अगर आपको भी ऑफिस में लंच के बाद सुस्ती आती है तो करें ये उपाय

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गर्मियों के दिनों में अक्सर लंच करने के बाद हमें सुस्ती और नींद आने लगती है और परेशानी तो तब होती है जब हम ऑफिस में हों। ऐसे में हमारा काम में भी दिमाग नहीं लग पाता। अगर आप भी ऐसी समस्या से परेशान हैं तो आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताएंगे जिससे आपकी लंच के बाद होने वाली सुस्ती दूर होगी, आइए जानते हैं कैसे ?

दरअसल दिन में आने वाले आलस को दूर भगाने में बादाम बेहद मददगार साबित होता है। एक शोध के अनुसार लंच के बाद बादाम खाने से ना सिर्फ हमारा दिमाग तेज होता है बल्कि हमारे शरीर में फुर्ती आती है। आइए जानते हैं बादाम हमारे शरीर के लिए किस तरह फायदेमंद है।

दिन की सुस्ती मिटाए बादाम

लंच करने के बाद बादाम खाने से हमारा शरीर तरोताजा हो जाता है और हम फ्रेश महसूस करते हैं इससे नींद और सुस्ती दूर हो जाती है।

बादाम है शरीर के लिए बेहद फायदेमंद

बादाम गुड फैट और फाइबर से भरपूर होता है इसी कारण यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसके अलावा बादाम हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।

दिमाग तेज करे

सुबह उठकर प्रतिदिन 2 बादाम खाने से दिमाग तेज होता है। बादाम विटामिन ई से भरपूर होता है और इसी कारण यह दिमाग के लिए बेहद लाभकारी है।

कोलेस्ट्रॉल

प्रतिदिन 3-4 बादाम खाने से कोलेस्ट्रोल लेवल नियंत्रित रहता है।

आंखों के काले घेरे

आंखों के नीचे काले घेरे होना एक आम समस्या है लेकिन इसे दूर करने के लिए रात को सोने से पहले आंखों के नीचे बादाम का तेल लगा कर सोएं। एक महीने तक रोजाना ऐसा करने पर काले घेरे दूर होंगे।

कैल्शियम से भरपूर

बादाम कैल्शियम से भरपूर होता है जो हमारे दांत और हड्डियों के लिए काफी लाभकारी है।

पाचन तंत्र के लिए

अगर आपके पेट में अपच जैसी समस्या रहती है तो आप रोजाना 3-4 बादाम खाएं इससे आपकी पाचन क्रिया ठीक होगी और पेट हमेशा स्वस्थ बना रहेगा।

ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बादाम बेहद लाभकारी होता है। प्रतिदिन बादाम खाने से ब्लड प्रेशर लेवल नियंत्रित रहता है।

वजन कम करे

अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं तो नियमित रूप से बादाम खाएं इससे आपका वजन जल्दी घटेगा।

शरीर की क्षमता को देखते हुए बादाम की सही मात्रा के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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