जीन किसे कहते है और जीन चिकित्सा क्या है?

मार्च 26, 2018

आपने किताबों के ज़रिये जीन के बारे में थोड़ी जानकारी तो जरूर ली होगी और जीन थैरेपी का ज़िक्र भी कहीं ना कहीं ज़रूर हुआ होगा लेकिन हो सकता है कि आप जीन के बारे में थोड़ा करीब से जानने की जरुरत महसूस करते हो। ऐसे में क्यों ना आज, इसी बारे में बात की जाए कि जीन क्या होते हैं और जीन चिकित्सा क्या होती है। तो चलिए, आज जानते है इस छोटे से जीन के बड़े-बड़े कारनामों के बारे में-

ये तो आप जानते ही हैं कि हमारा शरीर बहुत सारी छोटी-छोटी कोशिकाओं से मिलकर बना हुआ है और कोशिका में केन्द्रक पाया जाता है। इस केन्द्रक में गुणसूत्र होते हैं। ये गुणसूत्र या क्रोमोसोम आनुवंशिक गुणों को निर्धारित भी करते हैं और उन्हें संचारित भी करते हैं। कोशिकाओं पर पाए जाने वाले इन क्रोमोसोम्स पर डीएनए पाया जाता है जिसका आकार घुमावदार सीढ़ी की तरह होता है।

इसी डीएनए का बहुत छोटा सा खंड जीन होता है जो आनुवंशिकता के बुनियादी घटक होते हैं और आनुवंशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने का काम करते हैं। जीन कोशिकाओं को विशेष प्रकार के प्रोटीन का निर्माण करने के लिए निर्देश भी देते हैं।

जीन में हमारी आनुवंशिक विशेषताओं की जानकारी होती है, जैसे हमारी आँखों का रंग क्या होगा, हमारे बालों का रंग कैसा होगा और शरीर को किस प्रकार की बीमारियां हो सकती है। इसके अलावा हमारी शारीरिक शक्ति और क्षमता बाहरी कारणों के अलावा जीन पर भी निर्भर करती है। आमतौर पर एक इंसान में 30 से 40 हजार तक जीन पाए जाते हैं।

आइये, अब जानते हैं जीन थैरेपी के बारे में-

दोस्तों, अब आप ये जान चुके हैं कि जीन इतने छोटे होकर भी कितना प्रभावी काम करते हैं और जीन थैरेपी के ज़रिये किस तरह बीमारियों से निजात पाने के प्रयास तेज़ी से चल रहे हैं। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि बहुत जल्द बड़ी से बड़ी और घातक बीमारियों से लड़ना और निजात पाना संभव हो जाएगा। उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

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“डीएनए टेस्ट क्या है और कैसे किया जाता है?”

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