंह जम्मू कश्मीर को एक अलग रियासत के तौर पर रखना चाहते थे इसीलिए वह ना तो भारत के साथ जुड़े और ना ही पाकिस्तान के साथ।

लेकिन कुछ ही समय बाद पठान जनजाति ने जम्मू और कश्मीर पर हमला बोल दिया और यहां पर घुसपैठ बढ़ गई जिसके कई अलग-अलग साक्ष्य इतिहास में दर्ज है।

पाक अधिकृत कश्मीर का कुल क्षेत्रफल 13297 स्क्वायर किलोमीटर है और यहां की आबादी अनुमानित तौर पर 4.6 मिलियन है, पाक अधिकृत कश्मीर मुजफ्फराबाद के पास है।

माना जाता है कि पठानों की घुसपैठ के बाद महाराजा हरि सिंह ने लॉर्ड माउंटबेटन को जो कि उस समय भारत के गवर्नर थे मदद के लिए एक पत्र लिखा। इस पत्र के जवाब में माउंटबेटन ने जम्मू और कश्मीर की मदद करने के लिए हामी भर दी और 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय कर लिया।

26 अक्टूबर को कश्मीर में बहुत ही उत्साह पूर्वक मनाया गया इस दिन यहां पर बहुत सारे पटाखे फोड़े गए और भारतीय राष्ट्र गान को गाया गया, यहां पर भारतीय झंडा भी फहराया गया। लेकिन दूसरी तरफ कश्मीरी अलगाववादियों के लिए यह एक काला दिन माना गया।

पाक अधिकृत कश्मीर के उत्तरी क्षेत्र जिसे आप नक्शे पर देख सकते हैं वह पाकिस्तान ने चाइना को 1963 में दे दिया। यह माना जाता है कि पाकिस्तान ने यह हिस्सा चाइना को तोहफे के तौर पर दे दिया, इस क्षेत्र को मैप पर दर्शाया गया है।

पाक अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान के द्वारा संचालित किया जाता है। पाकिस्तान यह दावा करता है कि वहां पर उन्होंने लेजिस्लेटिव एसेंबली का निर्धारण किया है लेकिन यह सब एक दिखावा है।

पाक अधिकृत कश्मीर मुख्य रूप से पाकिस्तानी राष्ट्रपति के अंतर्गत आती है लेकिन वहां पर एक अलग से प्रधानमंत्री का चुनाव किया जाता है जो चीफ एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करता है।

पाक अधिकृत कश्मीर में अलग से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट है।

लश्कर-ए-तोएबा पाक अधिकृत कश्मीर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन है और इसके पाक अधिकृत कश्मीर में कई ट्रेनिंग कैंप है।

भारत में 26/11 हमलों के दौरान पकड़ा गया आतंकवादी अजमल कसाब भी मुजफ्फराबाद जो कि पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी है वही का रहने वाला था।

पाक अधिकृत कश्मीर में ना तो कोई मीडिया है और ना ही कोई समाज सेवी संगठन। सब कुछ पाकिस्तान की हुकूमत के द्वारा निर्धारित किया जाता है, वहां की जनता को अपनी आवाज उठाने की आजादी नहीं है।

पाक अधिकृत कश्मीर में सिर्फ आजाद कश्मीर रेडियो ही चलाया जा सकता है वही जनता के मनोरंजन का साधन भी है।

पाक अधिकृत कश्मीर की मुख्य आबादी खेती पर निर्भर है। इसके अलावा टूरिज्म भी यहां पर एक व्यापार के रूप में देखा जाता है।

1971 की लड़ाई को छोड़कर पाक अधिकृत कश्मीर ही भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई का कई बार कारण रहा है।

आपको बता दें कि यह विवाद किसी भी रुप से कोई एकोनोमिक वैल्यू नहीं रखता। लेकिन फिर भी यह दोनों देशों के लिए एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है। कोई भी गवर्नमेंट इस मुद्दे पर सहजता से बात करने के लिए तैयार नहीं है।

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने यूनाइटेड नेशंस के द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर को समझाने की कोशिश की थी लेकिन यह मुद्दा सुलझ नहीं पाया।

“साँपों से जुड़े अनसुने रोचक तथ्य”

शेयर करें