घर खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान

जनवरी 27, 2018

आपने वो गाना ज़रूर सुना होगा – ये तेरा घर ये मेरा घर….. ये घर बहुत हसीन है” बिलकुल ऐसे ही घर के अरमान आप भी संजोते है ना, जो आपके सपनों का घर हो और उसमें आपके परिवार को सारी सुविधाएँ मिलें और उस घर में रहते हुए आप बहुत ख़ुशी महसूस करें। ऐसे में घर खरीदते समय किसी भी तरह की जल्दबाज़ी और लुभावने ऑफर्स के प्रभाव में आकर ग़लत निर्णय लेने की बजाये सोच-समझकर, अपने सपनों के घर की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। ऐसे में घर खरीदने से जुड़ी जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि घर खरीदते समय आपको किन ज़रूरी बातों का ख्याल रखना चाहिए-

बिल्डर या एजेंट पर नहीं, कागज़ों पर यकीन करिये – बहुत बार घर खरीदने के दौरान बिल्डर द्वारा तैयार किये गए बुकलेट और ब्रोशर के प्रभाव में आकर और एजेंट की लुभावनी बातों में उलझकर घर से जुड़ा सही निर्णय लेने में चूक हो जाती है। इससे बचने के लिए अथॉरिटी से अप्रूव किया गया लेआउट मैप देखें। सिर्फ इतना ही नहीं, उस प्रोजेक्ट लेआउट में मकानों की संख्या, ओपन स्पेस, ग्रीन स्पेस जैसी चीज़ों की पूरी जानकारी लें।

ज़मीन की वैधता का पता लगाएं – रियल एस्टेट सेक्टर के लिए ज़मीन की बढ़ती किल्लत के चलते ना केवल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही खेती की ज़मीन पर प्लाटिंग की जा रही है बल्कि अब तो छोटे शहरों में भी ऐसा होने लगा है। ऐसे में घर खरीदने से पहले उस ज़मीन पर किसका मालिकाना हक है, ये जानना ज़रूरी है। इसके अलावा अचल संपत्ति के मामले में दो बातें ज़रूर जान लें कि जिस ज़मीन पर ये मकान बने हैं वो किसके नाम है और उस पर किया गया निर्माण नियमों के अनुसार है या नहीं।

ज़रूरी दस्तावेज मांगने में झिझके नहीं – नोएडा जैसे कई शहरों में बहुत से प्रोजेक्ट अटके हुए हैं और इसका कारण मकान बनाने का अप्रूवल नहीं मिलना है जिसके कारण कोर्ट में केस पेंडिंग चलते रहते हैं। कई बार बिल्डर द्वारा अप्रूव मकानों से ज़्यादा मकान या फ्लोर बना दिए जाते हैं। ऐसे में बिल्डर से कम्प्लीशन या ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट माँगना चाहिए क्योंकि ये दोनों सर्टिफिकेट नगर निगम द्वारा बिल्डर को दिए जाते हैं जिनसे ये स्पष्ट हो जाता है कि इस बिल्डिंग का निर्माण सारे नियमों के अनुसार ही हुआ है।

बैंक से होम लोन ज़रूर लें – बैंक लोन लेकर आप केवल घर खरीदने के लिए पैसों का इंतजाम ही नहीं कर सकते बल्कि इसके ज़रिये आप घर से जुड़े प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता का पता भी लगा सकते हैं क्योंकि प्रोजेक्ट के लिए लोन अप्रूव करने से पहले, बैंक उस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच करते हैं और ऐसा होने पर आपको उस प्रोजेक्ट के सही और ग़लत होने का पता चल जाता है। इसके अलावा आपको ये भी जांच लेना चाहिए कि उस होम प्रोजेक्ट को कितने बैंक अप्रूव कर रहे हैं क्योंकि अगर चंद बैंक ही इस प्रोजेक्ट के लिए लोन दे रहे हों तो आपको थोड़ा सावधान होने की जरुरत है।

विज्ञापनों से ज़्यादा प्रभावित होने से बचें – विज्ञापनों का प्रभाव हमारे दिमाग पर बहुत गहरा पड़ता है और जब घर से जुड़े लुभावने विज्ञापन हम देखते हैं तो उनसे प्रभावित होकर घर खरीदने का निर्णय ले लेते हैं जिसके चलते बाद में पछताना पड़ता है। इससे बेहतर यही होगा कि विज्ञापन या ऐसे ऑफर के प्रभाव में आने की बजाये उससे जुड़ी पूरी जांच करें और पता करें कि ये ऑफर मान्य भी है या नहीं। ऑफर के मान्य होने की स्थिति में छुपे हुए चार्जेज के बारे में भी पूरी जानकारी लें।

सुविधाओं के बारे में पता करें – कम बजट के घर खरीदने में जल्दबाज़ी करने की बजाए उसमें मौजूद ज़रूरी सुविधाओं के बारे में पता करें जैसे वहां पानी, बिजली की सप्लाई की क्या व्यवस्था है। इसके अलावा आसपास ट्रांसपोर्ट, मार्केट और स्वास्थ्य सम्बन्धी ज़रूरी सुविधाओं की क्या व्यवस्था है, ये भी जान लें।

दोस्तों, खुद का घर बनाना किसी सपने को पूरा करने जैसा होता है। ऐसे में इस सपने को पूरा करने के लिए अगर आप सावधानी और पूरी जानकारी रखेंगे तो आपका ये सपनों का घर बहुत सारी खुशियां ही लेकर आएगा। बस इसके लिए आपको सही चुनाव करने में थोड़ी मेहनत करने की जरुरत है क्योंकि यहाँ बात आपके सपनों के घर की है और इस घर को सपनों सा खूबसूरत बनाना तो आपके अपने हाथ में है।

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