जीवन में सही लक्ष्य का होना क्यों है ज़रूरी

477

जीवन किसी भी मनुष्य के लिए आसान नही होता है, ज़िंदगी के हर पड़ाव पर संघर्ष का सामना करना ही पड़ता है। चाहे कोई महान व्यक्ति ही क्यों ना हो, उन्हें भी अपनी महानता की कीमत अवश्य अदा करनी पड़ी है। जीवन को आसान बनाया जा सकता है, यह कोई बहुत बड़ी चुनौती नही है। बस ज़रूरत है तो एक सोच की एक दृढ़ निश्चय की। सबसे पहले तो आप अपने जीवन में सही लक्ष्य का चुनाव कीजिए क्योकि विश्व के सभी महान व्यक्तियों ने अपने जीवन में सही लक्ष्य को समझा और पकड़े रखा, तभी आज हम सब ऐसी हस्तियों को याद करते है। अगर आप अभी तक बिना लक्ष्य का जीवन जी रहे है तो अब समय आ गया है कि आप अपना लक्ष्य निर्धारित करे क्योकि बिना लक्ष्य के जीवन तो दुर्लभ होगा ही साथ ही आप अपने संपूर्ण जीवन में ज़्यादा कुछ हासिल भी नही कर पायेंगे। इस तथ्य को हम एक बहुत ही अच्छे उदाहरण से समझते है।

”एक कार चाहे कितनी भी अच्छी या आरामदायक क्यों ना हो, चाहें कितना भी अच्छा average भी क्यों ना देती हो, लेकिन petrol के बिना तो नही चल सकती। चलिए मान भी लेते है कुछ दूर जैसे-तैसे चला के या धक्का मार के ले भी जाते है तो जल्द ही हम थक के बैठ जायेंगे और अपनी मंज़िल तक नही पहुँच पायेंगे क्योकि बिना petrol के कार को ज़्यादा दूर तक ले जाना संभव ही नही है।”

ठीक इसी प्रकार हमारी जिंदगी भी कार की तरह है। कुछ goals हो तो जीवन में उत्सुकता भी बनी रहती है। जिस दिन हमारे मन-मस्तिष्क में जिज्ञासा का जन्म होता है तो हमारा मन इस जिज्ञासा के कारण अपने लक्ष्य को पाने के लिए मचलता रहता है और हमारे मस्तिष्क को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। फिर एक ना एक दिन वो समय भी आ जाता है जब हम अपने goals तक पहुँच जाते है। लेकिन, जीवन में सही लक्ष्य ही न हो तो, बिना पेट्रोल की कार की तरह जिंदगी भी धक्के मार-मार के जैसे-तैसे ही चलेगी और फिर धक्का मारते-मारते एक समय ऐसा आता है कि हम जीवन से थक जाते है। फिर ऐसे लोग जिंदगी को जिंदादिली से जीते नही है बल्कि जीवन को काटने के सिवा बचेगा ही नही कुछ करने को। अब यह आप को तय करना है कि इस अनमोल जीवन को सही लक्ष्य के साथ जोड़ कर उत्साहित हो कर जीना है या काटना है?

जिग जिगलर का विचार:-”एक घर बनाने के लिए एक योजना की आवश्यकता होती है। ज़िन्दगी बनाने के लिए यह और भी ज़रूरी हो जाता है कि हमारे पास एक योजना हो, एक लक्ष्य हो।”

1. लक्ष्य होते क्या है? :- अभी तक आपने यह तो समझ ही लिया होगा कि जीवन में लक्ष्य क्यों जरूरी है? जीवन में सही मार्ग पर चलने के लिए सही लक्ष्य का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। हर मनुष्य के लिए लक्ष्य का मतलब अलग-अलग हो सकता है। लक्ष्य एक ऐसा कार्य है जिसे हम सिद्ध करने की मंशा रखते है। चलिए इस point को एक अच्छे उदाहरण से समझते है। जैसे कि – एक गृहणी का लक्ष्य गृह उद्दोग का हो सकता है, एक नौकरी पैशा व्यक्ति के लिए तरक्की का लक्ष्य हो सकता है, एक खिलाड़ी का लक्ष्य देश के लिए खेलना हो सकता है, एक छात्र का लक्ष्य 90% अंक लाना हो सकता है, एक समाज सेवक का लक्ष्य किसी गाँव को साक्षर बनाना हो सकता है, एक आम इंसान का लक्ष्य बहुत बड़ा बिजनेस मेन बनने का हो सकता है। हो सकता है आपका लक्ष्य इनमें से कुछ अलग हो लेकिन जो भी हो बिल्कुल आपकी इच्छा के अनुरूप हो, इस बात का सदा ध्यान रखे।

2. सही लक्ष्य का चुनाव कैसे करे? :- आप जब भी किसी से मिलते है और हाल-चाल पूछते है तो 90% से ज़्यादा जवाब आपको यही मिलता होगा ”बस यार जिंदगी ठीक-ठाक कट रही है” शायद आपका भी यह जवाब कही न कही ज़रूर होता होगा? अब आप यह सोचते होंगे? ऐसा क्यों कहते है हम? आपके इस क्यों का जवाब कुछ इस तरह है- जब आप किसी कार्य को enjoy नही करते तो इसका अर्थ यह हुआ कि यह आपका सही लक्ष्य नही है। जिस कार्य को दिल चाहता है या जिसे करने से आपको असीम खुशी की अनुभूति होती है वह कार्य सही लक्ष्य पे निर्धारित है।

जरा सोचिए लता मंगेशकर जी गायिका की जगह कुकिंग करती तो क्या वो अपने जीवन में इतनी सफल हो पाती?

”अगर अमिताभ बच्चन जी को उनके पिता अभिनेता की जगह शिक्षक बनाते तो क्या बच्चन जी आज करोड़ों दिलों पर राज कर पाते?

ऐसे ही ना जाने कितने अनगिनत उदाहरण आपके आस-पास भी होंगे? सबसे पहले कुछ सवाल आप अपने दिल से कीजिए, जिससे आपको सही लक्ष्य के चुनाव में मदद मिलेगी। सवाल कुछ इस तरह के हो:-

  • क्या मुझे अपने काम में मज़ा आ रहा है?
  • क्या मैं अपनी इच्छानुसार काम कर पा रहा / रही हूँ?
  • मैने खुद के लिए जो सपने देखे थे क्या उसे पूरा करने के लिए मैं प्रयास कर रहा / रही हूँ?
  • क्या मैं सच में वही कार्य कर रहा / रही हूँ, जिसके लिए मेरा मन हमेशा मचलता था?

इन्हीं सवालों में आपको अपना उत्तर मिल जायेगा, अगर ना मिला हो तो इसका मतलब आपका लक्ष्य अभी तक सही नही है क्योकि जब लक्ष्य सही होता है तो सवाल ही नही होते। goal सही हो तो सफलता आपके पीछे दौड़ी चली आयेगी और आपको आपका कार्य बोझ नही लगेगा। जब किसी काम से आपका मन खुश होता है तो आपकी कार्य क्षमता भी दुगनी हो जाती है और आप अपने लक्ष्य तक जल्दी ही पहुँच जाते है। फिर खुद को आप इस लायक समझने लग जायेंगे कि अब आप दूसरों के लक्ष्य को पूरा करने में भी सहायक बन सकते है।

3. लक्ष्य का मार्ग सही हो:- लक्ष्य मनुष्य को एक सही दिशा देता है कि कौन सा कार्य आपको करना है और कौन सा नही। मान लीजिये आपको आपके मित्र के घर जाना है अगर आपको सही मार्ग पता है तो आप पहुँच जायेंगे और अगर मार्ग ही नही पता तो आप सारा दिन घूमते-घामते भटकते हुए थके हारे समय नष्ट करके घर आ जायेंगे। जीवन भी ठीक इसी तरह है लक्ष्य ना होने पर जीवन जीते तो है, लेकिन जीवन के किसी पड़ाव पर जब आप पीछे मुड़ के देखेंगे तो पछताने के अलावा कुछ नही होगा आप के पास और सोचेंगें कि आपने अपने पूरे जीवन में कुछ हासिल नही किया। अगर लक्ष्य सटीक हो तो हमारा subconscious mind हमें उसी के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। जब mind में goal clear हो तो उसे पाने के सभी रास्ते भी सही नज़र आते है, फिर इंसान उसी मार्ग पर अपना सही कदम बढ़ाता है।

4. अपनी क्षमता का सही उपयोग करे:- जीवन बहुत ही सीमित होता है। ईश्वर ने हर इंसान को सीमित समय और क्षमता दी है। उसी अंतराल में अगर आप अपने सही लक्ष्य को पकड़ कर चलेंगे तो उसी सीमित समय में आपकी उर्जा और एकाग्रता का दायरा कई गुणा अच्छा हो जाता है। मान लिजिये आप बिना किसी खास किताब पढ़ने के इरादे से पुस्तकालय में जाते है तो कुछ किताबों के पन्ने पलटेंगे या पढ़ लेते है, वही अगर आप किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के इरादे से जाते है तो आप प्रोजेक्ट से संबंधित किताबें ही पढ़ेंगे और अपना काम पूरा करेंगे। दोनों ही स्थिति में समय तो बराबर लगा, लेकिन आपकी कार्य क्षमता में रात-दिन का फर्क पड़ता है। ठीक इसी तरह जीवन भी बिना लक्ष्य का हो तो आप पूरी जिंदगी अपना समय नष्ट करते है और नतीजा कुछ खास नही आता. ठीक इसके विपरीत अगर आप अपने सही लक्ष्य को जान जायें तो आपकी उर्जा और क्षमता का सही जगह पर आप उपयोग कर पायेंगे और समय आने पर नतीजे भी अनुकूल मिलते है।

नेपोलीयन हिल के विचार:- ”एक लक्ष्य एक समय सीमा के साथ देखा गया सपना है।”

5. एक सफल लक्ष्य क्या है? :- दुनिया में किसी से भी पूछो सब एक ही जवाब देंगे, मुझे एक सफल व्यक्ति बनना है। सबके लिए सफलता का मतलब अलग-अलग हो सकता है। अगर आप बिना लक्ष्य के कुछ समय के लिए सफल हो भी जाते है तो आप औरों के लिए तो सफल व्यक्ति है, लेकिन आप अपनी नज़र में सफल है या नही इसका पता तो तभी चलेगा जब आप अपने द्वारा ही तय किये हुये लक्ष्य को देखेंगे। इसलिए दुनिया की नज़र में आप सफल हो या ना हो, लेकिन खुद की नज़र में एक सफल व्यक्ति अवश्य बने।

6. मन की दुविधा को कैसे करें दूर? :- जिंदगी में हमारे सामने कई सुनहरे अवसर आते-जाते रहते हैं, लेकिन हम सारी opportunities का लाभ उठा पायें उतनी हमारे अंदर क्षमता नही होती। इसलिए कभी opportunities को हाँ तो कभी ना करना ही होता है। ऐसी स्थिति में हमारे मन में कई उथल-पुथल चलती है कि हमें क्या करना चाहिए क्या नही? ऐसी परिस्थिति में हमारा लक्ष्य हमें मार्गदर्शन देता है। जैसे कि मेरा और मेरे पति का लक्ष्य एक स्कूल खोलने का है, ऐसी situation में अगर दो jobs आती है जिसमें एक शिक्षक की नौकरी है, तो बिना किसी दुविधा के मैं उस job को हाँ कर दूँगी, भले ही मुझे दूसरे offer के सामने कम वेतन ही क्यों ना मिले। वहीं अगर हमारे सामने कोई सटीक लक्ष्य ही ना होता तो हम तमाम कारकों का मूल्याकंन करते रह जाते और अंत में अधिक वेतन को ही निर्णायक लक्ष्य बना लेते। जिसमे कुछ समय के लिए पैसा तो अधिक होगा, लेकिन मन में एक कशिश ज़रूर रहेगी कि काश उस वक्त मैं पैसे से ज़्यादा अपने लक्ष्य का चुनाव करता तो शायद आज जीवन जीने का मज़ा ही कुछ ओर होता। आप अपने जीवन में इस काश को कोई स्थान ना दे। जिस कार्य में आपका दिल और दिमाग दोनों साथ देता हो वो कार्य करे। यह ना देखे की इसमे प्रसिद्धि है या नही, क्योकि मनचाहा कार्य करने से एक दिन ऐसा आयेगा कि बड़े-बड़े वेतन का ऑफर भी आपको अपने कार्य के आगे छोटा लगेगा। बस इतना समझ लीजिए आपके सपने आपके लक्ष्य के साथ ही पूरे हो सकते है वो और कही नही होंगे।

अर्नोल्ड एच ग्लासगो का कथन – ”फुटबाल कि तरह ज़िन्दगी में भी आप तब-तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक आपको अपने लक्ष्य का पता ना हो।”

जिम रौन का कथन – ”यदि आप खुद अपनी ज़िन्दगी की योजना नहीं बनाते हैं तो संभव है कि आप किसी और की योजना के अंतर्गत आ जायें और ज़रा सोचिये उन्होंने आपके लिए क्या योजना बनाई होगी? ज्यादा कुछ नहीं।”

यह विचार बिल्कुल सटीक है। अगर आप अपने सपनों को छूना चाहते है, जिंदगी को जिंदादिली से जीना चाहते है तो आपको बिना समय गँवाए अपने सही लक्ष्य का चुनाव आज ही करना होगा क्योकि ‘अभी नही तो कभी नही। इसी फैसले के बाद boring जिंदगी में मज़ा आयेगा और जीवन में आनंद व खुशियाँ भी बनी रहेगी।

हमने इस लेख के माध्यम से पूरी कोशिश की है की आपको आपके लक्ष्य की पहचान करा पायें। आपको यह लेख कैसा लगा? ज़रूर बताएं। आपकी प्रतिक्रिया हमारा उत्साह बढ़ाती है और हमें और भी बेहतर होने में मदद व प्रेरणा देती है जिससे हम और भी अच्छा लिख पाएं।

“जीवन में सफल इंसान बनने के लिए सुबह उठकर जरूर करें ये 5 काम”
“जानिए अवचेतन मन क्या है और हमारे जीवन में इसकी क्या महत्वता है”
“ईमानदारी – जीवन का सत्य”

Add a comment