बच्चों को न दें ये फूड कॉम्बिनेशन

सितम्बर 14, 2018

जैसे ही बच्चे का जीवन में आगमन होता है उसके प्रति घर के सभी सदस्य सजग हो जाते है। ऐसा होना स्वभाविक भी है आखिर घर में बच्चे के आगमन से रौनक जो आती है। लेकिन माता-पिता के लिए उनका बच्चा पहली प्राथमिकता बन जाता है वो सब कुछ छोड़कर पहले यह सोचते है की इसकी अच्छी से अच्छी देखभाल कैसे की जाए। ऐसा क्या करे की यह हमेशा सुरक्षित रहे, जल्दी से बीमार ना हो, रोए नहीं, नींद अच्छी ले, क्या खाए, क्या पहने से लेकर ना जाने कहाँ तक सोचने लग जाते है। आखिर माँ-बाप जो है इसलिए चिंता भी वाजिब है। माता-पिता होने के कारण आप अपने बच्चे का हर संभव ख्याल रखते है। बढ़ते बच्चों को खाने में क्या हेल्दि दें यह भी माता-पिता के लिए एक समस्या है क्योंकि बिना टेस्ट के तो बच्चा खाएगा नहीं। तो क्या आप अपने बच्चे को देने वाले फूड कॉम्बिनेशन का भी पूरा ख्याल रखती है। पढ़कर शायद आपको कुछ अजीब लगे और शायद आपके मन में यह विचार भी आए क्या हमें नहीं पता हमारे बच्चे के लिए क्या उचित है और क्या नहीं। हम तो आपको कुछ फूड कॉम्बिनेशन के बारे में बताना चाहते है जिससे आप अपने बच्चे के खान-पान के प्रति ओर भी सजग हो जाए।

मनुष्य फल, सब्जी, अनाज, माँस आदि हर तरह का भोजन करते आ रहा है इसलिए मनुष्य को सर्वहारी कहा जाता है। सदियों पहले भोजन का एक मात्र स्त्रोत जंगली फल या जानवरों का माँस हुआ करता था। जैसे-जैसे समय बदला मनुष्य में भी बदलाव आए। इंसान एक जगह बसने लगे और खेती की शुरुआत की। उस वक्त कम खेती पर निर्भर होना पड़ता था। जिस तरह समय की गति तेज हुई इंसान भी तेजी से ओर भी कई चीजों की खेती करने लगा और बढ़ती साइंस और टेक्नोलॉजी की मदद से भोज्य पदार्थ का संश्लेषण कृत्रिम रूप से संभव हुआ।

इसलिए हमें इस बात से अवगत होना चाहिए कि जो चीज़ें हम खाते या खिलाते हैं वह पूरी तरह से सुरक्षित और सेहतमंद नहीं होती। बच्चे नाज़ुक होते है इसलिए कई फूड कॉम्बिनेशन बच्चों को सूट नहीं करता। क्योंकि उनकी पाचन क्षमता बड़ों की अपेक्षा में बहुत कमज़ोर होता है। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी बनती है की हम जो भी चीज बच्चों को खिला रहे है वो उनकी सेहत को बनाए ना की बिगाडे। बच्चों के मामले में तो यह कई हद तक सच है। गलत फूड कॉम्बिनेशन से बच्चों में कब्ज, गैस, पेट का फूलना, पेट दर्द, उल्टी, मानसिक या शारीरिक कमजोरी, बोनापन, मोटापा, सुस्ती, पाचन संबंधी समस्या, डायरिया जैसी कई समस्या का सामना बच्चों को करना पड़ सकता है।

हमने इस लेख के माध्यम से एक सूची तैयार की है जो बच्चों की सेहत के लिए सही नहीं है। वैसे तो बच्चों को यह फूड कॉम्बिनेशन बहुत पसंद आता है फिर चाहे कैसा भी मूड हो इस तरह का खाना वो बड़े चाव से खाते है। लेकिन माता-पिता को बच्चों की सेहत को भी तो देखना है।

केला और दूध – इन दोनों में बहुत सारे न्यूट्रिएंट्स होते है। जो बच्चों के लिए जरूरी है। लेकिन इन दोनों का जोड़ काफी भारी होता है जिसे बच्चे हजम नहीं कर पाते और सुस्ती के साथ-साथ हमेशा अधिक नींद की भी समस्या बनी रहती है। कुछ गंभीर मामलों में तो बच्चों की शारीरिक क्षति के साथ-साथ मानसिक क्षमता में भी कमजोरी आ जाती है।

फल और दही – इन दोनों के मेल से बच्चों को जुखाम-खांसी, साइनस, एलर्जी या कफ जैसी समस्या हो सकती है। बच्चे की अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो इस तरह का कॉम्बिनेशन ना दे।

पिज़्जा और सोडा – फाइबर युक्त भोजन पाचन क्रिया में सहायक है। अगर एक बार में ही स्टार्च, प्रोटीन, फाइबर और कार्बेट्स के सेवन से पाचन तंत्र पर भार पड़ सकता है। जिससे बच्चे के पेट में फुलावट आ सकती है। रोजाना इस तरह के कॉम्बिनेशन से बच्चे का हाजमा भी खराब हो सकता है।

सेरेल और जूस – पौष्टिकता के नाम पर यह कॉम्बिनेशन नुक़सानदायक है। क्योंकि साइट्रस जूस अनाज में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने के लिए आवश्यक एंज़ाइमों की गतिविधि को भी कम करता हैं। अगर आप यह सोच रहे है इस कॉम्बिनेशन से बच्चे को जरूरी न्यूट्रिशन मिल रहा है तो आप गलत सोच रही है। यह खाना सेहत को बिगाड़ने का ही काम करता है।

टमाटर और पास्ता – बड़ों के लिए यह कॉम्बिनेशन इतना बुरा नहीं है जितना बच्चों के लिए। एसिडिक नेचर के कारण टमाटर स्टार्च (पास्ता में होता है) को पचाने में रुकावट पैदा करता है। बच्चों का पेट ऐसी चीजों को पचाने के लिए पर्याप्त एन्ज़ाइम्स का उत्पादन नहीं कर पता। इसलिए इस कॉम्बिनेशन से बच्चों में पेट की कई समस्या आ सकती है। पास्ता में टमाटर की जगह हरी सब्जियों को स्थान दें।

बर्गर और फ्रेंच फ्राई – इस कॉम्बिनेशन का नाम सुनते ही बच्चों के मुँह में पानी आ जाता है। यह दोनों की फूड डीप फ्राइड होते है। इनके सेवन से ब्लड शुगर का स्तर निम्न हो जाता है।

पैरेंट्स होने के नाते हर कोई अपने बच्चे को सेहतमंद देखना ही चाहेंगे। लेकिन यह भी सच है हर वक्त बच्चों पर नजर भी नहीं रखी जा सकती। इसलिए बच्चों को शुरू से ही सही कॉम्बिनेशन वाले फूड दे और साथ में उनकी पौष्टिकता भी बताए। बाद में बच्चे बड़े होकर कभी कुछ खा भी लेते है तो भी उन्हें इस बात की पूरी नॉलेज होती है की माँ ने कहा था यह फूड हेल्दि नहीं है। धीरे-धीरे बच्चा समझ जाता है। अगर आप बचपन से ही ऐसे गलत फूड कॉम्बिनेशन का आदि बना देंगी तो बाद में बच्चा जिद्दी हो जाएगा और आपकी बात नहीं समझ पाएगा। साथ में यह भी ध्यान रखे विपरीत तासीर वाले फूड भी साथ में ना दे जैसे गर्म के साथ ठंडा या मीठे के साथ खट्टा आदि। अगर बच्चा इस गलत फूड कॉम्बिनेशन को नहीं छोड़ रहा तो आप बाकी समय में कुछ हेल्दि खिलाने की कोशिश करे जिससे आहार का संतुलन बना रहे। हमें उम्मीद है अब इन फूड कॉम्बिनेशन को अपने बच्चों को देने से पहले आप दस बार सोचेंगे।

इस बात को हमेशा ध्यान में रखिए बचपन से ही अगर बच्चे का हाजमा खराब हो गया तो आगे जाके बहुत सी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। पाचन तंत्र सही और संतुलित रहे इसलिए गलत फूड कॉम्बिनेशन की मात्रा बच्चे के आहार में धीरे-धीरे कम करते रहे। जिससे बच्चे पर दबाव भी नहीं पड़ेगा और उनकी हेल्थ भी बनी रहेगी।

बच्चे के बारे में कुछ भी राय बनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेकर बच्चे का डाइट चार्ट जरूर ले। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता। क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपके बच्चे की सेहत के बारे में बेहतर जानकारी दे सकता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। हमेशा अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे।

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